20 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सांवेर से हड्डियां बेचने देवास आए व्यक्ति का रास्ते के किनारे पड़ा मिला शव

-नाहर दरवाजा पुलिस ने मर्ग कायम कर शुरू की जांच, हृदयाघात से मौत की आशंका

2 min read
Google source verification
सांवेर से हड्डियां बेचने देवास आए व्यक्ति का रास्ते के किनारे पड़ा मिला शव

सांवेर से हड्डियां बेचने देवास आए व्यक्ति का रास्ते के किनारे पड़ा मिला शव

देवास. इंदौर-उज्जैन मार्ग स्थित सांवेर से मवेशियों की हड्डी बेचने के लिए देवास आए एक व्यक्ति की मौत वारसीनगर क्षेत्र में रविवार को हो गई। रास्ते के किनारे शव व बाइक पड़ी होने की सूचना के बाद नाहर दरवाजा पुलिस रविवार शाम को मौके पर पहुंची। जिला वैज्ञानिक अधिकारी आरसी भाटी ने पहुंचकर मौके व शव का परीक्षण किया, शरीर पर किसी तरह की चोट आदि के निशान नहीं मिले। पंचनामा बनाने के बाद पुलिस ने शव को जिला अस्पताल पहुंचाया। नाहर दरवाजा थाना टीआई आरसी कलथिया ने बताया मृतक की पहचान बद्रीलाल पिता शंकरलाल लोबानिया निवासी सांवेर के रूप में हुई है। प्रथमदृष्टया हृदयाघात से मौत होना प्रतीत हो रहा है। पीएम रिपोर्ट से मृत्यु के वास्तविक कारण का पता चल जाएगा। सूचना देने के बाद परिजन देवास आ गए हैं, उन्होंने बताया है कि वारसीनगर के पिछले हिस्से में स्थित गोदाम में हड्डी बेचने के लिए बद्रीलाल अक्सर आया करते थे। उनको शुगर की भी बीमारी है, पूर्व मेंं हृदयाघात भी हो चुका था।

गुजरात की मानसिक बीमार युवती का देवास पुलिस ने उपचार करवाकर परिजनों को सौंपा
देवास. पिछले दिनों बालगढ़ के समीप बायपास से मिली मानसिक बीमार युवती के परिजनों का पता चल गया है। युवती का देवास व इंदौर में उपचार करवाया गया गया और फिर हालत में सुधार होने पर उसने वन स्टॉप सेंटर में पूछताछ में अपने व परिवार के बारे में बताया। इसके बाद परिजनों को सूचना देकर गुजरात से बुलवाया गया और युवती को रविवार को उनको सौंप दिया गया।
औद्योगिक थाना टीआई अजय चानना ने बताया युवती अकेले घूमते हुए मिली थी, वो मानसिक बीमार प्रतीत हो रही थी। उसको औद्योगिक थाने लाकर महिला स्टॉफ द्वारा पूछताछ की गई लेकिन वो कुछ बता नहीं पाई थी। युवती को जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया था जहां डॉक्टर ने जांच कर मानसिक बीमार होना बताया, इसके बाद युवती को एमवायएच इंदौर रैफर कर दिया गया था, वहां उपचार करवाया गया। हालत में सुधार होने पर उसे वन स्टॉप सेंटर देवास लाया गया और कई बार पूछताछ की गई। हालत सुधरने पर उसने अपना नाम आशा पिता रमेश दांगी निवासी ग्राम खिरखाय थाना लीमखेड़ा जिला दाहोद गुजरात बताया। इसके बाद लीमखेड़ा पुलिस से संपर्क करके आशा के परिजनों को सूचना दी गई। रविवार को आशा के पिता रमेश दांगी व उनका भतीजा संजय दांगी देवास आए और बताया कि आशा आंशिक रूप से मानसिक बीमार है। वन स्टॉप सेंटर से एएसआई नूरजहां खान द्वारा आशा को उसके परिजनों के सुपुर्द किया गया। पूरे प्रकरण में महिला आरक्षक प्रिया शर्मा, कविता, ममता परमार, ज्योति का सहयोग रहा।