
देवास. लाखों रुपए खर्चकर स्कूल तो बना दिया, लेकिन अब स्कूल भवन में ताला लगा हुआ है। स्कूल परिसर का उपयोग आसपास के रहवासी अटाला रखने में कर रहे हैं। नए स्कूल भवन का निर्माण एक साल पहले किया गया था, लेकिन स्कूल बनने से पहले ही बच्चे अन्य स्कूल में शिफ्ट हो गए।
प्राथमिक विद्यालय क्रमांक 9 आनंद नगर में निजी भवन में किराए पर संचालित हो रहा था। शिक्षा विभाग ने बाद में खुद की बिल्डिंग खड़ी करने के लिए शासन को लिखा व वहां से मंजूरी के बाद आनंद नगर में स्कूल बनाने की कवायद शुरू हो गई। करीब एक साल पहले स्कूल बनकर भी तैयार हो गया, लेकिन इसके पूर्व ही निजी भवन में संचालित स्कूल के बच्चों की संख्या 7 पर आ गई थी। कम बच्चों की संख्या को देखते हुए इन्हें प्रावि क्रमांक 10 नूतन स्कूल में समायोजित कर दिया।लेकिन स्कूल भवन लावारिस स्थित में आ गया। आज भी इस स्कूल भवन पर ताला लगा हुआ है व परिसर किसी कबाडख़ाने जैसा दिखता है। सालभर पूर्व शासन की योजना के अनुसार स्कूलों के युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया शुरू की गई थी, जिसमें 20 से कम संख्या वाले स्कूलों के बच्चों को अन्य स्कूलों में शिफ्ट किया गया।
20 से कम संख्या वाले थे 31 स्कूल
शहर में 20 से कम संख्या वाले 31 स्कूल थे। इनमें 4 मिडिल व 27 प्राइमरी स्कूल थे। शहरी क्षेत्र से आनंद नगर के प्रा वि क्रमांक 9 के 7 बच्चों को नूतन स्कूल स्टेशन रोड पर शिफ्ट कर दिया गया था।
"शासन के निर्देश थे कि 20 से कम संख्या वाले बच्चों को दूसरे स्कूलों में शिफ्ट करना है।नई बिल्डिंग में स्कूल संचालित करने की मांग को लेकर आनंद नगर के रहवासी भी आए थे, तब हमने रहवासियों से कहा था कि वे 20 से अधिक संख्या में बच्चों के इनरोलमेंट जमा करा दें, स्कूल शुरू हो जाएगा।"
-दिनेश चौधरी, बीआरसी, देवास संकुल
Published on:
08 Dec 2017 04:50 pm
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