
भारी बारिश से दिखा महानदी का विकराल रूप, तीन लोगों की मौत के साथ 13 मवेशी भी बहे
धमतरी. पिछले दिनों हुई भारी बारिश से तीन लोगों की मौत के साथ ही 13 मवेशी भी कालकवलित हुए हैं। इसके अलावा हजारों हेक्टेयर जमीन में बोई गई फसल भी बर्बाद हो गई है। प्रभावितों ने मुआवजा के लिए गुहार लगाई है।
उल्लेखनीय है कि इस साल मानसून के आगमन के दौरान जिले में अपेक्षाकृत बारिश नहीं हुई थी, जिससे लोगों की परेशानी बढ़ गई थी। खेतों में दरारें उभर आई थी। किसानों को तो कर्ज की चिंता सताने लगी थी। भादो महीने का आगमन होने के साथ ही मानसून भी जिले में मेहरबान हो गया। चार दिनों तक लगातार झमाझम बारिश होने से गांवों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। नदी, नाले ऊफान पर आने से पशुओं की भी मौत हो गई। मेघा एनीकट के पास महानदी में बहने से कुरूद निवासी घनश्याम द्विवेदी की मौत हो गई। नगरी ब्लाक आमबाहारा में नाला को पार करते समय दम्पति को भी अपनी जान से हाथ धोना पड़ा था।
कलक्ट्रेट से मिली जानकारी के अनुसार बाढ़ का सबसे ज्यादा असर कुरूद ब्लाक में पड़ा है। महानदी ऊफान में आने से आस-पास के गांव इसके चपेट में आए थे। धमतरी ब्लाक में ६ गांव के 87, कुरूद ब्लाक में 124 गांव के 14 हजार 860, मगरलोड ब्लाक में 54 गावं के 240 और नगरी ब्लाक में 50 गांव के ७ सौ लोग प्रभावित हुए हैं।
भारी बारिश के चलते कई किसानों की मेहनत पर पानी गिर गया। धान के पौधों में ग्रोथ आ ही रहा था कि पानी में डूब गई है। 2229.47 हैक्टेयर की फसल चौपट हो गई है, जिसमें कुरूद में 2052 हेक्टेयर, मगरलोड में 95 हेक्टेयर और नगरी ब्लाक में 82.47 हेक्टेयर शामिल हैं। नुकसान का आंकलन करने के लिए सर्व कराया जा रहा है।
Published on:
06 Sept 2018 11:18 am
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