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खुलासाः प्रधानमंत्री आवास को ही बेच दिया लोगों ने, किसी ने दे दिया किराए पर

PM Awas Yojana- चाणक्यपुरी के चंद्रशेखर आजाद नगर स्थित मल्टी का मामला, प्रधानमंत्री आवास: किसी ने दिया किराए पर तो कहीं चल रहा स्कूल...>

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देवास

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Manish Geete

Apr 27, 2022

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देवास। चाणक्यपुरी के समीप स्थित चंद्रशेखर आजाद नगर की मल्टियों में आवंटित किए गए आवासों के मामले में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। यहां की मल्टियों के आवास, प्रधानमंत्री आवास योजना (PM Awas Yojana) के तहत आवंटित किए गए थे, लेकिन खरीददारों ने ये फ्लैट किराए से दे दिए तो कुछ ने बेच दिए। शिकायत के बाद मंगलवार को नगर निगम उपायुक्त पुनीत शुक्ला टीम के साथ जांच करने गए तो कई आवासों में किराएदार निवास करते मिले। वहीं एक जगह तो करीब चार-पांच आवास में स्कूल चल रहा था। उधर, फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद अब आवंटन निरस्त करने की बात कही जा रही है।

दरअसल, भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के जिलाध्यक्ष जुगनू गोस्वामी ने पिछले दिनों निगमायुक्त विशालसिंह चौहान से मुलाकात कर प्रधानमंत्री आवास योजना में गड़बड़ी की शिकायत की थी। गोस्वामी के अनुसार सेकंड फेज में बने आवासों में ज्यादातर में किराएदार रह रहे हैं।

शिकायत के बाद निगमायुक्त के निर्देश पर मंगलवार दोपहर उपायुक्त शुक्ला के नेतृत्व में टीम यहां पहुंची। करीब आठ से 10 आवास टीम ने चेक किए तो यहां सभी किराएदार ही मिले। वहीं एक जगह चार-पांच आवास में निजी स्कूल संचालित किया जा रहा था। यह देख शुक्ला सहित टीम के अन्य सदस्य अचंभित रह गए।

शुक्ला ने कहा कि घर रहने के लिए दिया था, स्कूल चलाने के लिए नहीं। इसके बाद उन्होंने संबंधित कर्मचारी को आवंटन निरस्त कर सभी आवास खाली कराने के निर्देश दिए। साथ ही टीम ने किराएदारों से चर्चाकर कहा कि अगर वे मकान लेना चाहते हैं तो आवेदन दें।

अपने-अपने लोगों को बांट दिए

भाजपा नेता गोस्वामी ने बताया कि योजना के तहत पहले फेज में करीब 455 व दूसरे फेज में नई मल्टियों में करीब 1200 आवास बनाए गए हैं। जहां तक हमारे पास जानकारी है वहां अभी 350 से ज्यादा किराएदार रह रहे हैं। करीब 100 आवासों में ताले लटके हैं। योजना गरीबों के लिए थी, लेकिन बंदरबाट करते हुए अपात्रों को आवास दे दिए गए। पहले फेज में विधिवत 25 हजार जमाकर बैंक फाइनेंस करवाकर पात्र लोगों को आवास दिए गए लेकिन सेकंड फेज में जिम्मेदारों ने धांधली करते हुए अपने-अपने लोगों को आवास दे दिए।

वैकल्पिक रूप से योजना में यह था कि अगर गरीब लोग मकान लेने नहीं आए तो आवास 1.96 लाख रुपए जमा कर किसी को भी दे दिया जाए। यह नियम वैकल्पिक था लेकिन हजारों आवेदन होने के बाद भी जिमेदारों ने गड़बड़ी की। नगर निगम के ठेकेदारों, कर्मचारियों, लिपिक, दरोगा से लेकर अन्य लोगों तक ने वहां मकान ले लिए। किसी ने खुद लिया तो किसी ने अपने रिश्तेदारों व परिचितों के नाम पर मकान ले लिए।गोस्वामी के अनुसार बिना भौतिक सत्यापन किए मकान का आवंटन कर दिया।

माहौल हुआ खराब

योजना के तहत नई मल्टी के आवास काफी बेहतर बने हैं। साथ ही यहां गार्डन भी विकसित किया गया है। आवंटन प्रक्रिया ओपन फॉर ऑल होने के बाद यहां असामाजिक गतिविधियां बढ़ गई है। आए दिन गार्डन व आवासों में पार्टियां चलती रहती है। ऐसे में अन्य पात्र हितग्राही काफी परेशान हो रहे हैं।

किराएदार पात्र हुआ तो उसे आवंटित करेंगे

उपायुक्त शुक्ला ने बताया चंद्रशेखर नगर स्थित मल्टियों का निरीक्षण करने गए थे। यहां 8 से 10 घरों को चेक किया तो वहां किराएदार निवास करते मिले हैं।जो शिकायत आई थी वो सही पाई गई है।एक जगह तो स्कूल संचालित हो रहा है। आवंटन निरस्त करने की तैयारी की जा रही है। संबंधित को सूचना पत्र जारी किए गए हैं। अगर संतोषजनक जवाब नहीं आया तो आवंटन निरस्त कर दिए जाएंगे। अगर किराएदार पात्र हैं और वे राशि जमा कर सकते हैं तो उन्हें मकान आवंटित कर दिए जाएंगे। विस्तृत रिपोर्ट बनाकर निगमायुक्त को भेजी जा रही है।