
देवास: निजी विद्यालयों की तर्ज पर जिले के सरकारी स्कूल में पहली बार शुरू होगी एलकेजी-यूकेजी की पढ़ाई
सत्येंद्रसिंह राठौर. देवास
जिले के सरकारी स्कूल में अब निजी विद्यालयों की तर्ज पर एलकेजी व यूकेजी कक्षा की पढ़ाई भी करवाई जाएगी। इसके लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं, सब कुछ ठीक रहा तो इसी सत्र से एलकेजी कक्षा की शुरुआत हो जाएगी। एलकेजी को अरुण व यूकेजी कक्षा को उदय नाम दिया गया है। इन कक्षाओं की शुरुआत के लिए एज्युकेशन फॉर ऑल (इफा) योजना के तहत चयनित चिमनाबाई स्कूल को जिम्मेदारी दी गई है। प्रवेश के लिए 30 विद्यार्थियों की संख्या निर्धारित की गई है, इसके लिए तीन से चार साल आयु तय की गई है। इसके अलावा किसी अन्य स्कूल में विद्यार्थी का रजिस्टे्रशन नहीं होना चाहिए।
शहर के चिमनाबाई हायर सेकंडरी स्कूल को इफा योजना के तहत चयनित किया गया है। इसके अंतर्गत प्रावि व मावि चिमनाबाई स्कूल को भी इसी में शामिल कर लिया गया है। राज्य ओपन बोर्ड परिषद व लोक शिक्षण संचालनालय के बीच हुए अनुबंध के अनुसार महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान भोपाल द्वारा स्कूल में संस्कृत भाषा उत्थान के लिए काम करेगा। इसके तहत एलकेजी (अरुण), यूकेजी (उदय) कक्षाएं शुरू करने की तैयारी है। इस सत्र में अरुण कक्षा की शुरुआत के लिए काम चल रहा है। इसके लिए तीन से चार वर्ष के बीच की आयु के विद्यार्थी लिए जाएंगे। वर्तमान मेंं हासे परिसर से लगे मावि व प्रावि परिसर में आंगनवाड़ी केंद्र भी चल रहा है, यहां आने वाले बच्चों में से ऐसे बच्चों की जानकारी एकत्रित की जा रही है जिसका पहले से किसी स्कूल में पंजीयन नहीं है। इस सत्र से अरुण कक्षा शुरू करने की संभावना है, करीब 30 विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाएगा। देवास जिले में सरकारी स्कूल में पहली बार पहली कक्षा से नीचे की कक्षाओं में प्रवेश की शुरुआत होने जा रही है। कक्षाओं की शुरुआत से ही बच्चों को संस्कृत में पारंगत बनाने की दिशा में विशेष प्रयास किए जाएंगे। प्रवेश के लिए बच्चों की प्रक्रिया को लेकर संस्कृत प्रकोष्ठ प्रभारी नरेंद्र शर्मा, मावि प्रधानाध्यापक दीपक शुक्ला भी काम कर रहे हैं। बच्चों के प्रवेश के लिए आसपास के आंगनवाड़ी केंद्रों पर भी संपर्क करने की तैयारी है। यदि कोई पालक अपने बच्चे को अरुण कक्षा में प्रवेश दिलाना चाहता है तो निर्धारित मापदंड पूरे होने पर चिमनाबाई हासे प्राचार्य से संपर्क किया जा सकता है।
विशेषज्ञ शिक्षक-शिक्षिकाओं को देंगे जिम्मेदारी
अरुण व उदय कक्षाओं में अध्यापन के लिए राज्य मुक्त शिक्षा परिषद के माध्यम से विशेष शिक्षक-शिक्षिकाएं उपलब्ध करवाए जाएंगे। हालांकि अभी स्थानीय स्तर से की गई व्यवस्था के अनुसार बच्चों के अध्यापन की जिम्मेदारी चिमनाबाई मावि में संस्कृत पढ़ाने वाली शिक्षिका वंदना नामदेव को देने के लिए नाम चिन्हित किया गया है।
संस्कृत संस्थान से संबंद्धता है जरूरी
चयनित इफा स्कूल में अरुण व उदय कक्षाओं की शुरुआत करने से पहले महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान से संबद्धता लेना आवश्यक है। इसके लिए प्रक्रिया चिमनाबाई हासे स्कूल द्वारा जुलाई माह में पूरी कर ली गई है। निर्धारित शुल्क व जानकारी आदि उपलब्ध करवाने के बाद संबद्धता मिल गई है।
वर्जन
वरिष्ठ स्तर से मिले निर्देश के अनुसार इस सत्र से उदय कक्षा शुरू करने की तैयारी की जा रही है। तीन से चार वर्ष की आयु के 30 विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाना है। इसके लिए आसपास के आंगनवाड़ी केंद्र से संपर्क किया जा रहा है। जिन बच्चों का कहीं रजिस्ट्रेशन नहीं होगा उनको प्रवेश देंगे।
-दिव्या निगम, प्राचार्य चिमनाबाई उमावि देवास।
फिलहाल स्थान का निर्धारण नहीं
अरुण कक्षा की शुरुआत के स्थान का फिलहाल निर्धारण नहीं किया गया है। कक्ष की उपलब्धता के अनुसार प्रावि, मावि या फिर उमावि में इंतजाम किए जाएंगे। अधिक संभावना प्रावि, मावि वाले हिस्से मेंं कक्षा शुरू होने की जताई जा रही है।
कन्या स्कूल में बालकों को मिलेगा प्रवेश
अरुण कक्षा में प्रवेश के लिए बालक या फिर बालिका होना अनिवार्य होने संबंधी कोई निर्देश नहीं है। वर्तमान में चिमनाबाई प्रावि, मावि, उमावि सिर्फ बालिकाओं के लिए है, ऐसे में अरुण कक्षा के माध्यम से चिमनाबाई स्कूल में बालकों को भी प्रवेश मिलने की शुरुआत हो जाएगी।
Updated on:
24 Aug 2022 03:16 pm
Published on:
24 Aug 2022 03:12 pm
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