
उत्तर प्रदेश के देवरिया में सोमवार को 6 लोगों की हत्या कर दी गई।
6 people murdered in Deoria: उत्तर प्रदेश के देवरिया में 6 लोगों की हत्या ने चंबल के खूनी खेल की यादें ताजा कर दी हैं। अभी 5 महीने पहले ही चंबल अंचल के मुरैना में जमीनी विवाद में 6 लोगों की हत्या कर दी गई थी। ऐसे ही देवरिया में भी सोमवार को जमीनी विवाद में एक पक्ष ने पहले दूसरे पक्ष के एक आदमी की हत्या कर दी। उसके बाद गुस्साए दूसरे पक्ष के लोगों ने घर में घुसकर पूरे परिवार को ही खत्म कर दिया।
देवरिया में हुई हत्याकांड की यह कोई पहली घटना नहीं है, जिसमें एक साथ इतने लोगों को मौत के घाट उतार दिया गया है। इससे पहले भी इस प्रकार की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। आइए आपको एक-एक कर बताते हैं पूरी घटना...
मुरैना में जमीनी विवाद में एक साथ 6 की हत्या
आज से पांच महीने पहले 5 मई 2023 को मध्य प्रदेश के मुरैना के लेपा गांव में पुरानी रंजिश के चलते 6 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। मरने वालों में तीन महिलाएं और तीन पुरुष शामिल थे। दो परिवारों के बीच कई सालों से पुरानी रंजिश चली आ रही थी।
2021 पावई हत्याकांड
साल 2021 में पावई क्षेत्र के ग्राम डिडौना में भी जमीन विवाद में कमलेश सैंथिया और उनके बेटे प्रदीप की हत्या करा दी थी, लेकिन सनसनी इस बात पर फैली थी कि उन्हें मारने वाला भी कोई और नहीं बल्कि उनका अपना भतीजा भजनलाल शर्मा था, जिसने गोली मारकर हत्या की। यह डबल मर्डर जमीन के बंटवारे को लेकर हुआ था। हालांकि इस दोहरे हत्याकांड के आरोपी को कोर्ट ने आजीवन कारावास के लिए भेज दिया है।
1987 में मेहगांव के गितौर गांव में हुआ हत्याकांड
साल 1987, गितौर गांव में 5 लोगों की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। विवाद की शुरुआत 1986 में हुई थी, जब गांव के रामनारायण सिंह के खेत पर खड़े ट्रैक्टर में विरोधी सरनाम सिंह और उनके परिवार के लोगों ने आग लगा दी। फायरिंग में रामनारायण सिंह के पक्ष की गोली से सरनाम सिंह की मौत हो गई। सरनाम सिंह की मौत का बदला लेने के लिए 28 जुलाई 1987 को जब परिवार के लोग ट्रैक्टर पर बैठ कर भिंड से घर आ रहे थे तो धनौली के पेढ़ा (तिराहा) के पास पहले से घात लगाए बैठे विरोधियों ने ट्रैक्टर में बैठे पांचों सदस्यों की गोली मारकर हत्या कर दी थी, जिसमे रामनारायण सिंह, उनका बेटा सुरेश सिंह, परिवार के सदस्य प्रहलाद सिंह, वीरेंद्र सिंह और पुरंदर सिंह मारे गए थे।
जमीनी विवाद ने चंबल में पैदा किए बागी
1960 से लेकर 2005 तक कहा जाता था कि चंबल की भूमि अन्न नहीं बल्कि डकैत पैदा करती है, चंबल वह क्षेत्र हैं जहां जमीन विवादों की वजह से कई डकैत और बागी अस्तित्व में आए। इनमें डकैत मोहर सिंह और डाकू मलखान सिंह वे नाम थे, जिन्होंने पूरे देश में अपने नाम का खौफ बरपाया। बताया जाता है कि डकैत मोहर सिंह गोहद क्षेत्र के ग्राम जटपुरा के रहने वाले थे उनके परिवार में ही जमीन को लेकर आपसी विवाद था।
साल 1955 में पारिवारिक विवाद पुलिस तक पहुंचा, जब पुलिस ने भी साथ नहीं दिया तो मजबूरन मोहर सिंह को बंदूक उठानी पड़ी और दुश्मनों से बदला लेने के लिए उन्होंने फायरिंग भी की। इसके बाद वो बीहड़ों में चले गए। साल 1972 में उन्होंने सरेंडर किया उस दौरान उनके ऊपर हत्या के 400 केस थे।
Updated on:
02 Oct 2023 03:53 pm
Published on:
02 Oct 2023 03:49 pm
बड़ी खबरें
View Allदेवरिया
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
