26 जुलाई 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

CG News: 12वीं के छात्र ने लगाई फांसी, आदिवासी समाज ने स्टेट हाइवे में किया चक्काजाम

धमतरी

image

Love Sonkar

Nov 14, 2025

CG News: 12वीं के छात्र ने लगाई फांसी, आदिवासी समाज ने स्टेट हाइवे में किया चक्काजाम

आदिवासी समाज ने स्टेट हाइवे में किया चक्काजाम (Photo Patrika)

CG News: धमतरी जिले के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय पथर्रीडीह में कक्षा 12वीं के छात्र द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या करने की घटना से आदिवासी समाज में आक्रोश है। घटना को लेकर सर्व आदिवासी समाज जिला धमतरी ने गुरूवार को कुकरेल चौक (स्टेट हाइवे) में चक्काजाम कर विरोध प्रदर्शन किया। समाजजनों ने विद्यालय प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सर्व आदिवासी समाज के जिलाध्यक्ष जीवराखन मरई ने कहा कि पूर्व में भी विद्यालय में छात्रों के साथ प्रताड़ना की शिकायतें हुई थीं। जांच समिति का गठन भी किया गया था, लेकिन एक भी शिकायत पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

अब इतनी बड़ी घटना का होना यह स्पष्ट संकेत देता है कि विद्यालय प्रबंधन विद्यार्थियों पर अत्याचार और मानसिक दबाव बना रहा है। बाहरी लोगों की नियुक्ति के कारण यह स्थिति उत्पन्न हो रही है। आदिवासी विद्यालयों में नियुक्तियां आदिवासी वर्ग से होना आवश्यक था, लेकिन इस नियम की निरंतर अनदेखी की जा रही है। इस दौरान मृत छात्र के लिए दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई और न्याय की मांग को लेकर नारे लगाए गए।

चक्काजाम को देखते हुए एसडीओपी यशकिरण ध्रुव, टीआई टुमनलाल डड़सेना समेत पुलिस बल तैनात किया गया था। समाजजनों ने 9 सूत्रीय मांगों को लेकर नगरी एसडीएम प्रीति दुर्गम को ज्ञापन सौंपा है। साथ ही 15 दिन के भीतर जांच शुरू नहीं होने तथा जिमेदारों पर कार्रवाई नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी गई है।

चुप नहीं बैठेगा समाज

सर्व आदिवासी समाज के धमतरी तहसील अध्यक्ष जयपाल ठाकुर ने कहा यह आदिवासी क्षेत्र है और एकलव्य स्कूल में आदिवासी बच्चे पढ़ते हैं, जिनकी देखरेख शासन और प्रशासन की जिमेदारी है। अगर शासन अपना काम जिमेदारी से नहीं करेगा, तो समाज चुप नहीं बैठेगा। चक्काजाम में समाज के पदाधिकारी, महिला प्रभाग, युवा प्रभाग एवं बड़ी संया में समाजजन शामिल हुए।

चक्काजाम के दौरान महेश रावटे, विमल नेताम, गजानंद मरकाम, अश्वनी ठाकुर, कृष्णा ठाकुर, सूर्या नेताम, कमलनारायण ध्रुव, ओंकार नेताम, सजल नाग, विनोद मरकाम, राजकुमार मंडावी, नरेश मरकाम, बिसुराम मरकाम, सखाराम नेताम, संतुराम ओटी, भगवान सिंह नेताम, श्रवण नेताम, नीलू छेदैया, चंद्रकला नेताम, चंद्रकिरण नेताम, हर्ष मरकाम, चमेली नेताम, माधुरी रावटे, भूमिका कोर्राम रामेश्वर मरकाम, बंटी मरकाम, अर्जुन मंडावी, खिलेश नेताम समेत आदिवासी समाज के लोग बड़ी संया में उपस्थित थे।

यह है प्रमुख मांगें

पथर्रीडीह मामले की उच्चस्तरीय मजिस्ट्रियल जांच कराने, विद्यालय के प्राचार्य, वार्डन एवं संबंधित शिक्षकों को तत्काल निलंबित करने, मृत छात्र के परिवार को 25 लाख की आर्थिक सहायता और एक सदस्य को शासकीय नौकरी देने, विद्यालयों में छात्रों की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य के लिए स्थाई निगरानी समिति गठन करने, एकलव्य विद्यालयों में स्थानीय आदिवासी युवाओं की नियुक्ति को प्राथमिकता देने आदि मांगें शामिल हैं।