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अंचल के कई संवेदनशील व दूरस्थ क्षेत्रों में…पुलिस सहायता केंद्र-चौकी की दरकार, बड़ी घटना होने पर पहुंचने में लग जाता है अधिक समय

-औद्योगिक क्षेत्र के नागदा, बीएनपी के सिया, उदयनगर के पीपरी, हाटपीपल्या के टप्पा-सुकल्या सहित अन्य थाना क्षेत्रों में है आवश्यकता  

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अंचल के कई संवेदनशील व दूरस्थ क्षेत्रों में...पुलिस सहायता केंद्र-चौकी की दरकार, बड़ी घटना होने पर पहुंचने में लग जाता है अधिक समय

अंचल के कई संवेदनशील व दूरस्थ क्षेत्रों में...पुलिस सहायता केंद्र-चौकी की दरकार, बड़ी घटना होने पर पहुंचने में लग जाता है अधिक समय

देवास. शहर के कुछ व अंचल के कई थाना क्षेत्रों में संवेदनशील व दूरस्थ क्षेत्रों में न तो पुलिस की न तो चौकियां हैं, न ही सहायता केंद्र। ऐसे में कई बार बड़ी घटना होने पर पुलिस समय पर नहीं पहुंच पाती है जिससे कई तरह की दिक्कतों का सामना लोगों को करना पड़ जाता है। आधा दर्जन से अधिक क्षेत्रों में इनकी दरकार महसूस की जा रही है, इसके लिए कुछ प्रयास भी किए गए लेकिन धरातल पर कुछ विशेष उपलब्धि फिलहाल नजर नहीं आ रही है। शहर के समीप ग्राम नागदा, एबी रोड पर शिप्रा व सिया में भी पुलिस की तैनाती समय-समय पर रहने की जरूरत है। वहीं अंचल में हाटपीपल्या के टप्पा सुकल्या क्षेत्र, उदयनगर के पीपरी क्षेत्र सहित अन्य थाना क्षेत्रों में कम से कम सहायता केंद्रों के माध्यम से ही पुलिस की मौजूदगी होने से कई घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई की जा सकती है।

सिया क्षेत्र हादसों व अपराधों को लेकर चर्चित, संवेदनशील भी

एबी रोड पर शहर से 10 किमी दूर सिया क्षेत्र सडक़ हादसों के लिहाज से डेंजर जोन में है। बीएनपी थाने का यह गांव अपराधों को लेकर भी चर्चित है, वहीं संवेदनशील गांवों की सूची में भी है। यहां कुछ साल पहले तक पुलिस सहायता केंद्र संचालित था, बाद में पुलिस चौकी का पक्का भवन बनाने का काम शुरू हुआ लेकिन वह 4 साल से अधूरा ही पड़ा है।

नागदा गांव भी संवेदनशील की सूची में

शहर से करीब 7 किमी दूर ग्राम नागदा औद्योगिक थाना क्षेत्र में आता है। यह गांव संवेदनशील गांवों की सूची में शामिल है। यहां पूर्व में कई बार बड़े विवाद हो चुके हैं, विवाद होने पर समय पर पहुंचने में पुलिस को समय लग जाता है। कई बार इससे विवाद और बढ़ जाता है।

पीपरी क्षेत्र भी उदयनगर थाना मुख्यालय से दूर

जिले के दूरस्थ अंचल का पीपरी क्षेत्र उदयनगर थाना मुख्यालय से दूर है। यह क्षेत्र धार्मिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। श्रावण मास, महाशिवरात्रि व अन्य त्यौहारों पर चहल-पहल अधिक रहती है। इसके अलावा अपराधिक तत्वों की सक्रियता भी बनी रहती है, यहां कम से कम पुलिस सहायता केंद्र की दरकार है।

वर्जन

अपराधों की स्थिति व अन्य जरूरतों के हिसाब से नए सहायता केंद्र, चौकियों व थानों की स्वीकृति के लिए समय-समय पर वरिष्ठ कार्यालय को प्रस्ताव भिजवाए जाते हैं। कुछ माह पहले कमलापुर चौकी को थाने का दर्जा मिला है।

-संपत उपाध्याय, एसपी देवास।

जिले में थानों-चौकियों की स्थिति

-23 पुलिस थाने शहर-अंचल में।

-करीब आधा दर्जन पुलिस चौकियां और इतने ही सहायता केंद्र हैं।

-पीपलरावां जिले का इकलौता थाना जिसमें दो पुलिस चौकियां हैं।