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जिले को शासकीय मेडिकल कॉलेज व इंजीनियरिंग कॉलेज की दरकार

हजारों विद्यार्थी जाते हैं इंदौर-उज्जैन के कॉलेेजों में, आज तक नहीं हुई कोई पहल, आने-जाने व बाहर रहने में बढ़ता है खर्च

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जिले को शासकीय मेडिकल कॉलेज व इंजीनियरिंग कॉलेज की दरकार

जिले को शासकीय मेडिकल कॉलेज व इंजीनियरिंग कॉलेज की दरकार

देवास. जिले में शासकीय मेडिकल व इंजीनियरिंग कॉलेज नहीं होने से हजारों विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए इंदौर व उज्जैन की ओर रुख करना पड़ रहा है। ऐसे में इंदौर-उज्जैन आने-जाने व वहां रहने के चलते पढ़ाई के अलावा उनका अन्य खर्च भी बढ़ रहा है। कई बार उन्हें छात्रावासों में भी जगह नहीं मिल पाती। जिले में शासकीय मेडिकल कॉलेज व इंजीनियरिंग कॉलेज की मांग को लेकर जनप्रतिनिधियों ने भी कोई खास पहल नहीं की। आज के दौर में जिले में इन दोनों कॉलेजों की सख्त जरूरत महसूस हो रही है। वर्तमान में जिले में एकमात्र अमलतास मेडिकल कॉलेज व यूनिर्वसिटी ही है जहां मेडिकल की पढ़ाई हो रही है।

रैफर सेंटर बना जिला अस्पतालजिले में मेडिकल कॉलेज के अभाव में मरीजों को निजी अस्पतालों की ओर रुख करना पड़ता है। एकमात्र जिला अस्पताल में इंतजाम नाकाफी होने से यहां गंभीर मरीजों को उपचार नहीं मिल पाता। 90 प्रतिशत गंभीर केस में मरीजों को डॉक्टर तत्काल इंदौर रैफर कर देते हैं। ऐसे में परिजनों को मजबूरी में उन्हें निजी अस्पताल लेकर जाना पड़ता है। वहीं अंचल की बात की जाए तो अंचल में भी स्वास्थ्य सुविधाओं के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने से ज्यादातर केसों में बागली, कन्नौद, खातेगांव क्षेत्र के मरीजों को रैफर कर दिया जाता है।

मेडिकल व इंजीनियरिंग पर सबसे ज्यादा फोकसवर्तमान विद्यार्थी सबसे ज्यादा मेडिकल व इंजीनियरिंग में करियर बनाने में रुचि रख रहे हैं। ऐसे में जिले से हजारों विद्यार्थी इंदौर व उज्जैन के निजी कॉलेजों में एडमिशन लेकर अपना सपना पूरा करना पड़ रहा है। इसमें उनका खर्च भी ज्यादा हो रहा है। वहीं उन्हें घर से दूर रहना पड़ रहा है।

लिखा था पत्र

इस मामले में सामाजिक कार्यकर्ता गोपाल अग्रवाल ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर शासकीय मेडिकल व इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने की मांग की थी। इसके अलावा इंजीनियरिंग कॉलेज के लिए अलग से भी मांग की थी। अग्रवाल ने बताया इस पर तत्कालीन कलेक्टर के निर्देश पर शासकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज से अभिमत मांगा गया था। प्राचार्य ने अपने अभिमत में विद्यार्थियों के हित को देखते हुए देवास में इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने का सुझाव दिया था। इसके बाद अपर कलेक्टर ने तकनीकी उच्च शिक्षा सचिव को पत्र भी लिखा था।

देवास के बहुत नजदीक अमलतास मेडिकल कॉलेज है। ऐसे में मेडिकल की पढ़ाई के लिए अब बच्चों को बाहर जाने की जरूरत नहीं रही। इंजीनियरिंग कॉलेज की यदि मांग आती है तो इसे लेकर जरूर शासन स्तर पर चर्चा करेंगे।

-गायत्री राजे पवार, विधायक, देवास

-जिले में शासकीय मेडिकल व इंजीनियरिंग कॉलेज होना चाहिए। ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को पढ़ने के लिए इंदौर-भोपाल जाना पड़ रहा है। खातेगांव में हमने इंजीनियरिंग कॉलेज व कृषि कॉलेज की मांग रखी है। फिर से इस संबंध में मुख्यमंत्रीजी से चर्चा की जाएगी।-आशीष शर्मा, विधायक, खातेगांव

-नि:संदेह हर जिले में शासकीय इंजीनियरिंग व मेडिकल कॉलेज होना चाहिए। हमारी सरकार बनेगी तो जरूर इस विषय पर विचार किया जाएगा।

-सज्जनसिंह वर्मा, विधायक, सोनकच्छ

-हमने पहले भी मेडिकल व इंजीनियरिंग कॉलेज की मांग की है। देवास में पॉलिटेक्निक कॉलेज खुल चुका है। हमने प्रस्ताव दिया था कि उसी कैंपस में इंजीनियरिंग कॉलेज भी खोला जाए। बड़े शिक्षण संस्थान नहीं होने से हजारों विद्यार्थियों को अन्य शहरों की ओर रुख करना पड़ रहा है।-योगेश रघुवंशी, विभाग प्रमुख, एबीवीपी