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मन्नत- मैया, जिसे मैं चाहती हूं उसी से मेरी शादी करवा देना…

Dewas- Donation boxes opened at Mata Tekri in Dewas

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Dewas Mandir

Dewas- देवास में चैत्र नवरात्र के बाद माता टेकरी पर दान पेटियां खोली गईं तो श्रद्धा और आस्था का ऐसा अनोखा रूप सामने आया जिसने हर किसी का दिल छू लिया। भक्तों ने सिर्फ दान ही नहीं किया, बल्कि अपनी मनोकामनाएं कागज की पर्चियों में लिखकर माता के चरणों में समर्पित कीं। इन पर्चियों में किसी ने नौकरी की इच्छा जताई, तो किसी ने पसंद की लडक़े लडक़ी से शादी करवाने की गुहार लगाई है।

सोमवार सुबह करीब 11 बजे छोटी माता मंदिर और बड़ी माता मंदिर की कुल 20 दान पेटियां तहसीलदार सपना शर्मा, नायब तहसीलदार कपिल गुर्जर और राजस्व टीम की मौजूदगी में खोली गईं। गिनती का कार्य शाम 5 बजे तक चला, जिसमें 50 से अधिक कर्मचारियों की टीम जुटी रही।

दान पेटी से निकला सिंगापुर का 2 डॉलर का नोट

दान पेटियों से कुल 13 लाख 34 हजार 708 रुपए की राशि प्राप्त हुई, जबकि ऑनलाइन दान अलग है। इसके साथ ही चांदी की ज्वेलरी, कुछ पुराने 2 हजार रुपए के नोट और विदेशी करेंसी भी मिली, जिसमें सिंगापुर का 2 डॉलर का नोट विशेष रूप से आकर्षण का केंद्र रहा।

पर्चियों में झलकी उम्मीदें और भावनाएं- मेरी शादी करवा देना, हम दोनों आपके दरबार में साथ आएंगे

दान पेटियों से निकली पर्चियों ने लोगों की भावनाओं को शब्दों में बयां किया। एक भक्त ने लिखा, जय माता दी…मां पीएससी में मेरा सिलेक्शन हो जाए, मेरी शादी हो जाए और परिवार खुश रहे। वहीं एक अन्य ने प्रार्थना की, माता रानी मेरे सभी दुख दूर कर दो, पति की पक्की नौकरी लग जाए। एक युवती ने अपनी दिल की बात लिखते हुए कहा, मैया, जिससे मैं चाहती हूं, उसी से मेरी शादी करवा देना, हम दोनों आपके दरबार में साथ आएंगे। किसी छात्र ने परीक्षा पास करवाने की मन्नत मांगी, तो किसी ने साल 2026 में नौकरी लगने की कामना की।

सपनों को मिला आस्था का सहारा- एक महिला भक्त की पर्ची ने विशेष रूप से ध्यान खींचा, जिसमें उसने लिखा, मां, देवास आ गई हूं, अब यहां नाम कमाना है, अपना घर बनाना है। एक गायक के रूप में पहचान दिला देना, बस आपका आशीर्वाद चाहिए। माता टेकरी की इन पर्चियों ने एक बार फिर साबित कर दिया कि यहां आने वाले श्रद्धालु केवल दान ही नहीं, बल्कि अपनी उम्मीदें, सपने और विश्वास भी माता के चरणों में अर्पित करते हैं।

प्रशासन की निगरानी में हुई प्रक्रिया
नायब तहसीलदार और टेकरी प्रभारी कपिल गुर्जर के अनुसार, हर वर्ष की तरह इस बार भी चैत्र नवरात्र के बाद दान पेटियां खोली गईं। पूरी प्रक्रिया प्रशासन की निगरानी में पारदर्शिता के साथ संपन्न हुई। 50 से ज्यादा कर्मचारियों की टीम ने शाम 5 बजे तक गिनती की है।