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देवास.
मिश्रीलाल नगर की सड़क और नाले को लेकर निगम ने असमंजस पूर्ण टैंडर निकाले थे। जब वस्तुस्थिति पता की गई तो यहां कोई सीसी रोड बाकी है ही नहीं।इसके बाद सुभाष शर्मा ने शिकायत की थी।
शिकायत के बाद अब मामला विधानसभा में उठ गया है। सदन को भी गुमराह करने वाले जवाब निगम के जिम्मेदार दे रहे है। निगम ने 56 लाख रुपए का टैंडर निकाला था, जो शिकायतकर्ता को संदेहास्पद लगा था।इसके बाद शिकायकर्ता सुभाष शर्मा ने मुख्यमंत्री को शिकायत की थी। इसके बाद दो विधायक गोविंद सिंह और रामलखनसिंह ने मामला विधानसभा में उठा दिया। गोविंद सिंह ने पूछा कि नगर पालिक निगम देवास के अधिकारियों के विरूद्ध दर्ज भ्रष्टाचार एवं अनियमितताओं की दर्ज शिकायतों कार्रवाई नहीं किए जाने से उत्पन्न स्थितियों के बारे में। जिस पर निगम अमले ने जवाब दिया कि संबंधित निविदा एबी रोड के बाक्स कल्वर्ट मिश्रीलाल नगर देवास से संबंधित है। वर्तमान में प्रस्तावित स्थल पर सड़क निर्माण नहीं हुआ है। देवास विकास योजना 2011 में यह स्थल एमआर 01 घोषित है। जो कि 30 मीटर चौड़ा प्रस्तावित है। पूरे जवाब में निगम ये छुपा गया कि सड़क कहां से कहां तक और नाला कौन सा बनना है।
उधर शिकायतकर्ता तटस्थ कहां जांच क्यों नहीं
शिकायतकर्ता सुभाष शर्मा ने कहा कि नगर निगम के अधिकारियों द्वारा अपनी भूल मानकर अब इसे एमआर 1 पर निर्माण की बात कही जा रही है। शिकायत निराधार है तो निष्पक्ष जांच क्यों नहीं करवा रही है। स्मरण रहे कि एमआर 1 करीब तीन किलोमीटर लम्बा है पर नगर निगम सिर्फ 150 मीटर ही बनाना चाहती है उससे भी 56 लाख 42 हजार रूपये जनता से टेक्स के रूप में लिए रूपयों से जनता का कोई फायदा नहीं पहुंचेगा केवल उन बिल्डरों को पहुंचेगा जो इसे रोड पर बड़े बड़े माल बनाना चाहते है।
नगर निगम इस रोड पर बीच में आ रही कृषि भूमि जो निजी है उसे नियमानुसार लेन्डयूस बदलाए बिना गलत ढंग से रोड बनाने के लिए आमदा है। शिकायत कर्ता पत्र के जरिए मांग है कि इस कूट रचित महाघोटाले की जांच उच्च स्तरीय, राजपत्रित अधीनस्त जांच कमेटी बनाकर की जाएं। जिससे पूर्व में भी किए गए घोटाले उजागर हों।
Published on:
27 Jun 2018 11:24 am
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