
समाजवादी पार्टी के कई नेता हुए हाउस अरेस्ट। फोटो सोर्स-पत्रिका न्यूज
Samajwadi Party Leaders House Arrest: उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के बरहज क्षेत्र में समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर गुरुवार को प्रशासन ने सख्त कदम उठाए। अधिवक्ता की मौत से जुड़े एक मामले में ग्राम प्रधानों के खिलाफ दर्ज FIR को लेकर सपा कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन करना चाहते थे, लेकिन जिला प्रशासन ने इसकी अनुमति नहीं दी थी। इसके बावजूद पार्टी नेता और कार्यकर्ता प्रदर्शन की तैयारी में जुटे थे।
स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन कार्रवाई करते हुए कई सपा नेताओं को उनके घरों में ही नजरबंद (हाउस अरेस्ट) कर दिया। इनमें पूर्व मंत्री ब्रह्माशंकर त्रिपाठी (Brahmashankar Tripathi) और सपा जिलाध्यक्ष व्यास यादव (Vyas Yadav) प्रमुख रूप से शामिल रहे। पुलिस ने उन्हें उनके आवास से बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी, ताकि किसी भी तरह का विरोध प्रदर्शन न हो सके।
प्रशासन ने नेताओं को गुरुवार दोपहर बाद मुक्त कर दिया। इस दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे, जिससे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनी रहे।
मामला बरहज क्षेत्र के ग्राम लक्ष्मीपुर और दुबौली से जुड़ा है, जहां के ग्राम प्रधानों पर एक अधिवक्ता की मौत के मामले में FIR दर्ज की गई है। सपा नेताओं का आरोप है कि इन प्रधानों—राजेश (लक्ष्मीपुर) और गामा (दुबौली)—को गलत तरीके से फंसाया गया है। इसी मुद्दे को लेकर सपा कार्यकर्ता धरना-प्रदर्शन करना चाहते थे।
तरकुलवा क्षेत्र से मिली जानकारी के अनुसार, पूर्व मंत्री ब्रह्माशंकर त्रिपाठी (Brahmashankar Tripathi) अपने पिपराझाम स्थित आवास से निकलकर धरने में शामिल होने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने उन्हें हाउस अरेस्ट कर लिया, ताकि वे प्रदर्शन में शामिल न हो सकें।
इस कार्रवाई के बाद सपा नेताओं ने सरकार और प्रशासन पर तीखा हमला बोला। ब्रह्माशंकर त्रिपाठी ने कहा कि BJP सरकार पुलिस के जरिए लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनविरोधी नीतियों, बढ़ती आपराधिक घटनाओं और निर्दोष लोगों पर मुकदमे दर्ज किए जाने के खिलाफ आवाज उठाने से रोका जा रहा है।
वहीं प्रशासन का मानना है कि बिना अनुमति के प्रदर्शन से कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती थी, इसलिए एहतियातन यह कदम उठाया गया। अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में शांति बनाए रखना प्राथमिकता है और किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए यह कार्रवाई की गई।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद देवरिया की राजनीति गरमा गई है। एक ओर सपा इसे लोकतंत्र की आवाज दबाने का प्रयास बता रही है, वहीं प्रशासन इसे कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जरूरत बता रहा है।
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Published on:
01 May 2026 08:32 am
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