
dewas mata mandir
देवास। ऐसी मान्यता है कि मां के दरबार में सच्चे मन से कोई भी मुराद मांगी जाए वह पूरी होती है। देवास स्थित टेकरी पर विराजमान माता तुलजा देवी और चामुंडा देवी, अपने वैभव और मराठी शासक होलकर तथा पंवार राजवंश की कुलदेवी के रूप में विख्यात है।
यहां पर शारदीय नवरात्रि पर लाखों श्रद्धालु दर्शन करने के लिए माता के दरबार में आते हैं, जहां हर श्रद्धालु अपनी श्रद्धा भक्ति के अनुसार माता के चरणों में अपना दान अर्पित करते है। इसके बाद प्रशासन द्वारा दान पेटी को खोला जाता है। उसी के चलते आज प्रशासन ने माता टेकरी पर स्थित सभी दान पेटी को खोलना शुरू किया।
इसमें पटवारी और तहसीलदार भी दान में आए चढ़ावे की गिनती में लगे हुए हैं। माता टेकरी पर हर साल नवरात्रि के बाद दान पेटी में आए चढ़ावे की गिनती की जाती है। आज भी दान पेटी में आए दान की गिनती की गई है। ऐसी मान्यता है कि मां के दरबार में सच्चे मन से कोई भी मुराद मांगी जाए वह पूरी होती है। देवास स्थित टेकरी पर विराजमान माता तुलजा देवी और चामुंडा देवी, अपने वैभव और मराठी शासक होलकर तथा पंवार राजवंश की कुलदेवी के रूप में विख्यात है।
देवास टेकरी पर स्थित मां तुलजा भवानी और उनकी छोटी ***** मां चामंडा भवानी स्वमंभू विराजमान है। विद्वानों की मानें तो देवी के 52 शक्तिपीठों में से एक मां चामुंड़ा देवी और मां तुलजा देवी के इस स्थान को शक्तिपीठ के रूप में मान्यता है।
Published on:
05 Nov 2020 04:06 pm
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