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18 दिनों से आंदोलन कर रहे लिपिकों ने सरकार को दिया अल्टीमेटम, मांगे पूरी नही हुई तो करेंगे उग्र आंदोलन

वेतन विसंगति की समस्या को दूर करने की मांग को लेकर प्रदेशभर के लिपिक पिछले 18 दिनों से रायपुर में आंदोलन कर रहे है

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धमतरी

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Deepak Sahu

Sep 26, 2018

LIPIKA VARG

18 दिनों से आंदोलन कर रहे लिपिकों ने सरकार को दिया अल्टीमेटम, मांगे पूरी नही हुई तो करेंगे उग्र आंदोलन

धमतरी. छत्तीसगढ़ तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के बैनर तले लिपिकों ने हल्ला बोला। अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को वेतन विसंगति दूर करने में हीलाहवाला कर रही है। जल्द ही इसे दूर नहीं किया गया तो दुष्परिणाम भुगतना पड़ेगा।

उल्लेखनीय है कि वेतन विसंगति की समस्या को दूर करने की मांग को लेकर प्रदेशभर के लिपिक पिछले 18 दिनों से रायपुर में आंदोलन कर रहे है। मंगलवार को जिला स्तर पर एक दिवसीय सांकेतिक धरना देकर उन्होंने हड़ताल की। शहर के रामलीला मैदान में आयोजित धरना में करीब 36 संगठनों के सैकड़ों लिपिकों ने एकमंच पर आकर अपनी आवाज बुलंद की।

कर्मचारी नेता राजेन्द्र चन्द्राकर, चंदूलाल चन्द्राकर ने कहा कि राज्य सरकार उनके सब्र का इम्तिहान न लें। यदि सरकार उनकी मांगेे पूरा नहीं करती है, तो उग्र आंदोलन भी करना पड़े तो हम पीछे नही हटेंगे। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता संघ की जिलाध्यक्ष रेवती वत्सल, तृप्ति सेल्लार ने कहा कि राज्य सरकार की हठधर्मिता से कर्मचारियों में गहरा रोष है। वेतन विसंगति को लेकर सालों से संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन राज्य सरकार के पास सबको देने के लिए फंड हैं, लेकिन कर्मचारियों के लिए नहीं है।

प्रदर्शनकारियों में गुलाब यादव, कृपाशंकर मिश्रा, चंदन सिंह तुरंग, चुन्नीलाल तुरिया, यशवंत सिन्हा, गिरवर लाल, होलाराम परिहा, डोमेन्द्र साहू, गुलाब दीवान, मनोज अंगारे, रंजन सार्वा, रेवती वत्सल, राजेन्द्र देवदास, ईश्वरी दयाल साहू, बलवंत राव पवार, उत्तम कुमार साहू, मीना विश्वकर्मा, तृप्ति सेल्लार, राजलक्ष्मी वैष्णव, संतराम साहू, बीएस कश्यप आदि मौजूद थे।

कर्मचारी नेता कृपाशंकर मिश्रा, राजेन्द्र देवदास, रंजन सार्वा ने कहा कि कर्मचारी ही शासन तंत्र के अभिन्न अंग है। देखा जा रहा है कि सबसे ज्यादा उपेक्षित वे ही है। राज्य सरकार जान बुझकर उनकी जायज मांगों को नजरअंदाज कर रही है। सरकार पूरी तरह से असंवेदनशील हो गई है। अब समय आ गया है कि एकजुट होकर हम सबको अपने अधिकारों के लिए लड़ाई तेज करना होगा।

आर-पार की लड़ाई
राजपत्रित अधिकारी संघ के अध्यक्ष लक्ष्मण राव मगर ने कहा कि वर्तमान समय कर्मचारियों के लिए ठीक नहीं है। जब तक हम एकजुटता नहीं दिखाएंगे, सरकार हमारी कमजोरियों का फायदा उठाते रहेगी, इसलिए सभी साथियों को आर-पार की लड़ाई में आगे आना चाहिए।