
महिला एवं बाल विकास विभाग में स्टॉफ का टोटा... कन्नौद-बागली आदिवासी परियोजना में नहीं अधिकारी, आधा दर्जन सुपरवाइजर व 50 कार्यकर्ता-सहायिकाओं की भी कमी
देवास. बच्चों से लेकर महिलाओं तक के लिए विभिन्न कार्यक्रमों, योजनाओं के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी संभालने वाले महिला एवं बाल विकास विभाग में अधिकारियों सहित कर्मचारियों का टोटा बना हुआ है। पूरे जिले की कुल 9 में से दो परियोजनाएं कन्नौद व बागली आदिवासी बिना अधिकारी के चल रही हैं जबकि करीब आधा दर्जन सुपरवाइजरों की भी कमी है। इसके अलावा 50 से अधिक आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं के पद भी खाली हैं इससे भी आंगनवाड़ी केंद्रों की व्यवस्था पर असर पड़ रहा है। अधिकारियों, सुपरवाइजर की नियुक्ति वरिष्ठ स्तर से होना है जबकि कार्यकर्ता व सहायिका के लिए प्रक्रिया जिलास्तर से चल रही है।
कन्नौद में धनोतिया के निधन के बाद से पद खाली
महिला एवं बाल विकास विभाग की कन्नौद परियोजना में पदस्थ अधिकारी एनसके धनोतिया का निधन पिछले साल हो गया था। तभी से यह पद रिक्त पड़ा है, बताया जा रहा है कि यहां किसी का तबादला हुआ है लेकिन उन्होंने ज्वॉइन नहीं किया है। उधर विभाग द्वारा धनोतिया के पुत्र को अनुकंपा निय ुक्तिदेकर सहायक ग्रेड-3 बनाया गया है, अभी ट्रेनिंग चल रही है।
बागली आदिवासी परियोजना अधिकारी हैं निलंबित
उधर बागली आदिवासी परियोजना की अधिकारी नीलम सेठिया को काम में लापरवाही पर संभागीय कार्यालय उज्जैन द्वारा पूर्व में निलंबित किया जा चुका है जिसके कारण इस परियोजना में भी अधिकारी नहीं है। वर्तमान में यहां का प्रभार सुपरवाइजर के पास है। कुछ माह पूर्व सेठिया टोंकखुर्द परियोजना में पदस्थ थीं।
सुपरवाइजर के हैं करीब 65 पद, कई रिक्त
जानकारी के अनुसार महिला एवं बाल विकास विभाग में पूरे जिले में सुपरवाइजर के करीब 65 पद हैं। इनमें से करीब आधा दर्जन पद रिक्त पड़े हैं। ऐसे में इन सेक्टर की नजदीकी सुपरवाइजरों को जिम्मेदारी सौंपकर काम चलाया जा रहा है।
वर्जन
कन्नौद में परियोजना अधिकारी की नियुक्ति होना है। सुपरवाइजर के कुछ रिक्त पद भी वरिष्ठ स्तर से भरे जाएंगे। कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं की नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है।
-रेलम बघेल, डीपीओ महिला एवं बाल विकास विभाग।
Published on:
24 Mar 2023 12:17 pm
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