
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत... 3 साल में सीजीपीए 7.50 से कम तो नहीं रहेगी चौथे साल में पढ़ाई की पात्रता
सत्येंद्रसिंह राठौर. देवास
वर्ष 2020 में तैयार हुई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) को प्रभावी हुए एक साल से अधिक का समय बीत गया है लेकिन अभी तक इसके पूरे तो क्या खास-खास प्रावधानों के बारे मेंं भी विद्यार्थियों को विस्तृत जानकारी नहीं मिल सकी है। चूंकि इस नीति के तहत चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम का दूसरा साल ही चल रहा है इसलिए कोई प्रावधानों को लेकर कोई अधिक ध्यान भी नहीं दे रहा है लेकिन जैसे-जैसे पढ़ाई आगे बढ़ेगी वैसे-वैसे कई दिक्कतें भी विद्यार्थियों के सामने आ सकती हैं। इस नीति के तहत एक ऐसा प्रावधान भी है कि यदि तीन साल की पढ़ाई के बाद किसी विद्यार्थी को 7.50 सीजीपीए (संचयी ग्रेड पॉइंट औसत) नहीं प्राप्त हुए हैं तो उसे चौथे वर्ष पढ़ाई करने की पात्रता नहीं रहेगी। ऐसे में उसे तीन साल के आधार पर ही डिग्री दे दी जाएगी जबकि यदि चौथे साल की पढ़ाई पूरी होती है तो डिग्री विथ रिसर्च अथवा ऑनर्स दिया जाता है।
यह है डिग्री विथ रिसर्च अथवा ऑनर्स
लीड केपी कॉलेज के डॉ. संजय गाडगे के अनुसार डिग्री विथ रिसर्च में विद्यार्थियां को शोध प्रविधि के संबंधित पाठ्यक्रम का अध्ययन करना रहता है जो पीएचडी व अन्य शोध कार्यों के लिए आवश्यक रहता है। इसी प्रकार ऑनर्स डिग्री में किसी एक विषय का चयन करके वर्षभर उसी विषय से संबंधित पाठ्यक्रम का गहन अध्ययन किया जा सकता है।
अंक की जगह ग्रेडिंग सिस्टम, 0-34 अंक होने पर शून्य
राष्ट्रीय शिक्षा नीति में अंकों की जगह ग्रेडिंग सिस्टम को प्रभावी किया गया है। इसके तहत अंक दर्ज नहीं रहते। यदि किसी विषय मेंं विद्यार्थी को 0-34 के बीच अंक आते हैं तो अंक सूची में शून्य ही दर्ज किया जाता है। पूर्व की व्यवस्था में फेल होने वाले विषय में प्राप्त अंक अंकसूची में दर्ज किए जाते थे।
जल्द ही सरकारी, निजी कॉलजों में होंगी कार्यशालाएं
देवास से लीड केपी कॉलेज के डॉ. संजय गाडगे, डॉ. लता धूपकरिया को एंबेसेडर प्राध्यापक बनाया गया है। अब इनके द्वारा विभिन्न सरकारी व निजी कॉलेजों में जाकर स्टॉफ व विद्यार्थियों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रावधानों के बारे मेंं बताया जाएगा। इसकी शुरुआत इसी माह से होने की संभावना है।
वर्जन
जैसे-जैसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति का क्रियान्वयन हो रहा है, वैसे-वैसे हम भी विद्यार्थियोंं को जागरुक करने के प्रयास कर रहे हैं। आगामी दिनों में एंबेसेडर प्राध्यापकों द्वारा सभी शासकीय व अशासकीय कॉलेजों में पहुंचकर विद्यार्थियों सहित स्टॉफ को शिक्षा नीति के प्रावधानों से अवगत कराया जाएगा। इस संबंध में वरिष्ठ स्तर से निर्देश भी मिले हैं।
-डॉ. आरएस अनारे, प्राचार्य लीड केपी कॉलेज देवास।
हर जिले से बनाए दो-दो एंबेसेडर प्राध्यापक
राष्ट्रीय शिक्षा नीति का जैसे-जैसे क्रियान्वयन आगे बढ़ता जा रहा है वैसे-वैसे उच्च शिक्षा विभाग द्वारा इसकी जानकारी विस्तृत रूप से कॉलेजों को देने का प्रयास किया जा रहा है। पिछले दिनों भोपाल में प्रशासनिक अकादमी में पूरे प्रदेश के हर जिले से दो-दो प्रोफेसर्स को तीन दिवसीय कार्यशाला में बुलाकर पाठ्यक्रम, क्रियान्वयन, दिशा-निर्देशों आदि की जानकारी दी गई। कार्यशाला में शामिल होने वालों को एंबेसेडर प्राध्यापक की जिम्मेदारी दी गई है।
Published on:
24 Mar 2023 11:49 am
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