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कोरोना का कहर : मुश्किलों भरा सफर हुआ आसान, श्रमिकों को मिली रही मदद

कोरोना का कहर : मुश्किलों भरा सफर हुआ आसान, श्रमिकों को मिली रही मदद

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कोरोना का कहर : मुश्किलों भरा सफर हुआ आसान, श्रमिकों को मिली रही मदद

कोरोना का कहर : मुश्किलों भरा सफर हुआ आसान, श्रमिकों को मिली रही मदद

देवास। लॉकडाउन अवधि के दौरान मुम्बई में फंसे श्रमिक राजा बाबू चौधरी सहित हजारों श्रमिकों को आवागमन के लिए साधन उपलब्ध करवाए जा रहे हैं जिससे वो खुश हैं। चौधरी ने कहा मप्र सरकार द्वारा की गई उत्कृष्ट व्यवस्था से अब हमारे घर पहुंचने की राह आसान हो गई है। वे शीघ्र ही अपने घर को पहुंच जाएंगे। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान तथा देवास जिला प्रशासन का आभार माना।
मप्र के सतना जिले के ग्राम पखरौदा निवासी चौधरी ने बताया कि वे मुम्बई में रहकर काम कर रहे थे। कार्य के दौरान उनकी आजीविका अच्छे से चल रही थी। इसी बीच कोरोना महामारी के चलते लॉकडाउन लगाया गया, जिसमें उनके सहित अन्य लोग फंस गए तथा काम-धंधा भी ठप हो गया। इसके बाद दिन-रात चिंता सता रही थी कि वे सुरक्षित घर कैसे पहुंचेंगे। इसी बीच सरकार ने हमें वहां से निकालने का प्रबंध किया है। मुम्बई से वे तथा अन्य श्रमिकजन जैसे-तैसे निकले। यहां तक पहुंचने के लिए प्रशासन द्वारा बस की व्यवस्था की गई तथा रास्ते में खाना, पेयजल, चाय, नाश्ता दिया गया। उन्होंने बताया कि देवास के आर्गस गार्डन से उन्हें उनके गृह जिले में भेजा जा रहा है। इसके लिए देवास जिला प्रशासन द्वारा मेडिकल चेकअप किया जा रहा है। यहां पर भोजन, पेयजल, चाय, नाश्ता के साथ फल भी दिए जा रहे हैं। वे बताते हैं कि हम सभी श्रमिकों को बस द्वारा गृह नगर भेजा जाएगा। वहां से हमें हमारे घर पहुंचाया जाएगा। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश के मजदूरों के चेहरे पर अपने घर पहुंचने की आस में खुशी साफ झलक रही है। श्रमिकजन बहुत खुश हैं कि वे शीघ्र ही अपने घर पहुंच जाएंगे। उप्र निवासी लालचंद व अन्य श्रमिक महाराष्ट्र के पुणे में एक निजी कंपनी में कार्य कर रहे थे। वहां लॉक डाउन के दौरान परेशानियां का सामना करना पड़ रहा था और ये वहां से निकल पड़े। श्रमिकों ने बताया कि प्रशासन द्वारा उन्हें बसों व अन्य साधनों से घर पहुंचाने की व्यवस्था की गई है।
ट्रांजिट सेंटर से लगातार भेजे जा रहे श्रमिक, १८० बसें रवाना हुईं
अन्य राज्यों एवं जिलों में रूके, फंसे मजदूरों को उनके गंतव्य को पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है ताकि प्रवासी मजदूरों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हों। इस कड़ी में जिला प्रशासन देवास द्वारा श्रमिकों को नंदन कानन होटल के सामने व आईटीसी के पास स्थित आर्गस गार्डन से बसों की आवश्यक व्यवस्था करके उनके गंतव्य तक पहुँचाया जा रहा है। परिवहन विभाग द्वारा श्रमिकों के लिए बसों की व्यवस्था कराई जा रही है। कोरोना वायरस संक्रमण को दृष्टिगत रखते हुए ट्रांजिट सेंटर पर श्रमिकों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करवाया जा रहा है। शुक्रवार को जिला प्रशासन द्वारा शाम तक देवास के अर्गस गार्डन में बनाए गए ट्रांजिट सेंटर से गुना व सागर जिले को 18 0 बसें रवाना की गई। इन बसों के माध्यम से लगभग 9 हजार प्रवासी मजदूरों को उनके गंतव्य स्थल तक पहुंचाया गया। श्रमिकों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए देवास ट्रांजिट सेंटर से दो रूट पर बसें भिजवाई जा रही हैं।