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देवास रेलवे में सुविधाओं का हुआ विस्तार, कई रूटों पर नई ट्रेनों की दरकार

नया भवन, दूसरा फुट ओवरब्रिज, तीसरा प्लेटफॉर्म बना, रेल लाइन का दोहरीकरण भी हुआ लेकिन यात्रियों का सफर नहीं हो रहा आसान

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देवास रेलवे में सुविधाओं का हुआ विस्तार, कई रूटों पर नई ट्रेनों की दरकार

देवास रेलवे में सुविधाओं का हुआ विस्तार, कई रूटों पर नई ट्रेनों की दरकार

देवास. 5 हजार से अधिक यात्रियों के रोजाना ट्रेन से आवागमन वाले देवास रेलवे स्टेशन में पिछले एक साल में कई सुविधाओं का विस्तार हुआ है। नया भवन शुरू हो गया है, दूसरा फुट ओवरब्रिज बन गया है, पिछले दिनों रेल लाइन दोहरीकरण का काम भी पूर्ण कर लिया गया है। इन सबके बीच कई रूटों पर यात्री ट्रेनों की कमी महसूस की जा रही है। ट्रेनों की कमी होने व आगामी दिनों में गर्मी के अवकाश के चलते सफर करने वालों की संख्या अधिक है। ऐसे में रिजर्वेशन करवाने पहुंचने वालों को कई रूटों पर मई तक सीटें खाली नहीं मिल रही हैं। यदि रेलवे द्वारा ग्रीष्मकालीन विशेष ट्रेनों का संचालन नहीं किया गया तो यात्रियों की दिक्कतें बढऩा तय है। अप्रैल व मई माह में कई दिनों में कई रूटों पर स्लीपर श्रेणी में वेटिंग 80 के पार पहुंच गई है।
लाइन दोहरीकरण, अतिरिक्त प्लेटफॉर्म के बाद बढऩा चाहिए ट्रेनें
ट्रेन से अक्सर इंदौर आने-जाने वालीं सोनू शर्मा के अनुसार देवास के आसपास रेल लाइन दोहरीकरण का काम पूरा हो गया है। देवास में तीसरा प्लेटफॉर्म बन गया है। इन स्थितियों के बाद यात्री ट्रेनों की संख्या में बढ़ोतरी होना चाहिए। इंदौर से महत्वपूर्ण रूटों पर ट्रेन शुरू की जाना चाहिए।
अगले ढाई माह तक सीटें नहीं खाली
सप्ताह में दो दिन सोमवार व बुधवार को इंदौर से रवाना होने वाली इंदौर-पटना एक्सप्रेस (19313) में हमेशा की तरह सीटों की मारामारी चल रही है। स्लीपर श्रेणी में इस ट्रेन में देवास से कानुपर या लखनऊ के लिए 12 जून तक सीट खाली नहीं है। कई दिनों में वेटिंग 80 के पार है। वहीं इंदौर-राजेंद्रनगर एक्सप्रेस (19321) साप्ताहिक में इससे भी बुरे हाल हैं, इस ट्रेन में देवास से कानुपर, लखनऊ आदि के लिए स्लीपर श्रेणी में 24 जून तक सीट खाली नहीं है।

इंदौर-दौंड एक्सप्रेस में मुंबई के लिए 29 मई तक नहीं सीट

प्रतिदिन चलने वाली इंदौर-दौंड एक्सप्रेस (22944) में देवास से मुंबई जाने के लिए स्लीपर श्रेणी में 29 मई तक एक भी सीट खाली नहीं है। 19 मार्च को वेटिंग 135 के पार चल रही है।

उप्र, बिहार के लिए नई ट्रेन जरूरी
एडवोकेट प्रकाश सिंह, शैलेंद्र सिंह कुशवाह के अनुसार औद्योगिक शहर होने के कारण देवास में उप्र, बिहार के सैकड़ों परिवार निवास करते हैं। इनका तीज-त्यौहार, शादी-ब्याह, गर्मी के सीजन सहित अन्य अवसरों पर आना-जाना लगा रहता है। उप्र, बिहार के लिए नियमित ट्रेनें नहीं है। वर्तमान में जो भी ट्रेनें चल रही हैं वो सप्ताह में एक, दो या फिर तीन दिन चलती हैं, भीड़ के हिसाब से ये कम हैं। इंदौर-पटना, इंदौर-गोरखपुर, इंदौर-लखनऊ साप्ताहिक ट्रेन भी नई शुरू कर दी जाए तो काफी राहत मिल सकती है।

भोपाल-प्रतापगढ़ एक्सप्रेस को इंदौर तक बढ़ाएं
निजी कंपनी में काम करने वाले अखिलेश सिंह, सूर्यभान सिंह आदि ने बताया भोपाल-प्रतापगढ़ के बीच झांसी होते हुए सप्ताह में तीन दिन ट्रेन चलती है। यह ट्रेन भोपाल सुबह करीब ९ बजे आ जाती है, इसके बाद इसकी रवानगी शाम को 7.15 बजे होती है। इस ट्रेन को यदि इंदौर तक बढ़ा दिया जाए तो इंदौर से भोपाल, विदिशा, बीना, ललितपुर, झांसी, उरई, कानपुर, लखनऊ, रायबरेली, अमेठी आदि जाने वालों को सुविधा हो जाएगी।