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देवास. देश में दो सप्ताह पहले से चल रही नकदी की कमी को दूर करने के लिए आरबीआई ने देश की सभी नोट प्रेस को अधिक से अधिक नोट छापने के आदेश दिए हैं। इसी तरह देवास नोट प्रेस में भी अधिक नोट छापने के लिए रिटायर्ड कर्मचारियों को वापस बुलाया गया। कर्मचारी नोट प्रेस प्रबंधन के कहने पर काम करने के लिए तो आ गए, किंतु उन्हे पहले वाली जगह पर काम नहीं करवाते हुए अन्य मशीनों पर काम करवाने के लिए कहा जा रहा था। सूत्रों के अनुसार दूसरी जगह पर काम करने का कर्मचारियों ने मना कर दिया और कुछ कर्मचारी लंच के बाद ही अपने घर वापस लौट गए हैं।
नोट प्रेस के सूत्रों के अनुसार कुछ दिनों पहले ही 15 से 1७ रिटायर्ड कर्मचारियों को कटपैक मशीन पर ड्यूटी पर लगाया गया था। इन कर्मचारियों के कटपैक पर लगाए जाने से वर्तमान में कार्य कर रहे कर्मचारियों ने विरोध किया कि इन्हे पैकिंग सेक्शन में लगाया जाए। इस विरोध के बाद अधिकांश रिटायर्ड कर्मचारी कंट्रोल विभाग से कार्य छोड़ कर घर चले गए और लंच के बाद भी ड्यूटी पर उपस्थित नहीं हुए हैं। एक रिटायर्ड कर्मचारी के अनुसारए रिटायर्ड कर्मचारी वही कार्य करेंगे, जो पहले नोट प्रेस के विभाग में करते थे। गौरतलब है कि नोट बंदी के दौरान नोट प्रेस में बड़ी संख्या में रिटायर्ड ६५ साल से कम उम्र के कर्मचारियों को फिर से रख लिया था। इन कर्मचारियों को वर्तमान वेतन के साथ ही पेंशन भी मिल रही थी, इन कुशल कर्मचारियों की वजह से नोटबंदी के दौरान नोट छपाई कार्य में किसी तरह की परेशानी नहीं आई थी। इस संबंध में नोट प्रेस एचआर मैनेजर विनोदकुमार महरिया ने कहा कि मैं अवकाश पर हूं, मुझे जानकारी नहीं है।
कर्मचारी लौटे तो कैसे होगा कार्य
बताया जाता है कि रिटायर्ड कर्मचारियों को नोट छपाई का इतना नॉलेज रहता है कि वह नए कर्मचारियों के मुकाबले बेहतर कार्य करते हैं। नकदी किल्लत दूर करने के लिए नोट प्रेस में ५००-५०० के नोट छपाई का कार्य चल रहा है, लेकिन कर्मचारियों के वापस चले जाने से तीन शिफ्ट में कार्य किस तरह से होगा। अब तक २५ से अधिक रिटायर्ड कर्मचारी नोट प्रेस में कार्य करने के लिए गए थे, जिनमें से १७ वापस लौट आए हैं। सूत्रों के अनुसार आने वाले दिनों में अगर शेष कर्मचारी भी वापस आ गए तो तीन शिफ्ट चलाना मुश्किल हो जाएगा।
Published on:
27 Apr 2018 11:57 am
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