पंचायतों में पानी की किल्लत और लोगों की शिकायतों से नाराज जनपद उपाध्यक्ष बैस शाम करीब 5.30 बजे आरईएस दफ्तर पहुंचे। उन्होंने कार्यपालन यंत्री के बारे में पूछा, लेकिन वे नहीं मिले। इसके बाद बैस जहां भी गए वहां उन्हें ठीक से जानकारी नहीं मिली। इस पर वह हंगामा करने लगे। बुरी तरह से बौखलाए उपाध्यक्ष ने सामूहिक रूप से गाली-गलौज शुरू कर दी। उन्होंने जेब से 10 हजार रुपए निकाले और लहराते हुए एक अफसर की मेज पर पटक दिए। उपाध्यक्ष का आरोप है कि विभाग में बिना रिश्वत के कोई काम नहीं किया जाता है। मेरे जनपद की 96 पंचायतों में पानी की समस्या है। समस्या लेकर जाओ तो कोई अफसर सुनता नहीं और न ही मौके पर मिलता है। कोई इंदौर होता है तो कोई भोपाल। आखिर गर्मी आ रही है तो पंचायतों में पानी की व्यवस्था कौन करेगा। 3 अप्रैल से बड़ी चुरलाई में मेला लग रहा है, वहां पर दो दिन में डेढ़ लाख लोग आएंगे। ऐसे में वहां पर पानी की व्यवस्था कैसे होगी। पंचायत सचिव व सरपंच बगैर इंजीनियर की अनुमति के कोई काम नहीं करते हैं।