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देवास . देवास में चल रहे महाकुंभ में पहुंचे देश विदेश के कई किन्नर 15 दिवसीय चल रहे इस महासम्मेलन में शुक्रवार को नगर में कलश यात्रा निकाली जा रही है जिसके स्वागत के लिए हजारों लोग देवास की सड़कों पर आकर स्वागत किया
किन्नरों का अखिल भारतीय सम्मेलन एबी रोड स्थित निजी गार्डन में चल रहा है। सम्मेलन 1 से शुरू हुआ है ,जो कि 15 जनवरी तक चलेगा। सम्मेलन में पूरे देश से करीब 4 हजार से अधिक किन्नर भाग लेने आए हैं। इसमें भारत के अलावा विदेश से भी किन्नर शिरकत कर रहे है। शुक्रवार को एबी रोड स्थित गार्डन से जुलूस निकाला गया। जुलूस में किन्नर थिरकते चल रहे थे। वहीं पूरे रास्ते भर स्वागत मंच लगे थे। जहां गुरुओं का सम्मान किया गया। गुरुओं ने भी तमाम लोगों को आशीर्वाद देकर सुखी रहने की कामना की। वहीं गुरुवार को सम्मेलन में आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजयसिंह पहुंचे। गुरुवार को पहली बार किन्नरों ने केंद्र सरकार दरा लाए जा रहे एक बिल के प्रति अपनी चिंता व नाराजगी जताई। केंद्र सरकार के इस बिल में दो प्रावधानों पर किन्नर खासे नाराज दिखे।
इस बिल में जहां गुरु.शिष्य परंपरा को बंद करने की बात कही गई हैं
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वहीं नेक प्रथा को बंद करने की बात भी कही गई हैं, जिसे बिल में भीख मांगना बताया गया हैं। यहीं से किन्नर समाज सरकार से नाराज हो गया हैं। ये नाराजगी गुरुवार को खुलकर सामने आई। किन्नर समाज की राष्ट्रीय अध्यक्ष पायलबाई, गुलशन सिंह, रेखा ने एक स्वर में बिल के प्रारूप पर ंिजंता जताई व कहा कि इस बिल के माध्यम से सरकार किन्नरों की पहचान को ही खत्म करना चाहती हैं। जबकि हमारा वजूद तो धार्मिक गं्रथों व पुराणों ने भी माना हैं।
कोई काल ऐसा नहीं रहा, जहां हम न रहे हो लेकिन अब इस पर ही सवाल खड़े किए जा रहे हैं। नाराज किन्नरों का कहना था कि एक तरह सुप्रीम कोर्ट ने अपने ऐतिहासिक फेसले में हमें थर्ड जनरेशन के रूप में पहचान दी, वहीं केंद्र की मोदी सरकार अब हमारे वैरिफिकेशन पर उतारू हैं। ये कहां का इंसाफ हैं। भावुक किन्नरों ने कहा कि मेनिका गांधी पशु.पक्षियों के हक की लड़ाई लड़ती हैं, लेकिन हम तो फिर भी इंसान हैं। हम कभी भी दुनिया दारी के मसलों में नहीं पड़ते हैं लेकिन आज हमारी पहचान पर ही सवाल केंद्र का कानून खड़ा कर रहा हैं। गुलशन बिंदु ने कहा में उसी अयोध्या से आई हूं जहां भगवान राम का वास था। जब भगवान राम का जन्म हुआ था तो इसका हर्ष मनाने के लिए किन्नर भी पहुंचे थे। आज क्यों हमारे पहचान पर संकट खड़ा करने का प्रयास किया जा रहा हैं।
Published on:
11 Jan 2019 06:36 pm
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