21 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की घोषणा, किसान कांड में जेल जाने वाले 34 किसानों को मिलेगा 5-5 लाख का मुआवजा

CM Bhupesh Baghel Announcement : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने धमतरी जिले के बहुचर्चित किसान कांड में जेल जाने वाले 34 किसानों को 5-5 लाख रुपए देने की घोषणा की है।

2 min read
Google source verification
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल  की घोषणा,  किसान कांड में जेल जाने वाले 34 किसानों को मिलेगा 5-5 लाख का मुआवजा

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की घोषणा, किसान कांड में जेल जाने वाले 34 किसानों को मिलेगा 5-5 लाख का मुआवजा

धमतरी. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने धमतरी जिले के बहुचर्चित किसान कांड में जेल जाने वाले 34 किसानों को 5-5 लाख रुपए देने की घोषणा की है। किसान नेताओं का कहना है कि भूपेश बघेल वास्तव में किसानों के सच्चे हमदर्द है। उन्होंने हमारी पीड़ा को समझा और सम्मान किया।


शुक्रवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आमंत्रण पर जिला कांगे्रस अध्यक्ष शरद लोहाना के नेतृत्व में किसान कांड में शामिल किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल, जिसमें श्याम गौर, हरमिंदर छाबड़ा, भोलाराम देवांगन, लीलाराम साहू, दयाराम साहू, प्रहलाद साहू, घनाराम साहू, सीताराम सिन्हा, गजेंद्र साहू, महावीर साहू, हरपाल गरेवाल, फागूराम, जागेश्वर साहू, अशोक चांद, अर्जुन पटेल आदि शामिल थे, ने उनसे मुलाकात की।

किसान नेता दयाराम साहू ने बघेल को किसान कांड की याद दिलाते हुए बताया कि किस तरह उन्हें तत्कालीन रमन सरकार ने किसानों के हित में आवाज उठाने पर प्रताडि़त किया। किसानों के ऊपर बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज किया गया। विभिन्न धाराओं के अंतर्गत मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेजकर प्रताडि़त किया गया। मुख्यमंत्री ने उनकी बात को ध्यान से सुनने के बाद जेल जाने वाले किसान नेताओं को 5-5 लाख रुपए देने की घोषणा की, जिसका उन्होंने स्वागत किया।

उल्लेखनीय है कि 9 नवंबर 2009 को छत्तीसगढ़ संयुक्त किसान मोर्चा के बैनरतले धमतरी में हुए आंदोलन के बाद घटित किसान कांड के आरोपी किसानों को न्यायालय में ढाई साल तक न्यायालयीन प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ा था।

करीब 46 दिनों तक सभी 34 आरोपियों को जेल में रहना पड़ा। इसके बाद 30 मार्च 2012 को न्यायालय से किसान कांड मामले में गवाहों और सबूतों के अभाव के आधार पर अंतिम सुनवाई करते हुए सभी को बाइज्जत बरी कर दिया।

इन्हें जाना पड़ा था जेल
किसान कांड में रमन सरकार ने आंदोलन के अगुवा किसान नेता लीलाराम साहू नवागांव कंडेल, श्याम गौर रिसाईपारा, हरमिंदर छाबड़ा सुंदरगंज वार्ड, हरपाल गरेवाल बस्तर रोड, रमेश जोशी बनियापारा, महावीर साहू खरतुली, दयाराम साहू, अर्जुन पटेल, दसरू राम साहू, भुनेश्वर साहू, पालूराम साहू पलारी, प्रहलाद साहू, गजेन्द्र साहू, मनबोध साहू, राधेलाल साहू दर्री, लीलाराम साहू, फागूराम साहू तेलीनसत्ती, भोलानाथ देवांगन अछोटा, प्रेमू गोंड परसुली,

देवेन्द्र कुमार साहू भखारा, जितेन्द्र कुमार साहू भटगांव, भीखम देवांगन मोखा, नंदकुमार उर्फ बंगला सिन्हा डोंड़की, रोशन सिन्हा नवागांव कंडेल, महेन्द्र कुमार सिन्हा भिरई, नोहर लाल सिन्हा कंडेल, सीताराम कलार रांवा, दयाराम साहू गुजरा, जागेश्वर कोसरिया भठेली, मुकेश साहू बिरेतरा, जागेश्वर साहू पीपरछेड़ी, अशोक उर्फ अविनाश चांद बागतराई, रामू साहू लिमतरा शामिल थे, जिन्हें जेल जाना पड़ा।


11 अलग-अलग मामले हुए थे दर्ज


किसान कांड की पुलिस जांच के बाद प्रार्थी एसडीएम अनिल शर्मा, टीआई सपन चौधरी और एएसआई बीआर सिन्हा की रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 418 में धारा 147,148,336,341,353,186 दर्ज है। इसी तरह अपराध क्रमांक 419 में धारा 147,148,332,426,353,186,435 तथा अपराध क्रमांक 421 में धारा 147,148,149,353,186,435 के तहत 34 आरोपियों के खिलाफ जुर्म दर्ज किया गया।