
देवास में शनिवार को सुबह वनकर्मियों पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया।
forest department attack- देवास जिले के कमलापुर क्षेत्र में जिनवानी रेंज के अंतर्गत आने वाले गांव भीलआमला में वन भूमि पर हुए अतिक्रमण के मामले में शनिवार को बड़ा बवाल हो गया। स्थानीय लोगों ने वन भूमि पर अतिक्रमण कर रखा था, जिसे हटाने के लिए वन विभाग का अमला शनिवार को गांव पहुंचा था।
शनिवार को सुबह वन विभाग की टीम कमलापुर क्षेत्र में पहुंची थी। प्रशासन और फारेस्ट विभाग की टीम ने बुलडोजर की मदद से जैसे ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की, उसके कुछ देर बाद बड़ी सख्या में आए लोगों ने चारों ओर से अमले को घेर लिया और पथराव शुरू कर दिया। इस हमले में 6 वनकर्मी घायल हो गए हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
चारों ओर से अचानक हुए पथराव में वन कर्मचारी कुछ समझ नहीं पाए और उन्हें भागने की जगह भी नहीं मिल सकी। इस दौरान काफी देर तक वन कर्मचारियों में अफरा-तफरी मची रही। कर्मचारी इधर-उधर भागने लगे, लेकिन पत्थर लगने से करीब आधा दर्जन अधिकारी व कर्मचारी घायल हो गए। कार्रवाई के दौरान पुलिस भी पास ही मौजूद थी, जैसे-तैसे घायलों को वहां से निकालकर अमरपुरा क्षेत्र के निजी अस्पताल पहुंचाया गया जहां उपचार किया जा रहा है।
हमारे देवास संवाददाता के मुताबिक शनिवार को सुबह 11 बजे के आसपास पुलिस प्रशासन के साथ फारेस्ट की टीम अतिक्रमण हटाने पहुंची थी। जब यह टीम बुल्डोजर से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू कर रही थी, तभी आसपास से आए 100 से अधिक ग्रामीणों ने सभी को घेर लिया। और, अचानक चारों तरफ से पथराव शुरू कर दिया। इस पथराव में कई वनकर्मी और पुलिसकर्मियों को अंदरूनी चोटें लगी है,जबकि कई वनकर्मियों के सिर में चोट लगने से खून बहने लगा। इस पथराव में वन विभाग की महिला कर्मचारी भी घायल हो गई हैं। गुस्साए ग्रामीणों ने बुलडोजर सहित कई अन्य वाहनों में तोड़फोड़ भी की गई। कई सरकारी वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गए।
फिलहाल जो जानकारी मिली है उसमें फारेस्ट विभाग के मोहन पंचोनिया, ज्योति जाट, कमल परमार, कमल राणा, देवकरण मालवीय, सूरज ढाढे घायल हो गए। इनमें से एक-दो को गंभीर चोट आई है। घटना के बाद से क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
इससे पहले देवास जिले के ही सतवास में बुल्डोजर एक्शन के दौरान बवाल हो चुका है। पिछले साल 24 दिसंबर को यह बवाल हुआ था। तब गुस्साए लोगों ने चक्काजाम कर पथराव कर दिया था। एक दंपती ने खुद को आग लगाने की भी कोशिश की थी। खातेगांव के सतवास में जिला प्रशासन निर्माण हटाने गई थी। तहसीलदार अरविंद दिवाकर के नेतृत्व में जब नगर परिषद और पुलिस की संयुक्त टीम जेसीबी लेकर अतिक्रमण हटाने पहुंची तो वहां रहने वाले संतोष व्यास और उनकी पत्नी जयश्री व्यास ने इस कार्रवाई का विरोध किया। यह विवाद इतना बढ़ा कि दंपती ने खुद के ऊपर पेट्रोल डाल कर आग लगा ली थी। कर्मचारियों की सक्रियता से आग बुझा दी और दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसके बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने अतिक्रमण हटाने आई टीम पर चक्काजाम करते हुए पथराव कर दिया। व्यास परिवार का दावा था कि उनके पास निर्माण की सभी वैध अनुमतियां थीं। जबकि तहसीलदार का कहना है कि पड़ोसी की शिकायत पर नाली से अतिक्रमण हटाने के लिए एसडीएम के आदेश पर यह कानूनी कार्रवाई की जा रही थी।
Updated on:
13 Jun 2026 02:53 pm
Published on:
13 Jun 2026 02:01 pm
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