
नवभारत साक्षरता कार्यक्रम: असाक्षरों के सरल अध्यापन के लिए गुरुजनोंं ने तैयार की हिंदी-गणित की पुस्तकें
सत्येंद्रसिंह राठौर. देवास
असाक्षरों को साक्षर बनाने के लिए चलाए जा रहे नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत देवास जिले ने नवाचार करते हुए गुरुजनों के सहयोग से हिंदी और गणित की पुस्तकें तैयार की हैं। इन पुस्तकों में असाक्षरों को पढ़ाने के लिए विशेष व सरल पद्धति से सामग्री तैयार की गई है। अलग-अलग सामग्री के साथ ही विभिन्न कार्य सीखने के लिए अनुमानित समयावधि का उल्लेख भी पुस्तक में किया है। इस तरह का नवाचार प्रदेश में पहली बार देवास में हुआ है। दो भागों में हिंदी व एक भाग में तैयार गणित की पुस्तक की चर्चा दिल्ली तक हुई है, इसके बाद पिछले दिनों वहां की एक टीम नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत फील्ड टेस्टिंग के लिए देवास आ चुकी है। जल्द ही पुस्तक का विमोचन करने की तैयारी की जा रही है। पुस्तक तैयार करने में प्रौढ़ शिक्षा अधिकारी सहित करीब आधा दर्जन गुरुजनोंं की मेहनत शामिल है।
हिंदी के भाग एक में मात्रा ज्ञान, दूसरे में स्वर-व्यंजन परिचय
हिंदी की भाग-1 पुस्तक में मात्रा ज्ञान सहित कुछ अन्य अन्य अध्यापन सामग्री को शामिल किया गया है जबकि भाग-2 में स्वर परिचय, व्यंजन परिचय, संयुक्त वर्ण परिचय, आओ बनाएं शब्द आदि शामिल हैं। इनमें से व्यंजन परिचय को छोडक़र अन्य सभी के लिए सीखने की अवधि दो सप्ताह की निर्धारित की गई है, व्यंजन परिचय के लिए एक सप्ताह का समय तय किया गया है। भाग-1 पुस्तक 72 पेज जबकि भाग-2 पुस्तक 34 पेज की है।
गणित में संख्या ज्ञान से लेकर जोड़-घटाव, गुणा-भाग
गणित की पुस्तक में संख्या पहचान, देवनागरी में गिनती, जोड़-घटाना, गुणा-भाग करना शामिल किया गया है। २८ पेज की इस पुस्तक में संख्या पहचान के लिए निर्धारित अवधि एक सप्ताह है जबकि अन्य सभी के लिए दो-दो सप्ताह की अवधि तय की गई है।
भोपाल में बैठक में चर्चा के दौरान आया आइडिया
जिला प्रौढ़ शिक्षा अधिकारी राजेंद्र सक्सेना ने बताया कुछ माह पहले भोपाल में आयोजित प्रदेशस्तरीय बैठक में असाक्षरों के लिए शैक्षणिक सामग्री की उपलब्धता आदि को लेकर चर्चा हो रही थी, इसी दौरान इनके लिए अलग से पुस्तकें तैयार का आइडिया आया और फिर इस पर देवास में काम शुरू किया गया।
जागरुकता के लिए लोकगीतों की सीडी की तैयार
असाक्षरों को साक्षर बनाने के लिए पुस्तकें तैयार करने के साथ इनको शिक्षा के प्रति जागरुक करने के लिए सीडी भी तैयार की गई हैं। इनमें मालवी लोक शैली में लोकगीत आदि हैं जिनको आवाज दी है शिक्षक मानसिंह भोंदिया ने।
पूरे जिले में 83 हजार से ज्यादा चिन्हित असाक्षर
10 सितंबर 2022 को जिले में चलाए गए महाअभियान के तहत 83536 असाक्षरों को चिन्हित किया गया था। इनमें से 61562 का पंजीयन प्रौढ़ शिक्षा ऐप पर किया जा चुका है। अक्षर साथियों के सहयोग से गांव-नगर में कक्षाएं लगाई जा रही हैं।
वर्जन
असाक्षर लोगों के अध्यापन के लिए सरल पद्धति पर आधारित पुस्तकें जिले के शिक्षक-शिक्षिकाओं से तैयार करवाई गई हैं। नवभारत साक्षरता कार्यक्रम में प्रदेश में यह काम देवास जिले में ही हुआ है। पुस्तकों के विमोचन के लिए वरिष्ठ अधिकारियों से मार्गदर्शन लिया जा रहा है।
-राजेंद्र सक्सेना, जिला प्रौढ़ शिक्षा अधिकारी देवास।
प्रशिक्षण के दौरान निकाला पुस्तक तैयार करने का समय
पुस्तकें तैयार करने के लिए गुरुजनों ने अपने प्रशिक्षण के दौरान समय निकाला। प्रौढ़ शिक्षा जिला सहसमन्वयक शैलेष पाटीदार ने बताया डाइट कॉलेज में प्रशिक्षण के दौरान आने वाले शिक्षक सुनील पटेल, गिरधर त्रिवेदी, तारा राठौर, रणधीरसिंह खिंची, महेंद्र मंडलोई, शेखर देथलिया आदि ने पुस्तक तैयार करने में सहयोग दिया। ये सभी शिक्षक प्रशिक्षण के एक घंटे पहले आते थे और एक-डेढ़ घंटे के बाद जाते थे। करीब 15-20 दिन में पुस्तकें तैयार कर ली गई थीं।
देवास से भोपाल फिर दिल्ली तक पहुंची पुस्तकें
पुस्तकें तैयार होने के बाद इनको राज्य शिक्षा केंद्र भोपाल के अधिकारियों को दिखाया गया। इसके बाद दिल्ली में होने वाली प्रदेशों की बैठक में यह पुस्तकें दिखाई गई तो देवास के नवाचार को काफी पसंद किया गया। इसी के बाद नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत फील्ड टेस्टिंग के लिए देवास जिले को चिन्हित किया गया था।
Published on:
30 Dec 2022 12:07 pm
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