20 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

इंदौर-मुंबई दूरंतो, इंदौर-लिंगमपल्ली हमसफर के बाद वंदे भारत ट्रेन के देवास में ठहराव के नहीं आसार

-इंदौर-जयपुर वंदेभारत के लिए तीन रूट, इंदौर-जबलपुर के लिए दो रूट उपलब्ध, एक वंदे भारत देवास होकर कर सकती है आना-जाना

2 min read
Google source verification
इंदौर-मुंबई दूरंतो, इंदौर-लिंगमपल्ली हमसफर के बाद वंदे भारत ट्रेन के देवास में ठहराव के नहीं आसार

इंदौर-मुंबई दूरंतो, इंदौर-लिंगमपल्ली हमसफर के बाद वंदे भारत ट्रेन के देवास में ठहराव के नहीं आसार

देवास. यात्री ट्रेनों के मामले में पूरी तरह से इंदौर के भरोसे रहने वाले देवास को वंदे भारत ट्रेनों के स्टॉपेज के मामले में सुविधा मिलने की संभावना कम ही बन रही है। इंदौर में आगामी दिनों में शुरू होने वाली दो वंदे भारत में से एक के अन्य रूट से चलने तो दूसरी के देवास आने लेकिन स्टॉपेज नहीं होने की संभावना जताई जा रही है। ऐसा हुआ तो देवास के यात्रियों को वंदे भारत ट्रेन का सीधा लाभ नहीं मिलेगा और या तो इंदौर या फिर उज्जैन जाकर ट्रेन को पकडऩा होगा। गौरतलब है कि 5 हजार यात्रियों से अधिक रोजाना आवागमन की स्थिति देवास रेलवे स्टेशन से होने के बावजूद यहां इंदौर-लिंगमपल्ली हमसफर, इंदौर-मुंबई दूरंतो एक्सप्रेस का भी स्टॉपेज नहीं है। इन ट्रेनों से सफर करने के लिए भी देवास के यात्रियों को इंदौर-उज्जैन जाना पड़ रहा है जिसमें कई दिक्कतों का सामना भी करना पड़ रहा है।
इंदौर से आगामी दिनों में इंदौर-जयपुर व इंदौर-जबलपुर के बीच वंदे भारत ट्रेन चलने की संभावनाएं जताई जा रही हैं। रेलवे सूत्रों की मानें तो इंदौर-जयपुर ट्रेन के लिए तीन रूट हैं, इनमें से एक देवास होकर, दूसरा फतेहाबाद होकर और तीसरा बडऩगर, रतलाम होते हुए है। इनमें से बडऩगर-रतलाम वाले रूट से ट्रेन चलने की संभावना अधिक नजर आ रही है। वहीं इंदौर-जबलपुर के बीच चलने वाली ट्रेन के लिए दो रूट देवास होकर व फतेहाबाद होकर हैं, देवास होकर इस ट्रेन के चलने की संभावना अधिक है लेकिन देवास में इसका स्टॉपेज रहने की संभावना कम ही है।
स्टॉपेज कम रहेंगे तो ही पहुंचेगी जल्दी
रेलवे सूत्रों के अनुसार वंदे भारत ट्रेन के स्टॉपेज गिने-चुने (बड़े शहर) ही रहेंगे, ऐसा होने पर ही ट्रेन अन्य ट्रेनों की तुलना में गंतव्य तक जल्दी पहुंचेगी। देवास में जब एक हमसफर व दूरंतो जैसी ट्रेन नहीं रुक रही तो वंदे भारत के रुकने की संभावना कम बन रही है।
काशी महाकाल का भी नहीं मिला था स्टॉपेज
देश की तीसरी कॉर्पोरेट ट्रेन काशी महाकाल एक्सप्रेस की कोरोना काल के पहले जब शुरुआत हुई थी तो इसका आना-जाना देवास होकर ही था लेकिन इसका स्टॉपेज नहीं दिया गया था। बाद मेें इस ट्रेन का रूट बदल गया और वर्तमान में यह इंदौर से फतेहाबाद उज्जैन होकर चल रही है।
वर्जन
वंदे भारत ट्रेन के कोच की संख्या, संचालन, रूट, स्टॉपेज आदि को लेकर अभी कुछ भी निर्धारित नहीं है। वरिष्ठ कार्यालय से तय शेड्यूल आने पर ही देवास को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।
-खेमराज मीणा, पीआरओ रेलवे रतलाम मंडल।