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video news: वर्मा के चुनाव हारते ही संकल्प हुआ पूरा, सरकारी बंगले में किया प्रवेश

शपथ ली थी कि जब तक सज्जन चुनाव नहीं हारते, बंगले में प्रवेश नहीं करेंगे-अटारिया

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देवास. कांग्रेस खेमे से जीतकर भाजपा का दामन थामने वाली जिला पंचायत अध्यक्ष लीला अटारिया ने आखिरकार सरकारी बंगले में प्रवेश कर लिया। मंगलवार को उन्होंने भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव खंडेलवाल व हाटपीपल्या विधायक मनोज चौधरी की मौजूदगी में सिविल लाइंस स्थित बंगले में प्रवेश किया। भाजपा जिलाध्यक्ष खंडेलवाल व हाटपीपल्या विधायक चौधरी ने उन्हें सरकारी बंगले की चाबी सौंपी।

इस दौरान जिपं अध्यक्ष अटारिया ने कहा कि हमने यह शपथ ली थी कि जब तक सज्जनसिंह वर्मा चुनाव हारकर इंदौर रवानगी नहीं ले लेते, तब तक हम बंगले में प्रवेश नहीं करेंगे। आज वह दिन आ गया है। उन्होंने कहा कि सोनकच्छ विधानसभा से वर्मा 38 साल तक विधायक, सांसद और मंत्री रहे। इसके बावजूद सोनकच्छ विधानसभा क्षेत्र को कोई बड़ी सौगात नहीं मिली। सोनकच्छ विधानसभा क्षेत्र की जनता ने उनको नकार दिया और आज उनको बहुत बड़े अंतर से हरवाकर उन्हें इंदौर पहुंचा दिया है। अब हम जनता की सेवा करेंगे और जो काम नहीं करने दिए गए वो काम करेंगे। जनता के आशीर्वाद पर खरा उतरेंगे।

ये रहे मौजूद

इस दौरान देविप्रा अध्यक्ष राजेश यादव, भाजपा नेता भेरूलाल अटारिया, जिला महामंत्री पंकज वर्मा, सह मीडिया प्रभारी कमल अहिरवार सहित कई नेता व कार्यकर्ता उपस्थित थे।

कांग्रेस ने किया प्रताडि़त

वहीं भाजपा जिलाध्यक्ष खंडेलवाल ने कहा कि जिपं अध्यक्ष अटारिया को कांग्रेस ने प्रताडि़त किया। जब वे भाजपा में शामिल हुई तो पूर्व विधायक वर्मा ने उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी। रुपए तक ले लिए। हमने उन्हें विश्वास दिलाया था कि भाजपा एक परिवार है और परिवार में जो अधिकार है वह भाजपा आपको दिलाएगी। 10वें महीने में उन्हें बंगला अलॉट हो गया था लेकिन उनका संकल्प था कि जब तक वर्मा को घर नहीं पहुंचाएंगे बंगले में प्रवेश नहीं करेंगे। विधायक चौधरी ने कहा जिपं अध्यक्ष ने जो संकल्प लिया था वो महत्वपूर्ण था।

जुलाई में थामा था भाजपा का दामन

उल्लेखनीय है कि पिछले साल हुए जिपं चुनाव में कांग्रेस ने बहुमत प्राप्त किया था। इसमें वार्ड क्रमांक-8 से अटारिया ने जीत प्राप्त की थी। इसके बाद जिपं अध्यक्ष चुनाव में कांग्रेस ने अटारिया को प्रत्याशी बनाया था। उनके सामने बीजेपी ने वार्ड-1 से जीतीं सोरम बाई को प्रत्याशी बनाया था। चुनाव में 11 वोट लाकर अटारिया जिपं अध्यक्ष बनी थीं। जिपं अध्यक्ष बनने के बाद अटारिया ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि चुनाव के दौरान मुझे काफी परेशान किया गया। मेरे बेटे और पति को लाइन अटैच कर दिया गया।

अचानक बदला पाला, कहा परेशान हो रही थी

इसके बाद इस साल 14 जुलाई को अचानक अटारिया व उनके पति ने भोपाल जाकर मुख्यमंत्री व अन्य नेताओं की मौजूदगी में भाजपा की सदस्यता ले ली थी। तब उन्होंने पत्रिका से चर्चा में कहा था कि मैं सालभर से कांग्रेस में परेशान हो रही थीं। मुझे काफी परेशान किया गया। मेरे काम नहीं हो रहे थे। इस कारण मैंने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की है। इसके बाद उनके पति अटारिया ने पूर्व मंत्री वर्मा पर आरोप लगाए थे।

नहीं मिला था बंगला

उल्लेखनीय है कि कांग्रेस से जिला पंचायत अध्यक्ष बनने के बाद अटारिया को सिविल लाइंस स्थित बंगला नहीं मिल सका था। नियमानुसार जिपं अध्यक्ष को बंगला दिया जाना चाहिए था लेकिन उन्हें एक साल से बंगला नहीं दिया गया। इसके बाद यह बंगला तत्कालीन एडीएम महेंद्रसिंह कवचे को दे दिया गया था।