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नाबालिग छात्रा को बेहोश कर अश्लील वीडियो बनाकर दुष्कर्म करने वाले को मरते दम तक आजीवन कारावास

वीडियो वायरल करने व छात्रा के पिता को गांव से बाहर निकलने की देता था धमकी, विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट का फैसला

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नाबालिग छात्रा को बेहोश कर अश्लील वीडियो बनाकर दुष्कर्म करने वाले को मरते दम तक आजीवन कारावास

नाबालिग छात्रा को बेहोश कर अश्लील वीडियो बनाकर दुष्कर्म करने वाले को मरते दम तक आजीवन कारावास

देवास. नाबालिग छात्रा को बेहोश कर अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करते हुए दुष्कर्म करने वाले आरोपी को दोषी पाते हुए विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट ने मरते दम तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा अर्थदंड भी किया गया है।
थाना विजयगंज मंडी में 21 दिसंबर 2020 को उज्जैन के एक अस्पताल से मामले की सूचना मिली थी। प्रकरण के अनुसार 14 साल की पीडि़ता मार्च 2020 से लॉक डाउन के कारण स्कूल बंद होने से वह घर पर ही रह कर पढ़ाई कर रही थी, वर्ष 2018 में जब वह कक्षा 6वी में आई थी तब उसने स्कूल जाना शुरू ही किया था कुछ दिन बाद ही आरोपी राजेन्द्र उर्फ राजपाल सिंह ने उसे जुलाई 2018 में बहाने से अपने घर बुलाया उस समय उसके घर पर कोई नही था। आरोपी ने अपने घर के एक कमरे में उसे जबरदस्ती ले जाकर बेहोश कर दिया और कपड़े उतारकर वीडियो बना लिया। पीडि़ता को होश आने पर आरोपी ने उसे वीडियो दिखाया और बोला कि तुने किसी को कुछ बताया तो तेरे पापा को गांव से बाहर निकाल देंगे। इससे छात्रा डर गई, डर की वजह से उसने किसी को कुछ नही बताया तब से लेकर अब तक लगभग पिछले दो तीन साल से आरोपी उसके साथ उसकी मर्जी के बिना जबरदस्ती वीडियो वायरल करने की धोंस देकर लगातर कई बार दुष्कर्म करता था। पेट में दर्द होने पर 21 दिसंबर को छात्रा बेहोश हो गई थी। उसे उज्जैन के अस्पताल में भर्ती करवाया गया जहां मरा हुआ बच्चा पैदा हुआ। आरोपी ने पीडि़ता के साथ उसके घर पर उसकी मर्जी के बिना जबरदस्ती कर कई बार गलत काम किया था। मामले मेंं आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट सहित अन्य धाराओं मेंं केस दर्ज किया गया था। जांच एसआई सोनिया धाकरे ने की थी। आरोपी को गिरफ्तार कर अन्य आवश्यक अनुसंधान उपरान्त अभियोग पत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। यह प्रकरण गंभीर जघन्य सनसनीखेज की श्रेणी में चिन्हित था। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) जिला ने आरोपी राजेंद्र को शेष प्राकृत जीवनकाल तक (अंतिम सांस तक) आजीवन कारावास व 5 हजार के अर्थदंड से दंडित किया। उक्त प्रकरण में शासन की ओर से अभियोजन का संचालन राजेंद्रङ्क्षसह भदौरिया प्रभारी उप संचालक/जिला लोक अभियोजन अधिकारी, जिला देवास ने किया।