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अच्छी खबर: जिला अस्पताल में फिजियोथेरपी सेंटर की शुरुआत, महिला, पुरुष के लिए अलग-अलग फिजियोथेरेपिस्ट

-वर्तमान में करीब आधा दर्जन उपकरण मौजूद, रोजाना पहुंच रहे 10-15 मरीज

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अच्छी खबर: जिला अस्पताल में फिजियोथेरपी सेंटर की शुरुआत, महिला, पुरुष के लिए अलग-अलग फिजियोथेरेपिस्ट

अच्छी खबर: जिला अस्पताल में फिजियोथेरपी सेंटर की शुरुआत, महिला, पुरुष के लिए अलग-अलग फिजियोथेरेपिस्ट

देवास. शहर व अंचल सहित आसपास के जिलों के कई गांवों के मरीजों की उपचार की जिम्मेदारी संभालने वाले जिला अस्पताल में मरीजों के लिए फिजियोथेरेपी की शुरुआत की गई है। अस्पताल भवन से लगे ट्रॉमा सेंटर भवन में फिजियोथेरेपी सेंटर शुरू हुआ है, यहां महिला व पुरुषों के लिए दो फिजियोथेरेपिस्ट (एक महिला, एक पुरुष) पदस्थ किए गए हैं। हालांकि सेंटर पर अभी पर्याप्त संसाधन मौजूद नहीं हैं, धीरे-धीरे इनमें बढ़ोतरी हो रही है। वर्तमान में 10-15 मरीज औसतन रोजाना यहां पहुंच रहे हैं जिसमें एक्सीडेंटल केस व पैरालिसिस के मरीजों की संख्या अधिक है।
अभी तक जिला अस्पताल में फिजियोथेरेपी की सुविधा उपलब्ध नहीं थी जिसके कारण मरीजों को निजी केंद्रों में ही जाना पड़ता था जहां रोजाना के हिसाब से रुपए खर्च करना पड़ते थे। वहीं भीड़ अधिक होने पर लंबे इंतजार की स्थिति का भी वहां पर सामना करना पड़ता था। निजी केंद्रों पर उपचार करवाने में गरीब वर्ग के मरीजों को आर्थिक बोझ उठाना पड़ता था। जिला अस्पताल में नि:शुल्क फिजियोथेरेपी शुरू होने से मरीजों को काफी राहत होगी। राष्ट्रीय बुजुर्ग स्वास्थ्य देखभाल कार्यक्रम (एनपीएचसीई) स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से यह शुरुआत की गई है। फिजियोथेरेपी केंद्र पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) की ओर से दो फिजियोथेरेपिस्ट मयूरी जोशी व महेंद्र ससाने को पदस्थ किया गया है। केंद्र शुरू हुए करीब एक माह होने वाला है लेकिन अभी यहां संसाधन कम हैं, करीब आधा दर्जन मशीनें हैं जिनमें ट्रैक्सन टेबल, वैक्स बॉथ आदि प्रमुख हैं। चूंकि अभी संसाधन कम हैैं और लोगों को इस सेंटर के बारे मेंं अधिक जानकारी नहीं है इसलिए मरीज कम आ रहे हैं, ऐसे में यहां फिलहाल सहायक स्टॉफ की आवश्यकता नहीं पड़ रही है लेकिन मरीजों की संख्या बढऩे पर स्टॉफ भी बढ़ाया जाएगा। फिलहाल फिजियोथेरेपी केंद्र का समय सुबह 9 से दोपहर दो बजे तक निर्धारित किया गया है।
वर्जन
फिजियोथेरेपी सेंटर की शुरुआत ट्रामा सेंटर भवन में की गई है, यहां धीरे-धीरे संसाधन भी बढ़ाए जाएंगे। जिन उपकरणों की जरूरत है उनकी डिमांड वरिष्ठ कार्यालय को भेजी गई है। जरूरत पडऩे पर सेंटर को अतिरिक्त जगह भी उपलब्ध करवाई जाएगी।
-डॉ. अजय पटेल, आरएमओ जिला अस्पताल।