
हादसे रोकने सिक्सलेन बनाने का प्रस्ताव फाइलों में दफन
देवास। उज्जैन रोड पर ओवरब्रिज से नागूखेड़ी बायपास तिराहा तक के टू लेन रोड को चौड़ा करने के लिए करीब दो वर्ष पहले विधायक गायत्रीराजे पवार ने प्रस्ताव भेजा था। इसके बाद एनएचएआइ ने कुछ कार्य नगर निगम को करने की बात कही थी जिस पर नगर निगम ने सहमति दी थी। सहमति देने के बाद प्रस्ताव दिल्ली पहुंचा लेकिन अब तक इसे स्वीकृति नहीं मिली है।
उज्जैन रोड ओवरब्रिज से नागूखेड़ी तिराहा तक का चार किमी हिस्सा वर्तमान में टू-लेन हैं। इस पर यातायात का दबाव अधिक है। ऐसे में आए दिन यहां हादसे होते हैं। इसके चलते इसे चौड़ा करना बहुत जरूरी है लेकिन प्रोजेक्ट को हरी झंडी नहीं मिल पा रही है।
पहले था एमपीआरडीसी के पास
उज्जैन-देवास रोड पहले एमपीआरडीसी के अधीन था। इसके बाद उज्जैन से नागूखेड़ी तक का हिस्सा एनएचएआइ के पास चला गया। वहीं शहर के अंदर पंप तिराहा से ओवरब्रिज तक का हिस्सा कुछ साल पहले नगर निगम को हैंडओवर हो गया था। जो उस समय डिवाइडर बनाकर चौड़ा कर दिया गया था। इसके अलावा नगर निगम कॉलोनी वाले हिस्से में ओवरब्रिज से लेकर नागूखेड़ी तक का हिस्सा बाद में एमपीआरडीसी से पीडब्ल्यूडी के पास आ गया था। उज्जैन रोड नागूखेड़ी से उज्जैन तक फोरलेन तो बन गया लेकिन शहर के ओवरब्रिज से नागूखेड़ी तक का हिस्सा आज तक चौड़ा नहीं हो सका।
यातायात का है अधिक दबाव
वर्तमान में चार किमी का हिस्सा टू लेन है और इस पर यातायात का अधिक दबाव है। साथ ही रेलवे माल गोदाम व उज्जैन रोड औद्योगिक क्षेत्र में जाने वाले भारी वाहन भी यहीं से होकर जाते हैं। इसके अलावा उज्जैन से भोपाल-इंदौर की ओर जाने वाली बसें छोटे वाहन भी यहीं से गुजरते हैं। इटावा में मुख्य मार्ग पर कन्या महाविद्यालय भी है। इटावा में संकरा रोड होने से हादसों का अंदेशा बना रहता है। कई बार यहां हादसे हो चुके हैं जिसमें लोगों की जान तक गई है। हाल ही में 20 दिसंबर को महाविद्यालय के सामने एक हादसे में व्यक्ति की मौत हो गई थी।
दोनों ओर है पर्याप्त जगह
रोड के चौड़ीकरण को लेकर इस क्षेत्र में ज्यादा दिक्कत नहीं आनी है। उज्जैन रोड ओवरब्रिज से लेकर नागूखेड़ी तिराहे तक रोड के दोनों ओर पर्याप्त जगह छूटी हुई है। केवल इटावा में कुछ जगह पर मकान व दुकान है। यहां कुछ जगहों से अतिक्रमण हटाने की जरूरत पड़ सकती है।
नगर निगम ने दी थी सहमति
विधायक पवार द्वारा प्रस्ताव भेजने के बाद एनएचएआइ ने नगर निगम को पत्र लिखा था। इसमें कहा था कि योजना के तहत स्ट्रीट लाइट, बिजली लाइन शिफ्टिंग, पानी की लाइन शिफ्टिंग आदि कार्य नगर निगम करें। इस संबंध में नगर निगम ने सहमति देते हुए पत्र एनएचएआइ को भेजा था। योजना के तहत करीब 40.80 करोड़ रुपए के कार्य एनएचएआइ द्वारा किए जाने प्रस्तावित हैं जबकि करीब 11.37 करोड़ रुपए की लागत के कार्य नगर निगम द्वारा किए जाने प्रस्तावित है। वहीं उज्जैन रोड ओवरब्रिज का चौड़ीकरण 58.41 करोड़ रुपए की लागत से प्रस्तावित है। यह प्रस्ताव दिल्ली भेजा जा चुका है।
फैक्ट्स
-4 किमी लंबा रोड है पीडब्ल्यूडी के पास
-110 करोड़ से ज्यादा का प्रोजेक्ट बनाकर भेजा गया था
-4 हजार से ज्यादा लोग रोज करते हैं आना-जाना
-20 से ज्यादा कॉलोनियां है क्षेत्र में
उज्जैन रोड चौड़ीकरण के लिए विधायक गायत्रीराजे पवार की ओर से प्रस्ताव भेजा गया था। नगर निगम ने भी विभिन्न कार्यों के लिए करीब 12 करोड़ रुपए की सहमति दे दी थी। प्रोजेक्ट वर्तमान में दिल्ली में प्रोसेस में हैं। लगातार हम फॉलोअप ले रहे हैं। उम्मीद है कि शीघ्र स्वीकृति मिलेगी।
-गीता दुर्गेश अग्रवाल, महापौर
Published on:
03 Jan 2024 10:19 pm
बड़ी खबरें
View Allदेवास
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
