
Dewas Distict hospital: देवास के जिला अस्पताल में नाश्ते में मिले पोहे में इल्लियां देख भड़के मरीज, भूखे रह गए। (फोटो सोर्स: पत्रिका)
Dewas District hospital: मध्य प्रदेश के देवास जिला अस्पताल में बुधवार की सुबह मरीज और उनके परिजन नाश्ते का इंतेजार कर रहे थे। अस्पताल के कर्मचारी रोज की तरह अस्पताल के वार्डों में नाश्ता लेकर पहुंचे। वार्ड के बाहर खड़े होकर उन्होंने नाश्ता लेने के लिए आवाज लगाना शुरू कर दी। मरीज और उनके परिजन प्लेट्स लेकर नाश्ता लेने आए। नाश्ते में मिला पोहा लेकर जब वे अपने वार्ड में पहुंचे तो अचानक शोर मच गया। मरीजों और उनके परिजनों ने यह कहते हुए आवाज लगाना शुरू कर दी कि पोहे मत खाओ उसमें इल्लड़ हैं। इल्ली को यहां स्थानीय भाषा में इल्लड़ कहा जाता है। कुछ मरीजों ने थोड़ा पोहा खा भी लिया, तो अचानक इल्ली दिखने के बाद उन्हें उल्टियां शुरु हो गईं। मरीज और उनके परिजन पोहे से भरी प्लेट में नजर आई इल्लियों के फोटो लेने लगे और शिकायत करने भी पहुंचे।
भर्ती मरीजों का कहना है कि खाना देने वाले कर्मचारी वार्डों के बाहर बने चौक से ही आवाज लगाना शुरू कर देते हैं कि खाना देने कोई भी वार्ड में नहीं आता। ऐसे में परिजन के न होने की स्थिति में मरीजों को खुद खाना लेने चौक पर आना पड़ता है।
जब वार्ड में पोहा बांटा जा रहा था, तब मैंने भी लिया। पोहा खाते ही उसमें मुझे इल्ली नजर आई। जैसे ही मैंने इल्ली देखी मुझे उल्टियां होना शुरू हो गई। मैं अपने भाई के साथ शिकायत करने पहुंची थी।
- अरुणा बिजनिया, अस्पताल में भर्ती मरीज, देवास निवासी
आज नाश्ते में पोहा दिया गया था। पोहा लिया तो उसमें कीड़े नजर आए। पांच दिन से मेरा बच्चा यहां भर्ती है। अभी तक ऐसी कोई शिकायत नहीं थी। लेकिन आज पोहे आए तो उसमें इल्ली निकली।
रेखा, अस्पताल में भर्ती मरीज बच्चे की मां, देवास
नाश्ते वाले भैया ने आवाज लगाई, हम पोहे लेने आए, जैसे ही चम्मच में भर कर मैंने खाना चाहा, तो मुझे इल्लड़ दिखे। मैंने सबको मना किया कि ऐसा पोहा खाकर तो हम और बीमार हो जाएंगे। मुझे खून की उल्टियां हो रही हैं और नाक से खून आता है। कल ही सिटी स्कैन हुआ है। ऐसे मरीज इस तरह का खाना-नाश्ता कैसे खाएं।
स्वीटी पांचाल, अस्पताल में भर्ती मरीज, देवास
इस तरह की घटना पहली बार हुई है। कहीं कुछ गलती हुई है। हम भविष्य में ध्यान रखेंगे कि इस तरह की गलती दोबारा न हो। गलती को सुधार लिया जाएगा।
-कन्हैया लाल, हेड कुक, जिला अस्पताल
आज तक ऐसा नहीं हुआ है, आज पहली बार ऐसा हुआ है। खाने की गुणवत्ता की शिकायत कभी नहीं रही। इल्ली के बारे में जो मरीज बता रहे हैं। पहले इस तरह के नाश्ते को छनवाते हैं, बिनवाते हैं, अच्छे से साफ कर धोने के बाद ही खाना या नाश्ता पकाया जाता है। आपके माध्यम से हम ये बात लोगों तक पहुंचाना चाहते हैं कि भविष्य में ऐसी गलती दोबारा नहीं होगी। हमने काम करने वाली महिलाओं को विशेष तौर पर कह दिया है ताकि इस तरह की पुनरावृत्ति न हो।
-ओम नारायण सिंह राठौड़, डायटिशियन जिला अस्पताल
Updated on:
17 Jun 2026 02:19 pm
Published on:
17 Jun 2026 12:50 pm
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