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सोनकच्छ. देर रात में सडक़ हादसे में भारतीय सेना के जवान सहित तीन की मृत्यु होने के बाद क्षेत्र में गम छाया हुआ है। सैनिक की अर्थी पर तिरंगा लपेटा हुआ था, जिन्हे अंतिम संस्कार के लिए ले जाने लगे तो पूरे गांव में मातम छा गया। वहीं अंतिम यात्रा में ग्रामीणों ने भारत माता की जय हो सुमेरसिंह अमर रहे के नारे लगाए। अंतिम यात्रा में कुमालड़ी सहित आसपास के ग्रामों से बड़ी संया में लोग शामिल हुए। गांव से बाइक पर सैनिक सुमेरसिंह (३५) पिता मिसरसिंह अपने दोस्त सुमेरसिंह (४०) पिता नारायणसिंह, प्रदीपसिंह (३०) दिलीपसिंह के अलावा मामा सोबालसिंह पिता मेहरबानसिंह सेंधव निवासी ग्राम झारखेड़ी के साथ ढाबे पर खाना खाकर लौट रहे थे कि कंटेनर ने चपेट में ले लिया। हादसे में तीनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था।
सैनिक ४५ दिन की छुट्टी पर अपने गांव कुमालडी आया था, जहां पर दोस्तों के साथ एक ही बाइक पर चार व्यक्ति बैठकर ढाबे पर गए थे। मृतक सुमेरसिंह पिता मेसरसिंह के भाई जोजनसिंह ने बताया, आर्मी में सुमेरसिंह आटलरी सेंटर फील्ड रेजीमेंट तिवड़ी पंजाब में पदस्थ थे। उनका परिवार सीहोर में पढ़ाईके हिसाब से निवास करता है और ग्राम में भी आना-जाना है। कुछ दिन बाद ही छुट्टियां खत्म होते ही जाने वाले थे। सुमेरसिंह की शादी ग्राम जामली तहसील इछावर में निशाबाई से 8 साल पूर्व हुई थी, जिनका की एक बेटा यश है। सुमेरसिंह के भाई विजेंद्रङ्क्षसह भाजयुमो ग्रामीण उपाध्यक्ष हैं। मृतक प्रदीप की के 2 बच्चे गोविंद व अनन्या है, वहीं चौथे मृतक सोबलसिंह की शादी नहीं हुई है।
बेटे को लेने के लिए फोन लगाया
हादसे से पहले मृतक सुमेरसिंह पिता नारायणसिंह ने अपने पुत्र को फोन लगाया था कि मुझे लेने के लिए आ जाना मैं आ रहा हूं। पुत्र अपने पिता को लेने के लिए आता तब तक पिता की हादसे में मौत हो चुकी थी। पुत्र को पिता की मृत्यु की जानकारी मिली तो वह बदहवास हो गया था, क्योंकि कुछ देर पहले उसकी पिता से मोबाइल पर बात हुईथी। हादसे की जानकारी मिलते ही परिजनों और मित्रों की सोनकच्छ अस्पताल में भीड़ लग गईथी। रात में विधायक राजेन्द्र वर्मा, जपं उपाध्यक्ष राजेन्द्रसिंह राजपूत, सरपंच संघ अध्यक्ष पप्पी यादव, बब्लू ठाकुर, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष सूरजसिंह ठाकुर, राधेश्याम चौधरी, महेंद्रसिंह तालोद सहित कांग्रेस नेता समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पहुंच गए थे। गुरुवार को चारो शव का पीएम होने के बाद परिजनों को सौंप दिया गया। हादसे के तत्काल बाद मौके पर पहुंचे एएसआई रमेश पचलानिया ने बताया, टक्कर इतनी जोरदार थी कि कंटेनर का अगला हिस्सा दब गया और डिवाइडर पर चढ़ गया। मृतकों के मोबाइल से नंबर निकालकर परिचितों को फोन लगाकर हादसे की सूचना रात में दी गई।
फोटो ०६१७
अंतिम विदाई से पहले सेना के जवान गार्ड ऑफ ऑनर देते हुए।
नोट- सर मृतकों के फोटो प्रथम पेज पर नहीं लगे तो इस खबर के साथ लगा देना।
Published on:
06 Jul 2018 11:17 am
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