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सत्ता व संगठन की सहमति के बाद गीता अग्रवाल बनीं भाजपा की महापौर प्रत्याशी

-लंबी खींचतान के बाद हो तय हो सका नाम, सोशल मीडिया पर अन्य दावेदार को टिकट मिलने के चल रहे थे दावे

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सत्ता व संगठन की सहमति के बाद गीता अग्रवाल बनीं भाजपा की महापौर प्रत्याशी

सत्ता व संगठन की सहमति के बाद गीता अग्रवाल बनीं भाजपा की महापौर प्रत्याशी

देवास सत्ता और संगठन की लंबी खींचतान के बाद भाजपा ने सहमति बनाकर देवास महापौर प्रत्याशी के लिए गीता अग्रवाल का नाम घोषित किया। गीता विकास प्राधिकरण के पूर्व उपाध्यक्ष व वरिष्ठ नेता दुर्गेश अग्रवाल की पत्नी हैं। पूर्व मंत्री स्व. तुकोजीराव पवार व विधायक गायत्री राजे पवार के करीबी नेता हैं अग्रवाल. उल्लेखनीय है कि महापौर प्रत्याशी के लिए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा जिलाध्यक्ष राजीव खंडेलवाल की पत्नी पूर्णिमा खंडेलवाल के लिए जोर लगा रहे थे जबकि सीएम व विधायक पवार पूजा रवि जैन के नाम पर। ऐसे में सहमति बनाकर गीता अग्रवाल का नाम घोषित किया गया। गीता गृहिणी है और पहली बार चुनावी मैदान में है। 49 वर्षीय गीता 11वीं तक शिक्षित है। उधर नाम घोषित होते ही भाजपा नेता व कार्यकर्ता उनके निवास पर पहुंचे। वहीं जिला कार्यालय पर जिलाध्यक्ष राजीव खंडेलवाल के नेतृत्व में आतिशबाजी कर जश्न मनाया गया। खण्डेलवाल ने कहा पार्टी ने जो फैसला किया है वो सर्वमान्य है। बीजेपी प्रचंड बहुमत से चुनाव जीतेगी। उधर भाजपा का प्रत्याशी घोषित होते ही कांग्रेस के कुछ पदाधिकारी व कार्यकर्ता सोशल मीडिया पर सक्रिय हो गए और अपने प्रत्याशी की जीत का दावा करते हुए आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू कर दिया है। महापौर का प्रत्याशी घोषित करने में कांगे्रस से पिछड़ी भाजपा अब पार्षद पद के दावेदारों की सूची कब फाइनल करती है, इस पर सबकी नजर है। गौरतलब है कि महापौर की तरह ही अधिकांश वार्डों में भी मारामारी की स्थिति बनी हुई है और कई दावेदार टिकट न मिलने की स्थिति में निर्दलीय चुनाव लडऩे के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। यही हाल कांग्रेस पार्टी में भी हैँ।