
CG News: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में झोलाछाप डाक्टरों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने अभियान छेड़ दिया है। इसी कड़ी भखारा के ग्राम गाड़ाडीह (आर) निवासी प्रेमलाल देवांगन द्वारा बीते दिनों कलेक्टर जनदर्शन में शिकायत की गई थी कि इसी गांव के रामहरि सिन्हा द्वारा मरीजों को इंजेक्शन लगाने, बाटल चढ़ाने, अपने आप को पेशेवर डॉक्टर बताकर इलाज किया जा रहा है।
सीएमएचओ के निर्देश पर गठित दल ने 11 सितम्बर को ग्राम गाड़ाडीह (आर) में दबिश दी। इस दौरान मौके पर रामहरि सिन्हा और ग्रामीण उपस्थित थे। जांच में पाया गया कि झोलाछाप चिकित्सक के पास एलोपैथी पद्धति से मरीजों के उपचार के लिए वांछित डिग्री दस्तावेज नहीं था, जिससे शिकायतकर्ता की कुछ शिकायत की पुष्टि हुई।
इसके आधार पर जांच दल द्वारा ग्रामीणों एवं चिकित्सक की उपस्थिति में मौके पर ही क्लीनिक को सील किया गया और भविष्य में ऐसे कृत्य नहीं करने की समझाईश दी गई, जिससे किसी तरह की अप्रिय घटना घटित ना हो। सीएमएचओ डॉ यूएल कौशिक ने कहा कि जिले में ऐसे अपंजीकृत चिकित्सक, जो नर्सिंग होम एक्ट का उल्लंघन करते हुए घर-घर जाकर और क्लीनिक लैब अस्पताल संचालित कर अवैध रूप से प्रैक्टिस कर रहे हैं, उनके विरूद्ध लगातार कार्यवाही की जाएगी।
बात दें कि कलेक्टर जनदर्शन में लगातार अपंजीकृत झोलाछाप चिकित्सक के विरूद्ध इंजेक्शन लगाने, बॉटल चढ़ाने, वांछित डिग्री एवं दस्तावेज नहीं होने के बाद भी मनमाने तरीके से एलोपैथी दवाई देने और नर्सिंग होम एक्ट का उल्लंघन करते हुए क्लीनिक संचालित करने के संबंध में शिकायत प्राप्त हो रही। इसके मद्देनजर कलेक्टर नम्रता गांधी के निर्देश पर शिकायत की जांच के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ यूएल कौशिक द्वारा जांच दल का गठन किया गया है। यह टीम पड़ताल कर नर्सिंग होम एक्ट का उल्लंघन करने वालों की जांच कर कार्रवाई करेगी।
Updated on:
13 Sept 2024 05:00 pm
Published on:
13 Sept 2024 05:00 pm
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