
हाटपीपल्या/बरखेड़ासोमा. परिजन नीलेश का गम भूले भी नहीं थे कि दिवंगत नीलेश की मंगेतर रानी ने शनिवार सुबह करीब ५ बजे फांसी का फंदा लगाकर मौत को गले लगा लिया। सुबह रानी का भाई मवेशियों के हॉल में दूध निकालने पहुंचा तो फंदे पर बहन के झूलते शव को देखकर सन्न रह गया और शोर मचाते हुए परिजन को जानकारी दी। गौरतलब है कि गत 5 दिसंबर को कश्मीर के श्रीनगर में सोनकच्छ तहसील के ग्राम घिचलाय के वीर सैनिक नीलेश धाकड़ की गलत फायरिंग से मौत हो गई थी। नीलेश की सगाई डेढ़ वर्ष पहले बागली तहसील के गांव बरखेड़ासोमा के मनोहर धाकड़ की पुत्री रानी धाकड़ से हुई थी।
अपने मंगेतर की मौत की खबर सुनते ही रानी पर मानो वज्रपात टूट पड़ा था। वह उसी दिन से सदमे में थी, उसने शनिवार की सुबह 5 से 5.30 बजे के बीच में अपने घर में मवेशियों के बांधने वाले बाड़े में गले में रस्सी का फंदा लगाकर जीवनलीला समाप्त कर ली। परिवार वालों ने बताया, 22 वर्षीय रानी की सगाई नीलेश के साथ तय हुई थी और आगामी 27 अप्रैल 2018 को विवाह करना तय हुआ था। दोनों परिवार में विवाह को लेकर खुशियों का माहौल था तैयारियां की जा रही थी। अचानक नीलेश की मौत की खबर के बाद नीलेश के गांव घिचलाय सहित ससुराल बरखेड़ासोमा में भी शोक की लहर छा गई थी। रानी को खबर मिली तभी से वह गहरे सदमे में आ गई, अन्न-जल छोड़ दिया और वह असामान्य रहने लगी थी।
प्रतिदिन रो-रोकर उसका बुरा हाल हो गया था। वह बहुत व्याकुल हो गई थी। घरवालों ने उसकी मनोस्थिति देखकर पलभर के लिए भी अकेला नहीं छोड़ा था। नीलेश का शव जब राजकीय सम्मान के साथ उसके गृह गांव आया था, उसके बाद से रानी को ज्यादा अवसाद होने लगा। उसके होने वाले पति को जो मान-सम्मान मिला, जिसे देख कर अभिभूत हो गई और खुद को मौत के हवाले कर दिया। रानी ने १२वीं तक पढ़ाई करने के बाद स्कूल छोड़ दिया था।
राजनीति से परे हटकर दिलवाएं शहीद का दर्जा
पूर्व सांसद वर्मा ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा, दोनों दलों को राजनीतिक भेदभाव से परे हटकर दिवंगत सैनिक को शहीद का दर्जा दिलाकर उसके परिवार को उचित मुआवजा दिलाए जाने की कोशिश करना चाहिए। विधायक प्रतिनिधि पुरोहित ने भी कहा, रविवार को भाजपा प्रदेशाध्यक्ष नंदकुमारसिंह चौहान सैनिक के घर शोक संवेदना व्यक्त करने आ रहे हैं। हम उनसे मांग करेंगे कि शीघ्र ही नीलेश को शहीद का दर्जा प्राप्त हो।
माता-पिता व भाई के लिए बनाया भोजन
शुक्रवार शाम को रानी ने अपने माता-पिता सहित भाई को अपने हाथ से खाना बनाकर खिलाया एवं पिता के साथ खुद ने भी खाया। घर वालों को लगा रानी अब सामान्य है, किंतु यह नहीं पता था कि वह इतना खौफनाक कदम उठा लेगी। पिता मनोहर शनिवार सुबह 5 बजे खेत पर मोटर पंप चालू करने चले गए। उसी बीच रानी ने उठकर मवेशी के हॉल में फांसी लगा ली। पिता के जाने के आधे घंटे बाद उसका भाई मवेशियों का दूध निकालने के लिए मवेशी के हॉल में गया तो फंदे पर लटकी बहन को देखकर सन्न रह गया। उसने चीखकर परिवार वालों को बुलाया और तत्काल हाटपीपल्या पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलते ही हाटपीपल्या टीआई बीएस गौरे बल सहित घटनास्थल पर पहुंचे एवं मौका पंचनामा बनाकर शव को पीएम के लिए बागली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर रवाना किया। रानी तीन भाई-बहनों में सबसे छोटी थी। बड़ी बहन की शादी हो चुकी है। आगामी 27 अप्रैल को उसकी भी शादी तय हो गई थी। रानी की मौत की खबर मिलते ही गांव में शोक की लहर छा गई और पूरा गांव गमगीन हो गया।
सांसद पहुंचे शोक व्यक्त करने
शनिवार शाम करीब 5 बजे सांसद मनोहर ऊंटवाल बरखेड़ासोमा में रानी धाकड़ के घर शोक संवेदना व्यक्त करने पहुंचे। इस अवसर पर धाकड़ समाज की मांग पर कहा कि 15 दिसंबर को हमने राष्ट्रपति महोदय से मिलने के लिए समय लिया है। इसमें दिवंगत सैनिक को शहीद का दर्जा दिलाए जाने की मांग की जाएगी। उन्होंने कहा, धाकड़ समाज के पांच लोगों का प्रतिनिधिमंडल बना लें, हम राष्ट्रपति से मिलकर शहीद के परिवार को मिलने वाली सभी सुविधाएं व उचित मुआवजे की मांग करेंगे।
Published on:
10 Dec 2017 03:28 pm
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