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पत्रिका की मुहिम पर पुलिस अधिकारी पहुंचे छात्राओं के बीच, पूछा अब कोई तकलीफ तो नहीं

कार्यशाला...पुलिस ने छात्राओं से बातचीत कर लिया फीडबैक

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chimanbai girls school

देवास. चिमनाबाई स्कूल से छूटने वाली छात्राओं के साथ मैजिक चालकों द्वारा अभद्रता की जाती थी। इसके खिलाफ पत्रिका ने विगत दिनों मुहिम चलाई थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए स्कूल के बाहर सख्ती बरती और फिर गुरुवार को छात्राओं से बात करने और उन्हें सुरक्षा संबंधी जानकारियां देने नाहर दरवाजा टीआई दिनेश शर्मा पहुंचे। ये कार्यशाला पुलिस अधीक्षक अंशुमन सिंह और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल पाटीदार के निर्देश पर लगाई थी। संबोधन की शुुरुआत में शर्मा ने बताया, जब छात्राओं के साथ हो रही अभद्रता का समाचार पत्रिका में पढ़ा तो वे आंदोलित हो गए। जल्द से जल्द छात्राओं के बीच पहुंचकर उन्हें कानून और सुरक्षा की जानकारी देने की सोची। इसके बाद वे गुरुवार को चिमनाबाई स्कूल पहुंचे। यहां पर लगातार उन्होंने ढाई घंटे तक छात्राओं को सुरक्षा के टिप्स दिए। इस दौरान छात्राओं ने कई सवाल भी किए, जिसका जवाब शर्मा ने दिया। मंच पर प्राचार्य एफबी मानेकर, एसआई एसएस मीणा भी मौजूद थे। वहीं टीआई शर्मा ने छात्राओं से कई प्रश्न भी पूछे, जिसका सही जवाब देने पर उन्हें पुरस्कृत भी किया गया। आभार प्राचार्य ने माना। प्राचार्य ने पत्रिका द्वारा सामाजिक सरोकार के तहत उठाए गए मुददे की सराहना भी की।
कमजोर मत समझो : उन्होंने छात्राओं को बताया, खुद की सुरक्षा करना होगी। किसी भी परिस्थिति में धैर्य नहीं खोना और अपने आप को कभी कमजोर मत समझो। कमजोर समझने पर सामने वाला आसानी से फायदा उठा सकता है। शर्मा ने डायल 100 की कार्यविधि के बारे में बताया। उन्होंने कहा, डायल 100 मात्र तीन मिनट में मौके पर पहुंचकर मदद करती है। उन्होंने बताया, बिना कारण दूसरों को अपना मोबाइल नंबर नहीं दें, सोशल मीडिया का उपयोग सावधानी से करें। साथ ही ई मेल का पासवर्ड भी किसी को नहीं बताएं। उन्होंने हाल में आए सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को भी समझाया। उन्होंने कहा कि कोई भी सरकारी विभाग आपसे फोन पर जानकारी नहीं मांगते हैं। सरकारी विभाग में यह प्रक्रिया है कि कोई भी जानकारी के लिए आपको पत्र जारी किया जाता है, इसके बाद संबंधित को कार्यालय पहुंचकर जानकारी देना होती। उन्होंने फोन पर होने वाली ठगी के बारे में भी बताया और इससे बचाव के गुर भी छात्राओं को सिखाए।
पत्रिका ने बढ़ाई हिम्मत
दरअसल पत्रिका को सूचना मिली थी कि मैजिक चालक अपने वाहन में बैठाने के नाम पर छात्राओं के साथ अभद्रता करते हैं। पत्रिका ने इसे मुहिम के रूप में लिया और समाचारों का प्रकाशन किया। समाचार प्रकाशन के बाद पूरा पुलिस महकमा हरकत में आया और छात्राओं की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए। कार्यशाला के दौरान जब छात्राओं से पूछा गया कि अभद्रता होती थी या नहीं इस पर योगिता, मुस्कान, वैशाली सहित कई छात्राओं के अलावा प्राचार्य मानेकर ने कहा, हां अभद्रता की घटना सही थी। छात्राओं ने कहा कि समाचार प्रकाशन के बाद पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है। छात्राओं ने पत्रिका को धन्यवाद दिया।
छात्रा ने टीआई से पूछा- क्या कोई पुलिस का आला अधिकारी अभद्रता करे, तो पकड़ेंगे?
प्रश्न : भावना गोस्वामी : अपराध करने वाले आरोपित को क्या सजा मिलती है?
कानून में हर अपराध के लिए अलग-अलग धाराएं बनाई गई हैं। पुलिस का काम पुख्ता सबूत जुटाकर न्यायालय में पेश करना होता है। न्यायालय से आरोपितों को सजा मिलती है।
प्रश्न : पिंकी शाह : मैजिक वाले छात्राओं से अभद्रता करते हैं, क्या उन्हें पकड़ा गया।
अगर कोई छात्रा अभद्रता की शिकायत करे, तो निश्चित कार्रवाई की जाएगी।
प्रश्न : दिव्यांशी गोस्वामी : अगर कोई फोन पर परेशान करे, तो क्या किया जाए?
पहली बात वह मोबाइल नंबर से पकड़ में आ जाएगा। अगर वह किसी अन्य के मोबाइल से भी कॉल करता है, तो पुलिस उसे जरूर पकड़ लेती है।
प्रश्न : वैशाली पटेल : क्या कोई पुलिस का आला अधिकारी अभद्रता करे, तो पकड़ेंगे?
मेरा परिजन भी कोईअपराध करता है, तो उसे पकड़ा जाएगा। अपराधी किसी का सगा नहीं होता।
प्रश्न : योगिता : घर में ही अगर कोई गलत करे तो?
अगर कोई घर में ही अभद्रता करता है तो उससे बड़ा कोई अपराधी नहीं है। सभी को जीने का अधिकार है। अभद्रता करने वालों के लिए कानून बना है।
प्रश्न तेजस्विनी दास : हमारे एरिया में शराबी खड़े रहते हैं। हर आने-जाने वाली महिलाओं को गंदी नजरों से देखते है। पुलिस वाले आते हंै, रिश्वत लेकर चले जाते हैं।
पहली बात रिश्वत देना और लेना दोनों अपराध हंै। अगर कोईऐसा कृत्य कर रहा है, आप पुलिस को फोन लगाओ, तत्काल मदद मिलेगी।