देवास. आए दिन चर्चा में रहने वाले नगर निगम कार्यालय में शुक्रवार को बड़ा विवाद हो गया। उपायुक्त वित्त पुनीत शुक्ला से उनके केबिन में पार्षद, पार्षद प्रतिनिधि व एक ठेकेदार का विवाद हो गया। इस दौरान वार्ड क्रमांक-17 के पार्षद प्रतिनिधि इरफान अली ने अपनी कुर्सी से उठकर उपायुक्त शुक्ला को पीटने का प्रयास किया। हालांकि अन्य ने उन्हें तत्काल रोक लिया। मामले में दोनों पक्ष कोतवाली थाने पहुंचे और आवेदन दिया। उधर उपायुक्त वित्त शुक्ला विवाद के बाद अवकाश पर चले गए हैं। उधर शाम को घटना का सीसीटीवी फुटेज भी वायरल हुआ। देर रात तक मामले में कोई केस दर्ज नहीं हुआ था।
चर्चा के दौरान उग्र हुए पार्षद प्रतिनिधि
जानकारी के अनुसार नगर निगम के नेता सत्तापक्ष मनीष सेन, पार्षद प्रतिनिधि इरफान अली व विनय सांगते किसी विषय को लेकर उपायुक्त शुक्ला के कैबिन में गए थे। सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि किसी बात को लेकर उपायुक्त से नेता सत्तापक्ष सेन व पार्षद प्रतिनिधि अली की बहस हो रही है। इसी दौरान एक ठेकेदार अनीस शेख भी मौके पर पहुंच गए। ठेकेदार ने भी उपायुक्त से बहस की। इसी बीच अपनी कुर्सी से उठकर पार्षद प्रतिनिधि अली ने उपायुक्त पर हाथ उठाया तो अन्य ने उन्हें रोक लिया। घटना के बाद उपायुक्त शुक्ला कोतवाली थाने पहुंचे और आवेदन दिया।
भाजपा पार्षद भी पहुंचे
उधर उपायुक्त के थाने जाने पर नेता सत्तापक्ष सेन सहित अन्य पार्षद व एमआईसी सदस्य भी कोतवाली पहुंचे। सूचना पर सभापति रवि जैन भी मौके पर पहुंचे और चर्चा की। इसके बाद सभी की कोतवाली टीआई दीपक यादव के साथ लंबी चर्चा हुई। हालांकि देर रात तक मामले में कोई प्रकरण दर्ज नहीं हुआ था।
हाथ उठाने की कोशिश की
मामले में उपायुक्त शुक्ला ने कहा कि दोपहर करीब सवा दो बजे कैबिन में आते ही नेता सत्तापक्ष सेन व पार्षद प्रतिनिधि इरफान अली गालीगलौज करने लगे। मैंने कारण पूछा तो कुछ नहीं बताया और गालीगलौज करते रहे। इस दौरान पार्षद प्रतिनिधि अली ने मेरे ऊपर हाथ उठाने का प्रयास किया। मैंने यह भी कहा कि आप मेरे कार्य से संतुष्ट नहीं है तो निगमायुक्त से चर्चा कर सकते हैं। पीछे से ठेकेदार अनीस ने भी गालीगलौज की। मैंने थाने पर आवेदन सौंपा है।
झूठी रिपोर्ट लिखाने आ गए
मामले में नेता सत्तापक्ष सेन का कहना है कि हम वार्ड के विकास कार्य को लेकर उपायुक्त से चर्चा करने गए थे लेकिन उपायुक्त ने पार्षद प्रतिनिधि सांगते पर टिप्पणी की। मुझे आए दिन सूचना मिलती रहती है कि उपायुक्त शुक्ला पार्षदों को परेशान करते हैं। काम रोकते हैं। मैं जब अपने साथियों के साथ वहां गया तो उन्होंने विनय सांगते को जातिगत शब्दों से संबोधित किया। हमसे अशोभनीय बातें की। इसके बाद हमारी झूठी रिपोर्ट लिखवाने थाने पहुंच गए। हमने भी आवेदन दिया है।
-दोनों पक्षों ने आवेदन दिया है। आवेदन की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।-दीपक यादव, टीआई, कोतवाली
-मामले के सभी तथ्य बुलवाए हैं। जो तथ्य सामने आएगा उस हिसाब से कार्रवाई की जाएगी। उपायुक्त ने अवकाश के लिए आवेदन दिया है उसे स्वीकृत कर दिया है।
-रजनीश कसेरा, निगमायुक्त
-मैं पारिवारिक कार्य से बाहर थी। मेरे संज्ञान में आया कि पार्षद प्रतिनिधि व उपायुक्त के बीच विवाद हुआ है। दोनों पक्षों ने थाने पर आवेदन दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। हम भी दोनों पक्षों के साथ बैठकर बात करेंगे। कोई समस्या है तो उसका निराकरण किया जाएगा।-गीता अग्रवाल, महापौर