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पुराने मीटर बदलते समय नहीं तैयार की मीटर रिप्लेसमेंट डिस्पोजल, अब तक 500 से ज्यादा में हो चुका चोरी का खुलासा

नियमों का पालन नहीं, इसलिए बिजली चोरी पर कार्रवाई में कंपनी सुस्त...   -नहीं हो पा रही बिजली चोरी की वसूली, रिपोर्ट तैयार होती तो उसमें रहते उपभोक्ता के हस्ताक्षर, अब चोरी साबित करना आसान नहीं

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पुराने मीटर बदलते समय नहीं तैयार की मीटर रिप्लेसमेंट डिस्पोजल, अब तक 500 से ज्यादा में हो चुका चोरी का खुलासा

पुराने मीटर बदलते समय नहीं तैयार की मीटर रिप्लेसमेंट डिस्पोजल, अब तक 500 से ज्यादा में हो चुका चोरी का खुलासा

सत्येंद्रसिंह राठौर. देवास

बिजली बिल नहीं भरने पर वित्तीय वर्ष की समाप्ति के पहले ताबड़तोड़ कार्रवाई कर वाहन व अन्य सामग्री जब्त करने वाली बिजली कंपनी मीटरों से छेड़छाड़ कर बिजली चुराने वालों पर कार्रवाई के नाम पर सुस्त नजर आ रही है। इसका कारण है नियम कायदों का पालन नहीं करना। बिजली चोरी के इन मामलों का खुलासा हुआ है पिछले करीब डेढ़ साल में स्मार्ट मीटर से पुराने मीटरों को बदलने के बाद। जब इन मीटरों की जांच लैब में की गई तो मीटर बायपास, बॉडी काटने, चुंबक लगाने आदि का पता चला। ऐसे मीटरों की सूची भी तैयार की गई लेकिन कार्रवाई के नाम पर कुछ भी नहीं हुआ। बिजली कंपनी के सूत्रों की मानें तो मीटर बदलने के दौरान एक रिपोर्ट (मीटर रिप्लेसमेंट डिस्पोजल) तैयार की जाती है जिसमें पुराने, नए मीटर की स्थिति सहित अन्य बिंदुओं का जिक्र रहता है, इसमें उपभोक्ता के हस्ताक्षर भी करवाए जाते हैं लेकिन इस रिपोर्ट को उस समय तैयार नहीं किया गया। ऐसे में अब कंपनी के पास कार्रवाई का पुख्ता आधार भी नहीं है। मामले को लेकर कार्यपालन यंत्री शहर संभाग दधीचि रेवडिय़ा से मोबाइल पर संपर्क किया गया लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया, वहीं अधीक्षण यंत्री आरके जैन से संपर्क नहीं हो पाया।

70 हजार में से 30 हजार बदले जा चुके मीटर

पुराने बिजली मीटरों को स्मार्ट मीटर से बदलने का काम शहर में करीब पौने दो साल से चल रहा है। पूरे शहर में 70 हजार से अधिक मीटरों को बदलकर स्मार्ट मीटर लगाए जाना हैं, इनमें से 30 हजार से अधिक बदले जा चुके हैं। इनमें से अधिकांश पुराने मीटरों की जांच हो चुकी है। इनमें 500 से अधिक मीटरों में बिजली चोरी का खुलासा हुआ है। इन मीटरों की जांच करने में छेड़छाड़ की पुष्टि हुई है।

पुराने मीटरों को जोन कार्यालय पहुंचाते हैं लैब में

शहर के अलग-अलग जोन में स्मार्ट मीटर लगाने का काम चलता रहता है। जब स्मार्ट मीटरों की कमी हो जाती है तो काम रुक भी जाता है। पुराने मीटरों को एकत्रित करने के बाद संबंधित जोन द्वारा समय-समय पर टेस्टिंग के लिए सीनियर जोन स्थित लैब में भिजवाया जाता है। बाद में यहां से मीटरों की जांच कर रिपोर्ट संबंधित जोन कार्यालय को दी जाती है। देवास शहर में सीनियर जोन, सिविल लाइन जोन, औद्योगिक क्षेत्र जोन व शहर जोन हैं। सबसे अधिक मामले सीनियर जोन में चोरी के सामने आ रहे हैं।

वर्जन

इस संबंध में जानकारी जिला स्तर के अधिकारी ही दे सकते हैं। मैं दिखवाता हूं क्या मामला है।

-बीएल चौहान, मुख्य अभियंता विविकं उज्जैन।