
एमपी के लोग घरों में पाल रहे थे अमेरीका के दुर्लभ प्रजाति के बिच्छु और गिरगिट.
उत्तरी अमरीका और मेक्सिकों में पाया जाने वाला दुर्लभ प्रजाति का गिरगिट 'इगुना' और पश्चिमी अमरीका में पाया जाने वाला बिच्छू 'एंपरर स्कार्पियन' को देवास से रेस्क्यू किया गया है। दोनों को एक परिवार अपने घर में अवैध रूप से बंधक बनाकर पाल रहा था।
मप्र में संशोधित वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम के तहत पहली बार स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स (एसटीएसएफ) की भोपाल व इंदौर विंग ने कार्रवाई की है। अब पता लगाया जा रहा है कि उक्त परिवार विदेशी गिरगिट व बिच्छू को मप्र तक कैसे लेकर पहुंचे और इसमें किसने मदद की।
ये दोनों ही प्राणी अंतरराष्ट्रीय वन्यप्राणी कानूनों के तहत संकट ग्रस्त की श्रेणी में है। इन्हें भारत ने भी 2022 में वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम की अनुसूची 4 के पैरा 2 में संकटग्रस्त की श्रेणी में शामिल किया। इनका बिना अनुमति और वैधानिक दस्तावेज के व्यापार करना व घर में रखना प्रतिबंधित है।
गिरगिट और उक्त बिच्छू को दूसरे देश से भारत में लाने के लिए साइटिस अथॉरिटी का प्रमाण-पत्र जरूरी है। डायरेक्टर जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड की सहमति भी लगती है। परिवार के पास दस्तावेज नहीं थे। यह मप्र में उक्त कानून के तहत पहली कार्रवाई बताई जा रही है।
अंतरराष्ट्रीय वन्यप्राणी कानूनों के तहत इन गिरगिट, बिच्छू के व्यापार में बाहरी राज्यों के कुछ लोगों के मिले होने का अंदेशा है। एसटीएसएफ के एक सूत्र ने बताया कि विदेश से मध्यप्रदेश में अलग-अलग प्रजाति के और भी प्रतिबंधित जीव लाकर उन्हें बेचा-खरीदा गया है। इसमें काम में दिल्ली समेत दूसरे राज्यों के कुछ गिरोह शामिल हैं।
मध्यप्रदेश वन्य प्राणी विंग के अधिकारियों के मुताबिक दुर्लभ प्रजाति के विदेशी गिरगिट और बिच्छू को इंदौर स्थित कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय में रखा गया है। इसके साथ ही विशेषज्ञों की निगरानी में देखरेख भी की जा रही है।
Updated on:
27 May 2024 09:42 am
Published on:
27 May 2024 09:41 am
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