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BIG BREAKING: फरार सपा जिला पंचायत अध्यक्ष की मां को हिरासत में लिया गया, 10 हजार का ईनाम घोषित

10 करोड़ की जमीन जबरन बैनामा कराने और जमीन मालिक के अपहरण मामले में वांछित हैं राम प्रवेश यादव।

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Ram Pravesh Yadav

राम प्रवेश यादव

देवरिया. फरार समाजवादी पार्टी जिला पंचायत अध्यक्ष राम प्रवेश यादव को पुलिस हर हाल में गिरफ्तार करने में जुट गयी है। उन्हें भगोड़ा करार देते हुए उन पर 10 हजार रुपये का ईनाम भी घोषित कर दिया गया। दिन में ईनाम घोषित करने के बाद पुलिस ने रात में राम प्रवेश यादव की मां को भी हिरासत में ले लिया। उनके भाई और ड्राइवर समेत कुल चार लोगों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।


राम प्रवेश यादव पर एंटी भू माफिया एक्ट के तहत कार्यवाही की गयी है। उन पर 10 करोड़ की जमीन का जबरिया बैनामा कराने और बैनामेदार युवक दीपक मणि त्रिपाठी का अपहरण करने का आरोप है। पुलिस ने कार्यवाही करते हुए अपहृत दीपक को छुड़ा लिया और मामले में राम प्रवेश के भाई अमित कुमार यादव, उनके ड्राइवर समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर बुधवार को पूरे मामले का खुलासा किया। पुलिस के मुताबिक अपहरणकर्ताओं ने दीपक को देवरिया, गोरखपुर और बस्ती सहित कई जगहों पर बंधक बनाकर रखा था। इस दौरान जमीन का बजरन बैनामा कराने के लिये उसे टॉर्चर भी किया गया। पुलिस की मानें तो न सिर्फ उसे मारा पीटा गया बल्कि नशे का इंजेक्शन लगाया गया और दवा के नाम पर ड्रग्स दी गयी। दीपक के मुताबिक उसे जान से मारने की धमकी देकर असलहों के बीच रजिस्ट्री ऑफिस ले जाकर रजिस्ट्री के कागजात पर हस्ताक्षर भी करवाए गए।


इस मामले में राम प्रवेश यादव फरार रहे। पुलिस राम प्रवेश की तलाश में जुटी रही। बुधवार को खुलासे के बाद गुरुवार केा दिन में ही 10 हजार रुपये का ईनाम घोषित कर दिया गया। इतना ही नहीं रात तक पुलिस ने राम प्रवेश की मां मेवाती देवी को भी हिरासत में ले लिया। पुलिस के मुताबिक 10 करोड़ की जमीन राम प्रवेश याव, उनकी मां मेवाती देवी, भाई अमित कुमार यादव व मधु देवी पत्नी ब्रम्हानंद चौहान के नाम से रजिस्ट्री करायी गयी है। इसी के चलते पुलिस ने भाई अमित की गिरफ्तारी और मां की हिरासत इसलिये ली है, क्योंकि रजिस्ट्री में इन दोनों का नाम है। इसके अलावा भाई, ड्राइवर व दो और की गिरफ्तारी दीपक के अपहरण मामले में हुई है।
रजिस्ट्री कार्यालय की रही मिली भगत


एसपी रोहन पी कनय ने बताया कि इस घटना में रजिस्ट्री कार्यालय के कर्मियों की मिली भगत साफ तौर पर उजागर हो रही है। बैनामे में सात फीसद स्टैम्प न लगाकर इसकी भी चोरी की गयी है। अपहृत युवक से बिना पूछताछ के जिम्मेदार अधिकारी ने बैनामे की प्रक्रिया पूरी की ,ये सब आगे जांच की परिधि में होगा। पुलिस विवेचना में बैनामे के दौरान मौजूद कर्मियों और गवाहों से भी पूछताछ करेगी । उन्होंने बताया कि डीएम को प्रकरण की गम्भीरता से अवगत कराया गया है साथ ही जिला पंचायत अध्यक्ष राम प्रवेश यादव और उनके परिवार की संपत्तियों की जांच करने को शासन को लिखा जा रहा है।


सपा राष्ट्रीय महासचिव के मकान में रखा गया था
अपहृत युवक दीपक मणि को अपहरणकर्ताओं ने सलेमपुर क्षेत्र से बसपा के टिकट पर पूर्व में साँसद रहे और वर्तमान में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रमाशंकर विद्यार्थी के मकान में एक किराए के कमरे में रखा था। दीपक का हाथ पैर लोहे की चेन से बांधकर यहां रखा गया था। उन्हें यह गुमान था कि पुलिस इस घर में आने में कई बार सोचेगी। पर जब पुलिस ने छानबीन शुरू की तो यहां छापा मारकर रखवाली कर रहे चार लोगों के साथ ही युवक दीपक को बरामद कर लिया।


बहन की सक्रियता से बरामद हुआ भाई
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में नौकरी कर रही दीपक की बहन डॉ. शालिनी शुक्ल ने 10 अप्रैल को एसपी को रजिस्ट्री व ई मेल के जरिये से शिकायत किया। एक सप्ताह बाद तक कोई कार्यवाहीं नही होने पर 17 अप्रैल को फिर उन्होंने शिकायत किया। 23 अप्रैल को मुख्यमंत्री के जन सुनवाई पोर्टल पर शिकायत की। सीएम कार्यालय तक शिकायत पहुंचने के बाद जिले की पुलिस सक्रिय हुई। एसपी के निर्देश पर पुलिस ने छानबीन की और 40 दिन से बंधक दीपक को सकुशल बरामद कर लिया।

गर्दन बचाने में जुटे सब रजिस्ट्रार
पुलिस के खुलासे के बाद रजिस्ट्री विभाग में हड़कम्प की स्थिति है। इस विवादित रजिस्ट्री में खास भूमिका निभाने वाले रजिस्ट्रार अपनी गर्दन बचाने में लग गए हैं। रजिस्ट्रार फूलचन्द्र यादव कहते हैं कि 17 अप्रैल को दीपक मणि ने बैनामा करने को पांच दस्तावेज पेश किये थे। जिसमें पर्याप्त स्टाम्प नहीं लगाए जाने के चलते कोई बैनामा रजिस्टर्ड नहीं किया गया। पांचों बैनामे का प्रस्तुति करण लेकर कम स्टाम्प की वसूली के लिए जिला निबंधक अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व को मूल दस्तावेज प्रेषित कर दिया गया। उचित स्टाम्प जमा करने पर पुन: कार्यालय में प्रेषित करने पर रजिस्ट्री की जाएगी। बहुत जोर देकर उन्होंने कहा कि अभी सिर्फ रसीद कटा है। सूत्र बताते हैं कि रसीद कटने की प्रक्रिया बैनामे का आखिरी हिस्सा है।

पुलिस टीम को मिला ईनाम
दीपक वैसे तो बीते चालीस दिनों से गायब थे । बहन द्वारा सूचित किए जाने के बाद छानबीन कर अपहृत युवक को सकुशल बरामद करने की बात पर सभी पुलिस को इस कार्यवाही के लिए बधाई दे रहे हैं । टीम को एसपी रोहन पी कनय ने 25 हजार का ईनाम दिया है। पुलिस की सूचना के मुताबिक टीम में सदर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक प्रभातेश श्रीवास्तव , स्वाट टीम , सीआईयू और सर्विलांस सेल के प्रभारी अनिल यादव, स्वाट टीम के हेड कांस्टेबल धनश्याम सिंह, अरूण खरवार, धनंजय श्रीवास्तव, प्रशांत शर्मा, मेराज खान, सर्विलांस सेल के राहुल सिंह, विमलेश, प्रद्युम्न जायसवाल, कांस्टेबल सूबेदार विश्वकर्मा, रमेश सिंह, सौरभ त्रिपाठी शामिल थे।
by SP Rai