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नवीन भवन में साइंस कॉलेज की शुरुआत…पहले दिन सिटी बस की लोकेशन में उलझे विद्यार्थी,  नहीं लग सकीं कक्षाएं

-सिटी बस भोपाल चौराहे की जगह खड़ी हुई थी आगे की ओर, बस के पहले चक्कर में बैठे सिर्फ ४ विद्यार्थी व एक कर्मचारी-साफ-सफाई के लिए नगर निगम से मांगा गया सहयोग, इंटरनेट कनेक्शन हुआ, बार-बार गुल हो रही है बिजली

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नवीन भवन में साइंस कॉलेज की शुरुआत...पहले दिन सिटी बस की लोकेशन में उलझे विद्यार्थी,  नहीं लग सकीं कक्षाएं

नवीन भवन में साइंस कॉलेज की शुरुआत...पहले दिन सिटी बस की लोकेशन में उलझे विद्यार्थी,  नहीं लग सकीं कक्षाएं

देवास. शहर से करीब 10 किमी दूर नए भवन में पिछले दिनों शिफ्ट हुए साइंस कॉलेज की शुरुआत आखिरकार सोमवार से हो गई। पहले दिन सिटी बस की लोकेशन में उलझे विद्यार्थी मैजिक वाहनों व निजी साधनों के सहारे कॉलेज तक पहुंचे, हालांकि यहां सीसीई जमा करने की व्यवस्था ही चल सकी और कक्षाओं की शुरुआत नहीं हो सकी। सबसे बड़ी समस्या साफ-सफाई की है जिसके लिए नगर निगम से भी सहयोग मांगा गया है, हालांकि पहले दिन फर्नीचर व अन्य सामान जमाने का का पूरा नहीं होने के कारण कक्षाओं का संचालन शुरू नहीं हो सका। कॉलेज भवन में इंटरनेट कनेक्शन हो चुका है लेकिन बिजली प्रदाय शहर की तरह नहीं है। ग्रामीण अंचल होने से बार-बार बिजली का आना-जाना चल रहा है जिससे दिक्कतें आना तय है। इस संबंध में भी कॉलेज प्रबंधन द्वारा प्रयास किए जा रहे है। पत्रिका टीम ने दोपहर १ से दो बजे तक कॉलेज भवन का जायजा लिया। यहां परिसर में अंदर फर्नीचर व अन्य सामान बिखरा पड़ा था, कर्मचारी व कई जगह विद्यार्थी भी व्यवस्था जमाने में प्रोफेसर्स के साथ लगे थे।
बस नहीं आई मिली, कुछ मैजिक से रवाना, कुछ पुराने भवन पहुंचे
दोपहर करीब 12.20 बजे भोपाल चौराहा पर नए कॉलेज भवन के लिए कोई सिटी बस नजर नहीं आई। ऐसे में यहां से कई विद्यार्थी मैजिक वाहन से कॉलेज के लिए रवाना हो गए तो कुछ पैदल पुराने कॉलेज भवन जा पहुंचे। पुराने भवन में पहुंची छात्राओं ने बताया कहां से बस या मैजिक मिलेगी पता ही नहीं चल रहा है।
चौराहे से आगे खड़ी थी बस, अंदर थे सिर्फ चार विद्यार्थी
सिटी बस दोपहर करीब 12.35 बजे भोपाल चौराहे से आगे की ओर खड़ी नजर आई, उस दौरान इसमें सिर्फ चार विद्यार्थी व कॉलेज का एक कर्मचारी बैठा था। काफी इंतजार के बाद जब और विद्यार्थी नहीं आए तो इन्हीं को लेकर बस रवाना हो गई। यह बस दोपहर करीब 1 बजे कॉलेज पहुंची।
वर्जन
धीरे-धीरे कक्षाओं का व्यवस्थित संचालन शुरू हो जाएगा। फर्नीचर व अन्य सामान जमाने का काम आधे से ज्यादा पूर्ण कर लिया गया है। साफ-सफाई के लिए नगर निगम से सहयोग मांगा है। नए भवन में इंटरनेट कनेक्शन हो गया है।
-डॉ. माधवी माथुर, प्राचार्य साइंस कॉलेज देवास।

पहले दिन ही खर्च हो गए 80 रुपए
सिटी बस में सवार बीएससी प्रथम वर्ष के छात्र आयुष मिश्रा ने बताया वो शिप्रा में रहते हैं। शिप्रा से देवास आने में 20 रुपए किराया लगा, इसके बाद सिटी बस में 20 रुपए देकर कॉलेज पहुंचे, वापसी में भी कॉलेज से शिप्रा जाने में 40 रुपए लगे, इस तरह एक ही दिन में 80 रुपए खर्च हो गए।
मासिक पास बनवाने में नहीं रुचि
प्रशासन द्वारा भोपाल चौराहे से कॉलेज तक सिटी बस चलाने की व्यवस्था की गई है। इसके लिए मासिक पास 700 रुपए तय किया गया है लेकिन विद्यार्थियों के लिए यह ज्यादा है। कॉलेज प्रबंधन द्वारा मासिक पास 500 रुपए करने के लिए पत्र लिखा गया था लेकिन इस पर कोई निर्णय नहीं हो सका। उधर पास बनवाने में विद्यार्थियों की रुचि नहीं है। बस स्टैंड स्थित सिटी बस के कार्यालय से बताया गया कि दो-तीन ही विद्यार्थी पास बनवाने आए हैं।
वापसी मेंं बस में बढ़ गई थी संख्या
सिटी बस स्टॉफ से मिली जानकारी के अनुसार सोमवार को बस ने कॉलेज के दो चक्कर लगाए, कॉलेज से देवास लौटने में दो बार में 50 से अधिक विद्यार्थी सवार हुए थे।