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बेमौसम व समय से पहले बारिश का असर… मच्छरों के बढ़े प्रकोप के बीच डेंगू के पैर पसारने की आशंका, बारिश के तीन माह रहता है पीक सीजन

-सितंबर, अक्टूबर, नवंबर में मिलते हैं सबसे ज्यादा मरीज, चार साल में जुलाई माह में मिले हैं सिर्फ दो मरीज

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बेमौसम व समय से पहले बारिश का असर... मच्छरों के बढ़े प्रकोप के बीच डेंगू के पैर पसारने की आशंका, बारिश के तीन माह रहता है पीक सीजन

बेमौसम व समय से पहले बारिश का असर... मच्छरों के बढ़े प्रकोप के बीच डेंगू के पैर पसारने की आशंका, बारिश के तीन माह रहता है पीक सीजन

देवास. गर्मी के सीजन में पिछले करीब एक माह से कुछ-कुछ दिनों के अंतराल में बारिश का दौर बार-बार चल रहा है। भीषण गर्मी के कुछ दिन छोड़ दिए जाएं तो बाकी दिनों में अपेक्षाकृत गर्मी कम होने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ा हुआ है। बारिश से होने वाले जलजमाव में साफ पानी में भी मच्छर पनप रहे हैं, इसके अलावा एसी, कूलर, गमले आदि में साफ पानी में मच्छरों की संख्या बढ़ रही है। ऐसे में इस साल समय से पहले डेंगू की दस्तक की आशंका बन गई है। हालांकि पिछले कुछ वर्षों के डेंगू के आंकड़ों पर गौर किया जाए तो देवास में सितंबर, अक्टूबर, नवंबर डेंगू के लिहाज से पीक सीजन रहता है। वहीं पिछले चार साल में जुलाई माह में डेंगू के मात्र दो मरीज मिले हैं।
कोरोना काल में 6 माह में मिले थे 354 डेंगू मरीज
देवास में हर साल सामान्यत: 35-40 डेंगू के मरीज मिलते हैं लेकिन कोरोना काल में 2021 में रिकॉर्डतोड़ मरीज मिले थे। मरीजों की संख्या जुलाई से दिसंबर के बीच 354 तक पहुंच गई थी। इसी साल जुलाई माह में भी जिले में पहली बार मरीज मिले थे। हालांकि अगले साल 2022 में मरीजों की संख्या में अप्रत्याशित कमी रही और 10 पर ही सिमट गई थी।
वर्जन
मैदानी टीमें सक्रिय हैं। अलग-अलग स्थानों पर लार्वा सर्वे व नष्टीकरण का काम किया जा रहा है। डेंगू के प्रति जागरुकता के कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं। इस बार भी भोपाल से अतिरिक्त स्क्वॉड की मांग करेंगे ताकि लार्वा सर्वे व फीवर सर्वे व्यवस्थित किया जा सके।
-डॉ. रश्मि दुबे, जिला मलेरिया अधिकारी देवास।