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बारिश के बाद बढ़ी मौसमी बीमारी, पर अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी से मायूस लौट रहे मरीज

बीमारियों से पीडि़त मरीज उपचार कराने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पहुंच रहे हैं, लेकिन यहां डॉक्टर समय पर नहीं मिलते

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धमतरी

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Deepak Sahu

Aug 31, 2018

weather disease

बारिश के बाद बढ़ी मौसमी बीमारी, पर अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी से मायूस लौट रहे मरीज

करेली बड़ी. बारिश के साथ-साथ अंचल में मौसमी बीमारी ने भी अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। सर्दी, खांसी, बूखार समेत अन्य बीमारियों से पीडि़त मरीज उपचार कराने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र करेली बड़ी पहुंच रहे हैं, लेकिन यहां डॉक्टर समय पर नहीं मिलते। इसलिए उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ रहा है।

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पिछले चार दिनों से रूक-रूककर बारिश हो रही है, जिससे लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। घरों के आस-पास पानी भरा हुआ है। इसके अलावा सफाई नहीं होने से गंदगी का भी आलम है, जिसका विपरीत असर लोगों के स्वास्थ्य पर पडने लगा है। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र करेली बड़ी में तो धौराभाठा, भोथा, हरदी बेलौदी, कुंडेल, खट्टी समेत आस-पास के गांवों से रोजाना बड़ी संख्या में मरीज आ रहे हैं। उल्लेखनीय है कि एएनएम और एआरएचओ के हड़ताल से पहले ही यहां स्वास्थ्य सुविधाओं का बुराहाल है। ऐसे स्थिति में मरीजों की संख्या बढऩे से परेशानी बढ़ गई है। समय पर उनका उपचार हो रहा है और न ही शिशुओं को टीका लगा रहा है।

एमएमओ हरिशंकर ध्रुव ने कहा कि सर्दी, खांसी के मरीज उपचार कराने आ रहे हैं। मौसमी बीमारी से बचने लोगों को खान-पान पर ध्यान देना चाहिए।

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भारी बारिश के चलते नदी, नाले उफान पर होने से गांवों से संपर्क टूट गए हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में डॉक्टर और लेब टेक्नीशियन रोजाना अप डाऊन करते हैं। इसलिए वे भी समय पर यहां नहीं आ पाते है। उनकी अनुपस्थिति के कारण मरीजों का ब्लड टेस्ट होता है और न ही उपचार। घंटों तक इंतजार करने के बाद भी डॉक्टर नहीं आने पर उन्हें मायूस लौटना पड़ रहा है। नर्स ने पर्ची काटकर दवा थमा रही हैं।