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अमजद शेख
देवास. स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में डॉक्टरों की लंबे समय से कमी बनी हुई हैं। जिले के 8 में से 6 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर 53 डॉक्टर चाहिए, लेकिन केवल 29 डॉक्टर ही काम कर रहे हैं, डॉक्टरों के 24 पद लंबे समय से खाली हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर इलाज की सुविधा मिलना अब भी एक सपना बना हुआ हैं।
ग्रामीणों का ये सपना भी अधूरा है कि उन्हें इलाज के लिए 24 घंटे डॉक्टर अस्पताल में मिल जाएगा। बेहतर इलाज की चिंता नेताओं व किसी दल को भी नहीं हैं। चुनाव में ये कभी मुद्दा भी नहीं बनता हैं। समय पर बेहतर इलाज नहीं मिलने से कई लोग मुंह के मौत में चले जाते हैं, ये मौते स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े में भी दर्ज नहीं हो पाती हैंं। कभी कभार जब मीडिया में किसी गांव में बीमारी फैलने की सूचना पहुंचती हैं तो स्वास्थ्य विभाग का अमला दौड़ लगाता हैं, कुछ दिन बाद फिर सब कुछ सामान्य हो जाता हैं। सरकार का सुपर विजन है कि ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को भी समय पर इलाज की सुविधा मिले लेकिन अभी तक डॉक्टरों के खाली पदों को ही नहीं भरा जा सका हैं। जो डॉक्टर हैं वे मुख्यालय पर रहना पसंद नहीं करते।
कई पत्र लिखे नहीं आई एक्सरे मशीन
जिले के टोंकखुर्द व बरोठा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर एक्सरे मशीन ही नहीं हैं। मंत्री सज्जनसिंह वर्मा की विधानसभा में टोंकखुर्द आता हैं। पूर्व सीएमएचओ डॉ. एसके सरल के अनुसार मैंने इन दो केंद्रों पर एक्सरे मशीन के लिए कई बार शासन को पत्र लिखा था।
आधी एनएनएम ही रहती मुख्यालय पर
जिले में अभी 211 महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता काम कर रही हैं। इनके भरोसे जिले के उपस्वास्थ्य केंद्र संचालित हैं। उपस्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत 3 से 5 हजार की आबादी का क्षेत्र आता हैं। पूर्व कलेक्टर आशीष सिंह ने एनएनएम के अपडाउन पर कड़ा रूख अपनाया था, जिसके बाद सभी से शपथ पत्र भरवाए जाने लगे थे कि वे मुख्यालय पर रहती हैं। शपथ पत्र में लिखा था कि जांच में ऐसा नहीं मिलने पर एक तरफा कार्रवाई की जाएगी। इस शपथ पत्र से हड़कंप मच गया था। अभी दो दिन पहले ही देवास से रिलीव हुए पूर्व सीएमएचओ डॉ. सरल ने हालाकि एएनएम का बचाव किया हैं उनका कहना है कि बच्चों की पढ़ाई लिखाई व अन्य परेशानी के चलते एएनएम दूर दराज गांव के मुख्यालय पर नहीं रह पाती लेकिन इन सभी का काम अच्छा हैं।
नवागत सीएमएचओ डॉ. विजय कुमार सिंह से सीधी बात
1. पत्रिका. डॉक्टर मुख्यालय पर नहीं रहते
1. सीएमएचओ. ये तो सर्विस रूल में ही आता हैं। डॉक्टरों को मुख्यालय पर ही रहना चाहिए। मेरी जानकारी में आया है तो इसे दिखवाऊंगा कि कितने डॉक्टर मुख्यालय पर नहीं रहते। क्रास चेक भी करेंगे।
2. पत्रिका. टोंकखुर्द व बरोठा में एक्सरे मशीन नहीं हैं।
2. सीएमएचओ. दोनों जगह पर एक्सरे मशीन लंबे समय से क्यों नहीं आई इसे दिखवाता हूं।
3. पत्रिका. स्वास्थ्य केंद्रों पर लंबे समय से डॉक्टरों की कमी हैं
3. सीएमएचओ. अभी मुझे ज्वाइन हुए दो दिन हुए हैं। अगर डॉक्टरों की कमी हैं तो इसे दिखवाएंगे।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डॉक्टरों के स्वीकृत पद कार्यरत रिक्त
1. बरोठा 6 3 3
2. सोनकच्छ 7 2 5
3. टोंकखुर्द 4 3 1
4. बागली 13 8 5
5. खातेगांव 8 5 3
6. सतवास 15 8 7
Published on:
15 Mar 2019 12:35 pm
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