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(संजय परसाई)
लोहारदा. शासन ने जांच के बाद नगर परिषद लोहारदा के अधिकारियों पर आरोप पत्र जारी कर दिया है। दोषी अधिकारियों को अपना जवाब शासन को प्रस्तुत करना है, जिसके बाद शासन स्तर से कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों पर आरोप पत्र जारी होने के बाद नगर परिषद में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।
कुछ महीनों पूर्व नगर परिषद लोहारदा के पार्षदों ने लिखित आवेदन कर प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री अधोसंरचना एवं शौचालय से संबधित राशि का विवरण मांगा था, जिसके जवाब में सीएमओ नंदकिशोर पारसनिया ने लिखित में जवाब भी दे दिया था। जिससे यह साफ जाहिर होता है कि इन तीनों मदों प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री अधोसंरचना एवं शौचालय की राशि का दुरुपयोग किया गया है। नगर परिषद लोहारदा के पार्षदों एवं नेताओं द्वारा नगरीय प्रशासन विभाग भोपाल को इस बाबत सूचित किया गया था, जिसके बाद नगरीय प्रशासन विभाग भोपाल द्वारा संयुक्त संचालक उज्जैन को कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। संयुक्त संचालक उज्जैन ने नगर परिषद कार्यालय आकर संपूर्ण जानकारी मांगी एवं इन मदों से जुड़े सारे कागज जब्त कर लिए थे। जांच के आधार पर गबन व भ्रष्टाचार से संबधित नगर परिषद अधिकारियों को शासन द्वारा आरोप पत्र जारी किए गए है, जिनके जवाब अभी तक शासन को नहीं मिले हैं।
विकास के नाम पर सिर्फ भ्रष्टाचार
उल्लेखनीय है कि नगर परिषद में कांग्रेस की परिषद है। भाजपा के शिवराज शासन में लोहारदा नगर पंचायत में इतना भ्रष्टाचार होने के बावजूद भी कभी किसी ने कार्रवाई नहीं की। पार्षदों द्वारा एवं समाचार पत्रों में कई बार खबर प्रकाशित होने के बावजूद भी किसी भी अधिकारी या नेता ने इसके खिलाफ कोई आवाज नहीं उठाई। नगर परिषद लोहारदा में पिछले चार वर्षों में विकास के नाम पर सिर्फ और सिर्फ भ्रष्टाचार हुआ है, जिसकी सजा यहां के आम नागरिक भुगत रहे हैं।
नवागत सीएमओ से खुश
नगर परिषद में आए हुए नवागत सीएमओ नंदकिशोर पारसनिया के आते ही नगर परिषद कार्यालय में खलबली मच गई। सीएमओ ने भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाकर नगर के विकास कार्यों को आगे बढ़ाने का जिम्मा उठाया। नगर में पीने के पानी की जहां पाइपलाइन नहीं थी वहां की सभी पाइप लाइन बिछाकर चालू करवाई है, जिससे संपूर्ण नगर में जल वितरण किया जा रहा है। नगर से जुड़ी और भी समस्याओं को देखते हुए उन्होंने आगे भी विकास कार्य जारी रखने का बीड़ा उठाया है। परंतु कुछ लोगों को नगर में हो रहे विकास कार्य चुभने लगे हैं इसीलिए उनके स्थानांतरण की कोशिशें लंबे समय से की जा रही है।
वर्जन- जांच के आधार पर शासन ने आरोप पत्र जारी किए हैं, जिनके जवाब संबधित नगर परिषद अधिकारियों से मिलना बाकी हैं। उसके बाद दोषियों पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
नंदकिशोर पारसनिया, सीएमओ
नगर परिषद लोहारदा ।
Published on:
18 Jun 2019 11:25 am
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