
Food department investigation: यदि आप भी होटलों में नाश्ता, ढाबों में भोजन करने के शौकीन हैं, तो बारिश में थोड़ा थम जाए। होटल-ढाबों में स्वच्छता की एक बार जांच जरूर कर लें। लंबे समय बाद कलेक्टर के निर्देश पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने होटल, ढाबों में दबिश दी। अधिकांश होटल और ढाबों में गंदगी मिली। कहीं खराब तेल से समोसे निकाले जा रहे थे, तो कहीं कैमिकल कलर को जलेबी रंग के रूप में उपयोग किया जा रहा था। इसके अलावा अन्य स्थानों में भी गंदगी के साथ कमियां पाई गई।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी फनेश्वर पिथौरा ने बताया कि उनकी टीम ने धमतरी शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों के होटल-ढाबों में दबिश दी। कुकरेल के लक्ष्मी होटल में खराब तेल से नाश्ता निकाला जा रहा था। टीपीएम मीटर से खाद्य तेल की जांच की गई तो पैमाना 24 के ऊपर था। इससे ऊपर तेल का पैमाना आने पर यह उपयोग लायक नहीं रहता। नहर नाका के पास मराठा हांडी, हिन्दू ढाबा, गुप्ता होटल रुद्री, साहू किराना कुकरेल में गंदगी मिली। सभी को स्वच्छता रखने चेतावनी दी गई।
टीम ने रूद्री एवं नगरी के कुकरेल के खाद्य परिसर सुरेश कुमार प्रभुदास, मराठा हांडी रेस्टोरेंट, गोलू हिन्दू ढाबा, जनार्दन 02 होटल, हेमंत दुग्ध डेयरी रूद्री रोड धमतरी, गुप्ता होटल रूद्री, रिंकू होटल, यादव होटल कुकरेल, रूपेन्द्र किराना कुकरेल, अशोका होटल, प्रियांशु भोजनालय, चन्द्राकर ट्रेडिंग, शुभ लक्ष्मी स्वीट्स, साहू होटल एण्ड स्वीट्स तथा अबे प्रोविजन में दबिश देकर जांच की गईं। टीपीएम मीटर से खाद्य पदार्थों को तलने वाले तेज की गुणवत्ता की जांच की गई।
इस मौके पर चलित खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला के माध्यम से खाद्य पदार्थों का सर्वेलेंस अनुरूप कुल 79 नमूना संकलित किया गया। जिसमें 5 अवमानक एवं 3 मिथ्याछाप पाया गया। इस अवसर पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी फनेश्वर पिथौरा, नमूना सहायक गिरजा शंकर, वर्मा सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी फनेश्वर पिथौरा ने कहा कि लोग जागरूकता के अभाव में गाय और श्रीगणेश छाप कैमिकल कलर को जलेबी रंग के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। जबकि यह कलर पेंट में काम आता है। इसका उपयोग खाने के पदार्थ में नहीं करना है। उन्होंने बताया कि जांच कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। धमतरी जिले के लिए 4 टीम बनाई गई है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि खाद्य प्रयोगशाला के जरिए निरीक्षण के दौरान खाद्य कारोबारकर्ताओं को खाद्य परिसरों एवं खाद्य पदार्थों के निर्मित किए जाने वाले जगहों की सफाई व्यवस्था ठीक रखने, गुणवत्तायुक्त खाद्य पदार्थों का उपयोग मिठाईयों एवं नमकीन बनाने में करने, किसी भी निर्मित मिठाईयों या खाद्य पदार्थों में अखाद्य रंगों का उपयोग नहीं करने समझाईश दी गई। साथ ही किराना दुकानों में बिना बैच नंबर, ऐसे खाद्य पदार्थ, जिसमें निर्माण तिथि एवं अवसान तिथि अंकित न हो इसका विक्रय नहीं करने की हिदायत दी गई। अखबारी स्याहीयुक्त कागज में खाद्य पदार्थ नहीं परोसने के लिए भी निर्देशित किया गया है।
Updated on:
28 Jul 2024 08:44 am
Published on:
27 Jul 2024 03:54 pm
बड़ी खबरें
View Allधमतरी
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
