
देवरिया नरसंहार : प्रेम यादव के अवैध कब्जे पर चलेगा बुलडोजर , उसकी जमीन पर नहीं...फिर कैसे हुई यह एक तरफा कारवाई
Deoria : बीते 2 अक्टूबर को हुए सत्यप्रकाश दूबे सहित पांच अन्य सदस्यों के नरसंहार के मुख्य आरोपी नवनाथ मिश्रा उर्फ पट्टू को हत्या में प्रयोग की गई रायफल सहित गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है, नवनाथ ही प्रेम का गनर था।
नवनाथ मिश्रा ने ही दूबे परिवार पर बरसाईं थी गोलियां
नवनाथ मिश्रा उर्फ पट्टू ने ही सत्यप्रकाश दूबे के बेटे गांधी, बेटी सलोनी और पत्नी किरन को गोली मारी थी। नवनाथ प्रेमचंद यादव की गाड़ी चलाने के साथ ही उसका गनर भी था। हत्याकांड के बाद से ही पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त प्रेमचंद की रायफल भी बरामद कर ली है। आजतक इस मामले में 21 लोग जेल भेजे जा चुके हैं।पूछताछ में नवनाथ ने स्वीकार किया कि प्रेमचंद की रायफल से उसने तीन राउण्ड गोली चलाई थी। वारदात के बाद रायफल घर के समीप झाड़ी में छिपा दी थी। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर रायफल बरामद कर ली। सीएचसी रुद्रपुर में उसका मेडिकल कराने के बाद कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
मृत प्रेम के अवैध कब्जे पर चलेगा बुल्डोजर
इस हत्याकांड के मृतक प्रेम यादव के घर पर बुलडोजर चलाए जाने की चर्चा जरूर हो रही है। हालांकि, इसके लिए जिला प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। इतना जरूर हुआ है कि प्रेम यादव के घर पर तहसील प्रशासन ने नोटिस जरूर चस्पा की है। ऐसा इसलिए कि सत्यप्रकाश दुबे ने इसकी लिखित शिकायत की थी कि प्रेम ने सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर निर्माण कराया है।
कैसे हुई एक तरफा कारवाई
अब जब इस हत्याकांड के बाद सत्यप्रकाश के शिकायतों की जांच शुरू की गई तो बीते दिनों प्रेम यादव के जमीन और मकान की बकायदा पैमाइश कराई गई। जिसमें अवैध कब्जे की पुष्टि होने के बाद प्रशासन ने नोटिस चस्पा किया है। साथ ही प्रेम के परिजनों को नोटिस का जवाब देने के लिए बकायदा 7 अक्टूबर तक की मोहलत भी दी थी। परिवार की ओर से जवाब भी दाखिल किया जा चुका है। अब इस मामले की सुनवाई 9 अक्टूबर को होगी। ऐसे में अगर प्रेम यादव के निर्माण पर बुलडोजर चलता भी है तो वो सिर्फ उसके जमीन कब्जा कर कराए गए अवैध निर्माणों पर चलेगा। ना कि उसके पूरे घर पर। ऐसे में इसे एक तरफा कार्रवाई कैसे कहा जा सकता है?
2 अक्टूबर को हुई थी 6 हत्याएं
दरअसल, 2 अक्टूबर की सुबह रुद्रपुर के फतेहपुर गांव में पूर्व जिला पंचायत सदस्य प्रेमचंद यादव की जमीनी विवाद में हत्या हो गई। इसके बाद गुस्साए प्रेम के परिवार और उसके लोगों ने सत्य प्रकाश दुबे समेत उनके परिवार के 5 लोगों की हत्या कर दी। इस मामले को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गंभीरता से लेते हुए प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद और डीजी स्पेशल प्रशांत कुमार को हेलीकाप्टर से ग्राउंड रिपोर्ट लेने देवरिया भेजा।
सत्यप्रकाश के परिवार के नरसंहार में अब तक 21 अरेस्ट
प्रेम यादव के परिवार से लेकर राजनैतिक पार्टियां भले ही यह कह रही हैं कि सरकार और प्रशासन एक तरफा कार्रवाई कर रही है। लेकिन, सच तो यह है कि शासन ने इस मामले में लापरवाही करने वाले 15 अफसरों को सस्पेंड करने के अलावा दोनों पक्षों की ओर से अब तक ऐसा कुछ नहीं किया है, जिसे एकतरफा कार्रवाई के रुप में देखा जाए। हां, इतना जरूर है कि सत्यप्रकाश दुबे के परिवार की हत्या के आरोप में पुलिस अब तक करीब 20 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।
प्रेम की हत्या के केस में लगेगी फाइनल रिपोर्ट, नही है आरोपी जीवित
लेकिन, केस तो पुलिस ने मृतक प्रेम यादव की हत्या का भी दर्ज किया है। हालांकि, पुलिस प्रेम की हत्या में दर्ज केस में पुलिस फाइनल रिपोर्ट लगाने की तैयारी में है। ऐसा इसलिए कि फतेहपुर गांव में हुए सामूहिक हत्याकांड में नामजद कोई भी आरोपी अब जिंदा नहीं है। इसके चलते पुलिस केस को बंद करेगी। इस मामले में प्रेम के परिजनों ने सत्यप्रकाश दूबे, उनकी पत्नी, दो बेटियों और एक पुत्र पर हत्या का आरोप लगाया है। लेकिन, ये लोग खुद भी इस हत्याकांड के शिकार हो गए थे।
ब्राह्मण V/s यादव का जातीय एंगल देकर दिग्भ्रमित कर रहे हैं
देवरिया हत्याकांड को 7 दिन बीत चुके हैं। इस नरसंहार के बाद फतेहपुर गांव अब भी पुलिस और PAC की छावनी बना हुआ है। ग्रामीणों के दिन और रात बंदूकों के साये में गुजर रहे हैं। लेकिन, इस हत्याकांड को अब पूरी तरह सियासी रंग दिया जा चुका है। इस मामले में जमीनी विवाद और पुलिस- प्रशासन की लापरवाही दरकिनार कर अब इसे ब्राह्मण V/s यादव का जातीय एंगल दिया जा चुका है।
Published on:
08 Oct 2023 07:32 pm
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