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साइबर अपराधियों का ‘गढ़’ है जिले का ‘करमाटांड़’

खाताधारक को भी मदद के नाम पर मोटी रकम दी जाती है।

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Indresh Gupta

Apr 23, 2016

Cyber Crime

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देवघर। जामताड़ा जिले का करमाटांड़ साइबर अपराधियों का ‘गढ़’ बन गया है। साइबर अपराधियों की तलाश में अब तक 26 राज्यों की पुलिस यहां आ चुकी है। देवघर जिले का करौं, मारगोमुंडा, सारठ और मधुपुर भी अपराधियों के ठिकाने बनते जा रहे हैं।

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जानकारी के अनुसार साइबर अपराधी ठगी (हैकिंग) के पैसे को छिपाने के लिए ग्रामीणों के बैंक अकाउंट का इस्तेमाल करते हैं। ग्रामीणों से बैंक खाता नंबर लेकर ठगी (हैकिंग) गई राशि को उनके खाते में डलवाते हैं। खाताधारक को भी मदद के नाम पर मोटी रकम दी जाती है।

वहीं एक लाख रुपए दूसरे के खाते में उठाव करने पर खाताधारक को 20 हजार रुपया तक मिल जाता है। पुलिस ने एसी ही शिकायतों पर गुरुवार को देवघर स्थित एक एटीएम के पास से करौं ठेंगाडीह गांव निवासी सुमन मंडल को हिरासत में लिया
था। बताया जाता है इसका साइबर अपराध से जुड़े ठेंगाडीह के 10 युवकों से मधुर संबंध है।


बताया जाता है कि पुलिस से बचने के लिए साइबर अपराधी घर की महिलाओं को हथियार बना कर फरार हो जाते हैं।

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