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देवास: 85 प्रतिशत से अधिक दो पहिया वाहन चालक नहीं कर रहे हेलमेट का उपयोग, जल्द होगी सख्ती

-अधिकांश के पास हेलमेट नहीं, कई करते हैं अधिक वजन, गर्मी लगने व घबराहट होने की बहानेबाजी

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देवास: 85 प्रतिशत से अधिक दो पहिया वाहन चालक नहीं कर रहे हेलमेट का उपयोग, जल्द होगी सख्ती

देवास: 85 प्रतिशत से अधिक दो पहिया वाहन चालक नहीं कर रहे हेलमेट का उपयोग, जल्द होगी सख्ती

देवास. शहर व अंचल में बेलगाम यातायात, लगातार हो रहे हादसे, वाहनों की रेलमपेल के बीच खुद की सुरक्षा को लेकर दो पहिया चालक व सवार गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं। जिले में करीब 85 प्रतिशत से ज्यादा दो पहिया वाहन चालक हेलमेट का उपयोग नहीं कर रहे हैं जबकि हादसों में जान गंवाने वालों में सबसे अधिक संख्या सिर में चोट लगने (हेड एंज्युरी) वालों की ही है। यातायात विभाग समय-समय पर सडक़ सुरक्षा सप्ताह, जागरुकता कार्यक्रम करके लोगों से हेलमेट के उपयोग का अनुरोध भी करता है लेकिन इसका अधिक असर नजर नहीं आ रहा है। आम लोगों में अधिकांश के पास हेलमेट है ही नहीं, जिनके पास है वो इसे लगाने पर गर्मी लगने, वजन लगने, सिर दर्द होने, घबराहट होने के बहाने बनाते हैं। वहीं हेलमेट लगाने के मामले में यातायात विभाग, पुलिस विभाग सहित अन्य विभागों के कर्मचारी भी गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं। न्यायालय के आदेश के बाद हेलमेट को लेकर आगामी दिनों पुलिस की सख्ती बढऩे वाली है, इस बार सिर्फ समझाइश ही नहीं जुर्माने की कार्रवाई भी होना तय माना जा रहा है।
50 प्रतिशत से अधिक वाहन चालकों के पास नहीं हेलमेट!
जिले में दो पहिया वाहन चालकों में 50 प्रतिशत से अधिक के पास हेलमेट नहीं होने की जानकारी सामने आई है। यातायात विभाग के अधिकारी भी इस बात को मानते हैं। कई संस्थाओं द्वारा समय-समय पर जरूरतमंदों को नि:शुल्क हेलमेट भी वितरित किए जाते हैं। जिले में दो पहिया वाहनों के हादसों में मौतों का आंकड़ा सबसे ज्यादा हेड इंज्युरी का ही है। ऐसे में हेलमेट की उपयोगिता बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाती है।
कई साल पहले सख्ती होने पर खरीदे थे सस्ते, हो गए खराब
कई साल पहले हेलमेट को लेकर सख्ती होने के बाद हेलमेट की दुकानों की बाढ़ सी आ गई थी। सडक़ों के किनारे फुटपाथ पर दुकानें सज गई थी और किसी प्रकार की कार्रवाई से बचने के लिए दो पहिया वाहन चालकों ने सस्ते हेलमेट खरीदकर काम चला लिया था जबकि हादसे के दौरान चोट से बचाव के लिए अच्छी गुणवत्ता का हेलमेट होना चाहिए। जिन्होंने ये हेलमेट खरीदे थे उनमें से कई के खराब हो चुके हैं।
वर्जन
सडक़ हादसे में हेड एंज्युरी के मामलों से हेलमेट बहुत बचाव करता है। हर दो पहिया वाहन चालक को सुरक्षा के लिए हेलमेट लगाना चाहिए। हेलमेट को लेकर चेकिंग अभियान जल्द शुरू हो रहा है, वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा इस संबंध में निर्देशित किया गया है। लोगों को समझाइश देकर जागरुक किया जाएगा, चालानी कार्रवाई भी की जाएगी।
-सुप्रिया चौधरी, टीआई यातायात देवास।

हेलमेट चेकिंग को पुलिस अधीक्षक ने ली बैठक, दिए निर्देश
हेलमेट चेकिंग को लेकर चलाए जाने वाले अभियान के संबंध में पुलिस अधीक्षक डॉ. शिवदयाल सिंह ने शनिवार को कार्यालय में अधिकारियों की बैठक ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अंचल के अधिकारियों के साथ उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेसिंग की। रविवार को शहर में ईद मिलादुन्नबी के जुलूस की व्यवस्थाओं में पुलिस बल के व्यस्त रहने के कारण सोमवार से हेलमेट चेकिंग अभियान गति पकड़ सकता है। शहर में अलग-अलग थाना क्षेत्रों में करीब दर्जनभर स्थानों पर चेकिंग अभियान चलाने की तैयारी है।

हेलमेट लगाने में सबसे अधिक संख्या अप-डाउनर्स की
यातायात विभाग के एक आकलन के अनुसार वर्तमान में शहर में हेलमेट लगाने वालों की सबसे अधिक संख्या उन लोगों की है जो इंदौर-उज्जैन बाइक से अप-डाउन करते हैं, वहीं देवास की स्थानीय कंपनियों में काम करने वाले भी काफी कर्मचारी हेलमेट का उपयोग कर रहे हैं। आमजन में भी धीरे-धीरे जागरुकता आ रही है।