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बीमा कंपनी के एजेंट ने… रिटायर्ड शिक्षक को कम समय में अधिक ब्याज का लालच देकर ठग लिए 6.84 लाख रुपए

-चिटफंड कंपनी में करवाया निवेश, अवधि पूरी होने पर नहीं दी जा रही राशि, औद्योगिक पुलिस ने केस दर्ज कर शुरू की जांच

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बीमा कंपनी के एजेंट ने... रिटायर्ड शिक्षक को कम समय में अधिक ब्याज का लालच देकर ठग लिए 6.84 लाख रुपए

बीमा कंपनी के एजेंट ने... रिटायर्ड शिक्षक को कम समय में अधिक ब्याज का लालच देकर ठग लिए 6.84 लाख रुपए

देवास. चिटफंड कंपनियों के माध्यम से जिले में सैकड़ों लोगों के साथ करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में देवास से लेकर इंदौर, भोपाल, उज्जैन के अलावा दिल्ली, राजस्थान, छत्तीसगढ़ के आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किए जा चुके हैं। कुछ मामलों में राशि भी वापस दिलवाई जा चुकी है। अब शहर के बालगढ़ में रहने वाले सेवानिवृत्त शिक्षक के साथ एक बीमा एजेंट द्वारा 6.84 लाख रुपए की धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है जिसमें औद्योगिक पुलिस ने विभिन्न धाराओं में केस दर्ज करके जांच शुरू की है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार फरियादी धर्मेंद्र पिता पूनमचंद मोदी निवासी नागदा रोड बालगढ़ ने रिपोर्ट दर्ज करवाई कि उनके पिता सेवानिवृत्त शिक्षक हैं। स्कूल में नौकरी के दौरान उनके साथ पढ़ाने वाली माधुरी शर्मा ने अपने पति अरविंद शर्मा से परिचय करवाया था। इस दौरान अरविंद ने बताया कि वो एलआईसी बीमा कंपनी में एजेंट हैं और इसके अलावा अन्य प्राइवेट बीमा कंपनियों का भी कार्य करता हूं। अरविंद का पूनमचंद के यहां आना-जाना लगा रहा, इसी दौरान अरविंद ने बताया कि विश्वामित्र इंटरनेशल इन्फ्रा लिमिटेड चिटफंड कंपनी का एजेंट हूं, कम समय में अधिक ब्याज मिलने व रुपए अटकने की दशा में खुद भरपाई करने आश्वासन देकर निवेश करवाया। अवधि होने के बाद भी रुपयों का भुगतान नहीं किया जा रहा है। आरोपी अरविंद शर्मा निवासी सुपर मार्केट देवास के खिलाफ धारा 406, 409, 420 सहित मप्र निक्षेपकों के हितों का संरक्षण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। जांच अधिकारी एसआई जितेंद्र यादव ने बताया आरोपी की तलाश की जा रही है।
तीन सदस्यों के नाम से खुलवाए थे खाते
पूनमचंद ने स्वयं सहित परिवार के दो अन्य सदस्यों सलोनी मोदी, खुशबू मोदी के नाम से 2014 में खाते खुलवाए। सलोनी व खुशबू के खाते में 500-500रुपए प्रतिमाह जमा किए गए जबकि पूनमचंद ने अपने खाते में 2-2 हजार रुपए प्रतिमाह जमा किए। खातों की अवधि मार्च 2020 में पूरी हुई तो सलोनी व खुशबू के 52884-52884 रुपए हुए जबकि पूनमचंद के 5.78 लाख के लगभग हिसाब बना। समयावधि पूर्ण होने पर जब एजेंट अरविंद से बात की गई तो टालमटोल चलती रही। कुछ दिन पहले पता चला कि चिटफंड की राशि में से कुछ राशि अरविंद ने जमा नहंीं करते हुए खुद खर्च कर ली है।