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एक किमी में 45 मीटर चौड़ा रोड बनाना था, साल भर में एक इंच भी सीसी वर्क नहीं हो सका

पिछले साल अक्टूबर में शुरू किया गया था कार्य, अब तक केवल लेवलिंग व पोल शिफ्टिंग का कार्य हुआ, उठ रहे सवाल

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एक किमी में 45 मीटर चौड़ा रोड बनाना था, साल भर में एक इंच भी सीसी वर्क नहीं हो सका

एक किमी में 45 मीटर चौड़ा रोड बनाना था, साल भर में एक इंच भी सीसी वर्क नहीं हो सका

देवास. उज्जैन रोड पर नागूखेड़ी क्षेत्र से शुरू हुआ मिनी सुपर कॉरिडोर का काम करीब तीन माह से बंद पड़ा है। पिछले साल टेंडर होने के बाद देवास विकास प्राधिकरण द्वारा यहां एक किमी के हिस्से में 45 मीटर चौड़े रोड का कार्य पिछले साल अक्टूबर में शुरू कराया गया था। शुरुआत में लेवलिंग व पोल शिफ्टिंग का कार्य किया गया। इसके बाद करीब तीन माह से रोड का कार्य बंद पड़ा है। लेवलिंग के बाद यहां गिट्टी तो डाली गई लेकिन इसके बाद एक इंच भी सीसी कार्य नहीं हो सका है। टेंडर व वर्क ऑर्डर होने के बाद भी एक किमी के हिस्से में सीसी रोड का कार्य शुरू नहीं किया जा रहा है इस बात को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। ऐसे में 400 करोड़ का मिनी सुपर कॉरिडोर प्रोजेक्ट पिछड़ता जा रहा है। उधर चुनाव साल होने के चलते फिलहाल जल्द कार्य शुरू होने की संभावना नहीं है।

दो साल में पूरा होना था कार्य

उल्लेखनीय है कि मिनी सुपर कॉरिडोर प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए देवास विकास प्राधिकरण ने दो साल का समय तय किया था। इसके तहत एक किमी के हिस्से में सीसी रोड के टेंडर निकालकर काम शुरू किया गया था। रोड का कार्य शुरू हुए सालभर हो जाएगा लेकिन अभी तक यहां जमीन की लेवलिंग के बाद कोई कार्य शुरू नहीं हो सका है। ऐसे में प्रोजेक्ट का दो साल में पूरा होना संभव नहीं लग रहा है। रोड निर्माण कार्य बड़वानी की कंपनी को दिया गया है।

400 करोड़ रुपए है लागत

उल्लेखनीय है कि देवास विकास प्राधिकरण ने शहर के अविकसित क्षेत्र को विकसित करने के लिए मिनी सुपर कॉरिडोर योजना बनाई थी। 400 करोड़ रुपए की लागत से इसे विकसित किया जाना है। योजना के तहत 232 हेक्टेयर भूमि लैंड पूलिंग योजना के तहत ली जाना है। प्रथम चरण में पिछले साल अक्टूबर में उज्जैन रोड के नागूखेड़ी क्षेत्र में एक किमी लंबे 45 मीटर चौड़े रोड का निर्माण शुरू किया गया था। 45 मीटर चौड़ा रोड कुल 5.2 किमी लंबा बनना है। यह रोड उज्जैन रोड से शुरू होकर इंदौर रोड औद्योगिक क्षेत्र से जुड़ेगा। रोड के अलावा सेंट्रल लाइटिंग, सीवरेज, पानी, ओवरहेड टैंक, ग्रीन बेल्ट सहित अन्य इंतजाम भी किए जाना है। 45 मीटर चौड़े रोड के अलावा यहां 18, 24, 30 मीटर की चौड़ी सड़कें भी बनना है। मुख्य रोड के दोनों ओर 150 मीटर तक व्यावसायिक क्षेत्र रहेगा।

किसान कर रहे हैं विरोध

एक किमी हिस्से में मिनी सुपर कॉरिडोर के तहत रोड का काम प्राधिकरण ने शुरू जरूर कर दिया लेकिन इसके आगे मेंढकीचक क्षेत्र के किसान प्रोजेक्ट को लेकर सहमत नहीं है। कई किसानों की जमीन लैंड पूलिंग योजना के तहत ली जाना है लेकिन किसान जमीन देनेे को तैयार नहीं है। योजना के तहत जितनी जमीन प्राधिकरण लेगा उसकी 50 प्रतिशत जमीन का हिस्सा विकसित कर किसान को प्लॉट दिया जाना है। ऐसे में मेंढकीचक के कई किसान जमीन देने से बच रहे हैं। किसान जमीन के बदले मुआवजा मांग रहे हैं। ऐसे में इस क्षेत्र के किसानों को मनाना प्राधिकरण के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। किसानों को मनाने के लिए प्राधिकरण कई प्रयास कर चुका है लेकिन कई किसान तैयार नहीं हो रहे हैं।

नया क्षेत्र होगा विकसित

मिनी सुपर कॉरिडाेर विकसित होने से शहर में एक नया वाणिज्यिक व आवासीय क्षेत्र विकसित होगा। वर्तमान में जिस तरह से एबी रोड के दोनों ओर व्यावसायिक प्लॉट हैं और उसके पीछे रहवासी क्षेत्र है कुछ उसी तरह सुपर कॉरिडोर भी विकसित होना है। यहां अलग-अलग साइज के प्लॉट उपलब्ध रहेंगे।

रोड बनना तय

जानकारों की मानें तो किसान अगर प्रोजेक्ट के तहत अपनी जमीनें नहीं देते हैं तो भी इस क्षेत्र में 5.2 किमी लंबा रोड बनना तय है। रोड को लेकर राजपत्र में प्रकाशन हो चुका है। ऐसे में रोड बनना निश्चित है। रोड बनने से इंदौर रोड औद्योगिक क्षेत्र सीधे उज्जैन रोड से जुड़ जाएगा।

फैक्ट

-400 करोड़ की लागत से विकसित होगा मिनी सुपर कॉरिडोर

-232 हेक्टेयर जमीन ली जाना है लैंड पूलिंग योजना के तहत

-45 मीटर चौड़े रोड के लिए एक किमी हिस्से में शुरू किया था कार्य-5.2 किमी लंबा रहेगा मुख्य रोड

-150 मीटर तक मुख्य रोड के आसपास व्यावसायिक क्षेत्र रहेगा

-किसानों का कुछ इश्यू होने से फिलहाल रोड निर्माण का कार्य बंद है। किसानों से जल्द एक बार और बात की जाएगी। राजपत्र में प्रकाशन होने के बाद रोड बनना तय है। जल्द काम शुरू होगा।-अभिषेक शर्मा, सीईओ, देविप्रा

-कुछ किसान योजना को समझ नहीं पा रहे हैं। समझाइश देने का प्रयास चल रहा है। अगर फिर भी वे तैयार नहीं होते हैं तो शासन के नियमों के अनुसार जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा।-राजेश यादव, अध्यक्ष, देविप्रा